हूती विद्रोहियों की पूरी लीडरशिप को मोसाद ने किया खत्म

इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद के नाम से यूं ही पूरी दुनिया नहीं थर्राती है। उसने इजरायल की आंखों की किरकिरी बने ट्रिपल एच को मिट्टी में मिलाने का प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का ख्वाब पूरा कर दिया है। इस ट्रिपल एच की आखिरी कड़ी थे हुती विद्रोही, जिनकी पूरी टॉप लीडरशिप को इजरायली खुफिया एजेंसी के एक ऑपरेशन ने एक झटके में हलाक कर दिया। दरअसल, ईरान हमास, हिजबुल्ला और हुती विद्रोहियों (ट्रिपल एच) के जरिये सबसे बड़े दुश्मन इजरायल को निशाना बना रहा था। इजरायली हमले में हुती सेना का प्रमुख और चीफ आफ स्टॉफ मुहम्मद अल गामरी भी ढेर हुआ है। गामरी पर दो महीने पहले भी बड़ा हमला हुआ था, लेकिन उसकी जान बच गई थी। गामरी सऊदी अरब, यूएई, इजरायल और लाल सागर में मिसाइल और ड्रोन अटैक का ऑपरेशन नेटवर्क संभालता था। इजरायल की उस पर लंबे वक्त से नजर थी।इजरायली और यमन मीडिया के अनुसार, हमले में यमन सरकार के 10 मंत्री भी मारे गए हैं।
मोसाद ने यमन की राजधानी सना में ऐसा हमला किया, जिसमें प्रधानमंत्री, रक्षा मंत्री, चीफ ऑफ डिफेंस स्टॉफ के साथ कई बड़े मंत्रियों के मारे जाने की खबरें हैं। इस सीक्रेट ऑपरेशन की मोसाद लंबे वक्त से तैयारी कर रही थी।सना में मौजूद अपने खुफिया एजेंट और टेक्निकल सर्विलांस के जरिये मोसाद को जैसे ही पता चला कि यमन सरकार के टॉप नेता और सैन्य कमांडर एक सरकारी इमारत में इकट्ठा हुए हैं। उसने तुरंत ही एफ-35 लड़ाकू विमान को भेज दिया। साथ ही अचूक निशाने वाले हेरोन ड्रोन को भी एक्टिव कर दिया। फिर जैसे ही यमन के शीर्ष नेताओं के फोन और अन्य गैजेट्स के एक जगह पर एक्टिव होने का अलर्ट मिला, फाइटर जेट से निकली मिसाइलों ने इमारत को सेकेंडों में मलबे में तब्दील कर दिया। वहीं हेरोन ड्रोन ने एक अन्य इमारत को इसी तरह निशाना बनाया। इस सीक्रेट हमले में हूती सरकार के 10 से अधिक मंत्री भी हलाक हो गए।यमन में हुती विद्रोहियों की ये सरकार लगातार इजरायल में मिसाइल हमले कर रही थी। साथ ही लाल सागर में इजरायली जहाजों को भी निशाना बनाया गया था। हुती सरकार का सबसे बड़ा चेहरा और ईरान समेत दूसरे देशों की यात्रा करने वाले प्रधानमंत्री अहमद अल रहावी की इस हमले में मौत हो गई है। उसे 10 महीने पहले ही हुती सरकार में प्रधानमंत्री बनाया गया था। रहावी हूती का सबसे बड़ा डिप्लोमैटिक चेहरा था।