धर्मपाल की सांगठनिक क्षमता पर भरोसा

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा के लिए 20 27 के विधानसभा चुनाव मंे उत्तर प्रदेश सबसे प्रमुख है। यहां पर भाजपा जीत की हैट्रिक लगाना चाहती है। इसीलिए बहुत सोच-समझकर गोटियां बिछाई जा रही हैं। चुनाव रणनीति में माहिर विनोद तावड़े को प्रदेश का प्रभार सौंपा गया तो संगठन को अभेद्य बनाने के लिए पार्टी ने धर्मपाल सिंह की सांगठनिक क्षमता पर ही पुनः विश्वास जताया है। प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह को भाजपा ने फिर से उत्तर प्रदेश जेसे अतिमहत्वपूर्ण राज्य की जिम्मेदारी सौंपी है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने सभी प्रदेशों के महामंत्री संगठन के अलावा राष्ट्रीय सहमहामंत्री संगठन के प्रभार और केन्द्र निर्धारण के साथ ही संगठकों की तैनाती व जिम्मेदारियों को बंटवारा गत 24 सितम्बर कर दिया है। इस संबंध में भाजपा के राष्ट्रीय मुख्यालय प्रभारी तरुण चुग ने पत्र भी जारी कर दिया। यूपी के ब्रज क्षेत्र मंे अभय गिरी के रूप मंे पहली बार संगठक की तैनाती की गयी हैं उनका केन्द्र आगरा होगा। इससे पहले राष्ट्रीय महामंत्री और चुनाव के कुशल रणनीतिकार बीएल संतोष के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक हुई थी जिसमें प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह भी मौजूद थे। उस बैठक में बूथ स्तर से जिला स्तर तक चुनाव की तैयारी की जो रूपरेखा बनी थी, उस पर कार्य धर्मपाल सिंह पहले से कर रहे हैं। अब, जब दूसरी बार उन पर पार्टी ने भरोसा जताया तो धर्मपाल ने 24 सितम्बर को ही राज्य मुख्यालय मंे धर्मपाल ने चुनाव तैयारियों को लेकर बैठक की। धर्मपाल ने कहा कि संगठन की शक्ति और कार्यकर्ताओं ने परिश्रम के बल पर प्रत्येक मतदाता तक पहुंचना तथा उसे मतदान केन्द्र तक लाना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए।
भाजपा ने 22 प्रदेशों के संगठन महामंत्रियों के नामों की घोषणा कर दी है। इस सांगठनिक फेरबदल और विस्तार में पार्टी ने यूपी में धर्मपाल सिंह पर भरोसा बरकरार रखा है। धर्मपाल सिंह को फिर से यूपी प्रदेश महामंत्री (संगठन) की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वह वर्ष 2022 से लगातार उत्तर प्रदेश भाजपा में संगठन महामंत्री का कार्यभार संभाल रहे हैं।
धर्मपाल सिंह को लंबे समय से यूपी में काम करने का अनुभव है। वह मूलरूप से यूपी के बिजनौर के ही रहने वाले हैं। धर्मपाल सिंह ने मैकेनिकल इंजीनियर की पढ़ाई करने के बाद 1986 में राजनीति में प्रवेश किया था। वर्ष 1986 में वे विद्यार्थी परिषद में आए थे और 1990 में पूर्णकालीन कार्यकर्ता के रूप में कार्य शुरू किया था।सबसे पहले धर्मपाल को पश्चिमी यूपी के संगठन मंत्री और राष्ट्रीय मंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। धर्मपाल 1990 से विद्यार्थी परिषद में पूर्णकालिक रहे। वे यूपी और उत्तराखंड के संयुक्त क्षेत्रीय संगठन मंत्री भी रहे। इसके अलावा उत्तराखंड, पश्चिम उत्तर प्रदेश, ब्रज और पूर्वी उत्तर प्रदेश के संगठन मंत्री की काम भी देख चुके हैं। 2017 के विधानसभा चुनावों में संघ की ओर से बीजेपी के लिए काम किया। जुलाई 2017 में झारखंड में भाजपा के संगठन महामंत्री की जिम्मेदारी मिली। इस दौरान पहली बार नगर निगमों, जिला परिषदों में बीजेपी को जीत दिलाई। उन्होंने पांच वर्षों तक झारखंड में संगठन को मजबूत किया। धर्मपाल ने 2020 के बिहार, 2021 के असम और 2022 के उत्तर विधानसभा चुनावों में भी बीजेपी को जीत दिलाने में बड़ी भूमिका निभाई। इसके बाद से 2022 से लगातार यूपी में प्रदेश महामंत्री संगठन का काम देख रहे हैं। बता दें कि धर्मपाल सिंह यूपी में भाजपा सरकार लाने के लिए फिर से जमीनी स्तर पर जुटे हुए हैं। वे कार्यकर्ताओं से यूपी चुनाव 2027 में बूथ जीता तो चुनाव जीता के मंत्र पर काम करने के लिए फोकस कर रहे हैं। इसके लिए वे लगातार क्षेत्र में घूम कर संवाद कर रहे हैं।
