धर्मेन्द्र ने पकड़ लिया था राजकुमार का कालर

धर्मेंद्र की एक बार एक्टर राजकुमार के साथ तीखी बहस हो गई थी। यह घटना एक फिल्म की शूटिंग के दौरान हुई थी, जब राजकुमार की बातों से भड़ककर धर्मेंद्र ने उनका कॉलर पकड़ लिया। मामला इतना बढ़ गया कि धर्मेंद्र को सेट छोड़कर जाना पड़ा और मेकर्स को शूटिंग अचानक रोकनी पड़ी।
भारतीय सिनेमा की दमदार हस्ती राजकुमार के अनोखे अंदाज में डायलॉग बोलने और स्क्रीन पर उनकी जबरदस्त मौजूदगी फिल्मों की सफलता की गारंटी मानी जाती थी। उन्होंने मदर इंडिया (1957), वक्त (1965), नील कमल (1968), हीर रांझा (1970), पाकीजा (1972), सौदागर (1991), तिरंगा (1993) और कई अन्य क्लासिक फिल्मों में शानदार अभिनय से अपनी गहरी छाप छोड़ी।राजकुमार के व्यक्तित्व में एक ऐसा रहस्य था, जिसने उन्हें लोगों की तारीफ और डर दोनों ही दिलाए। फिल्म इंडस्ट्री में आने से पहले उन्होंने बॉम्बे पुलिस में सब-इंस्पेक्टर के तौर पर काम किया था। स्क्रीन के बाहर उनका व्यवहार अक्सर उन दमदार किरदारों जैसा ही होता था जो वे निभाते थे, जिसकी वजह से कई साथी कलाकारों के साथ उनके रिश्ते तनावपूर्ण हो जाते थे। फिर भी धर्मेंद्र उन कुछ लोगों में से थे जिन्होंने उनके सामने डटकर बात की।
माना जाता है कि यह घटना 1965 की फिल्म काजल के प्रोडक्शन के दौरान हुई थी। कहा जाता है कि राज कुमार ने धर्मेंद्र की मस्कुलर बॉडी का मजाक उड़ाते हुए डायरेक्टर राम माहेश्वरी से पूछा था कि उन्हें इस रोल के लिए किसी एक्टर की जरूरत है या पहलवान की। हालांकि धर्मेंद्र को बुरा लगा, लेकिन शुरू में वे चुप रहे। बात तब और बिगड़ गई जब राज कुमार ने कथित तौर पर धर्मेंद्र को बंदर कहा और उन पर हंसे, जिससे धर्मेंद्र को गुस्सा आ गया। इसके बाद धर्मेंद्र ने राज कुमार का कॉलर पकड़ लिया। अपनी अलग-थलग रहने वाली और कभी-कभी रूखी पर्सनैलिटी के लिए मशहूर राज कुमार का स्वभाव अक्सर फिल्म की शूटिंग के दौरान साथी कलाकारों के साथ तनाव का कारण बनता था। मशहूर होने के बावजूद, उनकी पर्सनल लाइफ रहस्यमयी थी और कई किस्से उनके ऑफ-स्क्रीन व्यक्तित्व की झलक दिखाते हैं। (हिफी)



