बेटी के बहाने मौसमी ने किशोरियों दी सीख

मौसमी चटर्जी ने बेटी मेघा को शादी में जल्दबाजी न करने की सलाह दी है। अभिनेत्री ने अपनी बेटी से अपनी जिंदगी, पसंद और खुशी को प्राथमिकता देने और दूसरों को खुश करने के दबाव से बचने की बात कही। अभिनेत्री मौसमी चटर्जी ने अपनी जिंदगी और शादी के अनुभवों को लेकर खुलकर बात की है। अभिनेत्री ने बेहद कम उम्र में फिल्मी दुनिया में कदम रखा और देखते ही देखते अपनी पहचान बना ली। उन्होंने बंगाली सिनेमा से शुरुआत करने के बाद हिंदी फिल्मों में भी शानदार करियर बनाया। हालांकि, जहां मौसमी ने खुद कम उम्र में शादी कर ली थी, वहीं अब वह अपनी बेटी मेघा मुखर्जी को शादी को लेकर जल्दबाजी न करने की सलाह देती हैं। उनका कहना है कि आज के समय में लड़कियों को अपनी जिंदगी और पसंद को प्राथमिकता देनी चाहिए। मौसमी चटर्जी ने अपनी उम्र और अनुभव का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने भी जिंदगी में गलतियां की हैं। हालांकि, जब उन्हें महसूस हुआ कि कोई गलती दोबारा नहीं करनी चाहिए, तो उन्होंने उसे दोहराया नहीं। उनका मानना है कि इंसान से गलतियां होना स्वाभाविक है, लेकिन उन गलतियों से सीखना ज्यादा जरूरी है। अभिनेत्री ने युवा पीढ़ी से अपनी जिंदगी को अपनी शर्तों पर जीने की बात कही। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अपनी पसंद के मुताबिक जीने का मतलब किसी भी चीज की अति करना नहीं है। उनके मुताबिक, संतुलन बनाए रखना भी उतना ही जरूरी है।
मौसमी चटर्जी ने बातचीत में आज की युवा पीढ़ी के तनाव का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि लोग लगातार दूसरों को कुछ साबित करने की कोशिश में अपनी जिंदगी का आनंद लेना भूल रहे हैं। उनके मुताबिक, इंसान को अपनी पसंद के हिसाब से जीना चाहिए और हर फैसला लोगों की सोच को ध्यान में रखकर नहीं लेना चाहिए। अभिनेत्री ने यह भी कहा कि परिवारों में लंबे समय से लड़कियों को ससुराल संभालने और घर के काम सीखने की जिम्मेदारी दी जाती रही है, लेकिन लड़कों को उसी तरह की जिम्मेदारियां निभाने के लिए तैयार नहीं किया जाता। उन्होंने इस सोच में बदलाव की जरूरत बताई। मौसमी के अनुसार, घर और रिश्तों की जिम्मेदारी सिर्फ महिलाओं की नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि समय बदल चुका है और आज की पीढ़ी के सामने पहले से अलग परिस्थितियां हैं। (हिफी)