विधानसभा चुनाव 2027 से पहले बीजेपी ने हर घर तक पहुंचने का प्लान तैयार कर लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन 17 नवंबर से शुरू हो रहे सेवा संकल्प अभियान के दौरान पार्टी यह एक्सरसाइज पूरी करेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बीएल संतोष की मौजूदगी में हुई कोर कमिटी की बैठक में संकल्प अभियान को सफल बनाने के साथ ही विधानसभा चुनाव 2027 के रोडमैप पर मंथन हुआ। बीएल संतोष ने विधानसभा चुनाव की तैयारियों के मद्देनजर सरकार और संगठन की तैयारियों का फीडबैक लिया। तय किया गया कि चुनाव यह संकल्प अभियान चुनाव से पहले हर वर्ग और खासकर युवाओं को अपने साथ जोड़ने का बेहतर अवसर हो सकता है।
कोर कमिटी की बैठक में राष्ट्रीय महामंत्री संगठन ने सरकार और संगठन के बेहतर समन्वय से सेवा संकल्प अभियान को प्रभावी ढंग से चलाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि हमें हर वर्ग तक पहुंचना है। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने कृतित्व से सेवा शब्द के मूल भाव को जन-जन तक पहुंचाया है। उसे शासन की संस्कृति बनाया है। एक महीने चलने वाले इस अभियान के जरिए युवाओं के साथ ही महिलाओं, बुजुगों और हर लाभार्थी तक पहुंचने का लक्ष्य रखा गया है। 17 सितंबर को हर बूथ पर प्रत्येक लाभार्थी परिवार आर्शीवाद का दीप जलाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 25 वर्ष की जनसेवा के प्रति आभार व्यक्त किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि स्कूल-कॉलेजों में प्रतियोगिताओं के जरिए ज्यादा से ज्यादा युवाओं तक पहुंचना है। उन्हें लोगों के जीवन में आए बदलाव, देश में हुए सकारात्मक कामों और वैश्विक छवि में आए बदलाव के बारे में बताना है। उन्होंने कहा कि इन कार्यक्रमों का सोशल मीडिया के विभिन्न प्लैटफॉर्म पर प्रभावी ढंग से प्रचार-प्रसार भी जरूरी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस संबंध में सरकार की तैयारियों पर चर्चा की। प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह ने संगठन के स्तर पर की गई तैयारियां साझा कीं। बैठक में पार्टी के मोर्चा-प्रकोष्ठों के जल्द गठन पर सहमति बनी। राष्ट्रीय महामंत्री संगठन ने कहा कि इनके गठन के बाद संगठन की योजना के अनुसार अधिक से अधिक प्रवास किए जाएं।
नवंबर में प्रस्तावित 11 विधान परिषद सीटों की तैयारियों पर भी चर्चा हुई। बीजेपी पांच प्रत्याशी घोषित कर चुकी है। नवंबर में राज्यसभा की 10 सीटें भी खाली हो रही हैं। इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मेदी, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के आगामी दिनों में होने वाले दौरों-कार्यक्रमों को लेकर भी चर्चा की गई। बैठक में यूपी प्रभारी विनोद तावड़े, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष और केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चैधरी, प्रदेश महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह, दोनों डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक शामिल हुए। (अशोक त्रिपाठी-हिफी फीचर)



