ट्रम्प के टैरिफों को उनकी ही अदालत ने बताया अवैध

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को एक बार फिर अदालत से बड़ा झटका लगा है। अपने टैरिफ बम से पूरी दुनिया में हाहाकार मचाने वाले ट्रंप के ज्यादातर टैरिफों को अमेरिकी अदालत ने गैरकानूनी बताया है। हालांकि अब तक इस पर अदालत ने कोई रोक नहीं लगाई है। ये पहली बार नहीं है जब अमेरिकी कोर्ट ने ट्रंप के किसी फैसले पर सवाल उठाया है। पहले भी ट्रंप के कई आदेशों को अदालत पलट चुकी है। यूएस कोर्ट ऑफ अपील्स फॉर द फेडरल सर्किट ने साफ कहा है कि डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी इमरजेंसी पावर का गलत इस्तेमाल किया है। ट्रंप को कोई भी कानूनी अधिकार नहीं है कि वह दुनिया के हर देश पर मनचाहा टैरिफ लगाएं। राष्ट्रपति को टैरिफ लगाने का असीमित अधिकार नहीं दिया जा सकता है। हालांकि कोर्ट ने अमेरिका की अर्थव्यवस्था को ध्यान में रखते हुए ट्रंप के फैसलों पर तुरंत रोक नहीं लगाई है। उनको इसके लिए अक्टूबर तक का वक्त दिया है। डोनाल्ड ट्रंप के वॉयस ऑफ अमेरिका को खत्म करने के फैसले को कोलोराडो की कोर्ट ने अवैध ठहराया था।
ध्यान रहे ट्रंप के पर्यावरण नियमों को कमजोर करने वाले आदेशों पर भी कैलिफोर्निया कोर्ट ने रोक लगा दी थी। ये फैसले क्लीन एयर एक्ट का उल्लंघन करने वाले थे। वाशिंगटन की एक कोर्ट ने गैर अमेरिकियों के लिए वोटिंग प्रतिबंध को असंवैधानिक माना था। ट्रंप प्रशासन को अप्रैल महीने में एक हफ्ते में 11 मुकदमों में हार का सामना करना पड़ा था। न्यूयॉर्क कोर्ट ने डोनाल्ड ट्रंप के ट्रांसजेंडर स्वास्थ्य अधिकारों को सीमित करने वाले आदेश को भी भेदभावपूर्ण बताते हुए अवैध ठहराया था। अमेरिकी राष्ट्रपति के विदेशी फंडिंग से जुड़े आदेश को भी कोर्ट ने गलत माना था। इसी के साथ अमेरिका में अवैध रूप से रह रहे माता-पिता के बच्चों को मिलने वाली जन्मजात नागरिकता पर प्रतिबंध लगाने के ट्रंप प्रशासन के फैसले पर भी अदालत ने रोक लगाई थी। दस से ज्यादा राज्यों ने कोर्ट में कहा था कि ट्रंप का जन्मजात नागरिकता आदेश साफतौर पर असंवैधानिक है।
इनके साथ कई अन्य अदेश भी हैं,जिनको लेकर ट्रंप को झटका लगा है। अब टैरिफ लगाने के ट्रंप के फैसले को अदालत ने गैरकानूनी बताया है।