लेखक की कलम

छत्तीसगढ़ में कोयले की दलाली

आर्थिक अपराधा शखा (ईओडब्ल्यू) ने छत्तीसगढ़ में कांग्रेस नेताओं और अफसरों को कोयले की दलाली में लिप्त पाया है। ईओडब्ल्यू के अनुसार इन नेताओं और अफसरों ने 104 करोड़ रुपये डकारे हैं।
छत्तीसगढ़ के कथित कोयला लेवी घोटाले की जांच कर रही आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने करीब 9,500 पन्नों का छठा पूरक चालान विशेष अदालत में दाखिल किया है। चालान में 12 लोगों को आरोपी बनाया गया है, जिनमें कांग्रेस विधायक देवेंद्र सिंह यादव, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल और आईएएस अधिकारी जयप्रकाश मौर्य समेत अन्य लोग शामिल हैं।जांच एजेंसी के मुताबिक, जब्त की गई डायरियों में भवन और सी-पार्टी जैसे नामों से 32 प्रविष्टियां मिली हैं। इन प्रविष्टियों में कुल करीब 104.20 करोड़ रुपये दर्ज होने का दावा किया गया है। ईओडब्ल्यू का आरोप है कि यह रकम अवैध कोयला लेवी से जुटाई गई थी। बाद में इसे पार्टी से जुड़े कामों के लिए पहुंचाया गया। जांच में रकम के संग्रह, वितरण और राजनीतिक गतिविधियों में इस्तेमाल किए जाने की बात भी सामने आई है।
ईओडब्ल्यू के मुताबिक जुलाई 2020 से जून 2022 के बीच कोयला ट्रांसपोर्टर्स से कथित तौर पर 25 रुपये प्रति टन की अवैध लेवी वसूली गई। जांच एजेंसियों के मुताबिक इस पूरे नेटवर्क में राजनेताओं, अधिकारियों, कारोबारियों और बिचैलियों की भूमिका की जांच की गई है। ईडी पहले इस मामले में करीब 540 करोड़ रुपये की कथित अवैध वसूली का उल्लेख कर चुका है।
जांच एजेंसी के मुताबिक तत्कालीन प्रदेश कांग्रेस कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल से जुड़ी डायरियों में भवन और सी-पार्टी के नाम से 32 प्रविष्टियां दर्ज थीं। इनका कुल मूल्य 104.20 करोड़ रुपये बताया गया है। जांच एजेंसी का दावा है कि यह रकम कांग्रेस के राजीव भवन तक पहुंचाई गई, फिर इसका इस्तेमाल पार्टी से जुड़ी गतिविधियो के लिए किया गया।
चालान में भिलाई नगर से कांग्रेस विधायक देवेंद्र सिंह यादव से जुड़ी 11 डायरी प्रविष्टियों का भी जिक्र है। इनमें करीब 3 करोड़ रुपये दर्ज होने की बात कही गई है। ईओडब्ल्यू के अनुसार, इन प्रविष्टियों में खैरागढ़ उपचुनाव से जुड़ी रकम का भी उल्लेख है।
छठे पूरक चालान में रामगोपाल अग्रवाल और देवेंद्र सिंह यादव के अलावा विनोद तिवारी, रामप्रताप सिंह, चंद्रदेव राय, जयप्रकाश मौर्य, पीयूष कुमार साहू, जोगेन्दर सिंह, अनुराग चैरसिया, दीपेश टांक, सुनील कुमार अग्रवाल और राहुल मिश्रा के नाम
शामिल हैं। ईओडब्ल्यू ने मामले में आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, जबरन वसूली, जालसाजी और भ्रष्टाचार निवारण कानून की धाराओं के तहत आरोप
लगाए हैं। (अशोक त्रिपाठी-हिफी फीचर)

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