लेखक की कलम

विरोध में भी कांग्रेस-आप साथ नहीं

एसआईआर को लेकर विपक्षी दल जबर्दस्त विरोध जता रहे हैं और नेतृत्व कांग्रेस कर रही है लेकिन अरविन्द केजरीवाल की आम आदमी पार्टी (आप) कांगे्रस के नेतृत्व को नकारना चाहती है। इसीलिए 7 अक्टूबर को एक तरफ राहुल गांधी और प्रियंका गांधी जंतर-मंतर जाने के लिए पुलिस से भिड़ रहे थे तो दूसरी तरफ आम आदमी पार्टी के नेता कश्मीरी गेट इलाके मंे दिल्ली चुनाव आयोग के दफ्तर के सामने ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा मांग रहे थे। आम आदमी पार्टी के विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व सौरभ भारद्वाज कर रहे थे। उनकी शिकायत थी कि आप ने इंडिया गठबंधन के सभी घटकों को आमंत्रित किया लेकिन कोई नहीं आया। ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस के स्टूडेंट विंग एनएसयूआई के कार्यकर्ता भी कश्मीरी गेट पहुंचे लेकिन तक, जब आप का प्रदर्शन खत्म हो चुका था। इससे पहले वामपंथी दलों का भी विरोध प्रदर्शन उसी जगह हुआ। इस प्रकार ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन में विपक्ष बिखरा-बिखरा दिख रहा है। हालांकि काॅकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने भी 10 अक्टूबर से दिल्ली मंे इसी मुद्दे पर प्रदर्शन की चेतावनी दे रखी है। उधर, भाजपा के नेता प्रदर्शनकारियों का विरोध कर रहे हैं। बिहार के सांसद गिरिराज सिंह कहते हैं कि कसाई के श्राप से गाय नहीं मरती। भाजपा के अन्य नेता भी चुनाव आयोग को क्लीन चिट दे रहे हैं।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ तमाम विपक्षी पार्टियां विरोध प्रदर्शन कर रही हैं और इस बीच आप और कांग्रेस में क्रेडिट को लेकर जंग भी छिड़ गई है। एसआईआर को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शन के बीच विपक्ष के दलों में अपना ही कंपटीशन चल रहा है। एक तरफ, राहुल गांधी जंतर-मंतर जाने के लिए पुलिस से भिड़ रहे थे तो दूसरी तरफ, आम आदमी पार्टी के नेता कश्मीरी गेट इलाके में दिल्ली चुनाव आयोग के दफ्तर के बाहर ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दो के नारे लगा रहे थे। आम आदमी पार्टी के प्रोटेस्ट को सौरभ भारद्वाज ने लीड किया। सौरव भारद्वाज ने बताया कि आम आदमी पार्टी के प्रदर्शन में शामिल होने का न्योता इंडी अलायंस की दूसरी पार्टियों को भी दिया गया था लेकिन कोई नहीं आया। ये गलत है। ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सबको मिलकर प्रोटेस्ट करना चाहिए।
बताते हैं जैसे ही आम आदमी पार्टी का प्रोटेस्ट खत्म हुआ तो उसी जगह पर लेफ्ट फ्रंट के कार्यकर्ता पहुंच गए। उन्होंने भी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारेबाजी की। लेफ्ट का प्रोटेस्ट खत्म हुआ तो कांग्रेस की स्टूडेंट विंग एनएसयूआई के कार्यकर्ता दिल्ली चुनाव आयोग के दफ्तर के बाहर प्रोटेस्ट करने पहुंच गए। कांग्रेस के वर्कर्स ने भी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारे लगाए। कांग्रेस और लेफ्ट का ये रुख आम आदमी पार्टी के नेताओं को अखर गया। आम आदमी पार्टी के विधायक संजीव झा ने कहा कि कांग्रेस बीजेपी के बजाय आम आदमी पार्टी से लड़ने में ताकत लगा रही है। इससे साफ है कि वोट चोरी जैसे बड़े मुद्दे पर भी कांग्रेस गंभीर नहीं है। आम आदमी पार्टी को कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि जो बीजेपी से लड़ना चाहता है, उसे राहुल के साथ आना होगा। जो पार्टियां अपनी अलग-अलग ढपली बजा रही हैं, उनका कोई भविष्य नहीं है।
ज्ञानेश कुमार के मुद्दे पर कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच क्रेडिट की जंग चल रही है। इसी बीच एक तीसरा मोर्चा भी खुल गया। अब सीजेपी ने 10 अक्टूबर से जंतर-मंतर पर प्रोटेस्ट की कॉल दे दी है। सीजेपी के लीडर्स ने दिल्ली पुलिस को अपने प्रोटेस्ट की लिखित जानकारी दी है और ऐलान कर दिया कि जब तक ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देंगे, तब तक जंतर-मंतर पर मजमा लगा रहेगा। संसद मार्ग थाने में पुलिस अफसरों से मुलाकात के बाद सीजेपी के फाउंडर मेंबर सौरभ दास ने कहा कि किसी भी डेमोक्रेसी में प्रोटेस्ट के लिए परमिशन की जरूरत नहीं होती है। सीजेपी ने अपने प्रदर्शन की जानकारी पुलिस को दी है ताकि पुलिस ट्रैफिक डायवर्जन से लेकर सिक्योरिटी अरेंजमेंट्स को दुरुस्त कर ले। सौरव दास ने कहा कि जंतर-मंतर पर होने वाला आंदोलन सीजेपी का नहीं, देश के नौजवानों का है और युवा तभी जंतर-मंतर से उठेंगे जब उनकी मांगें पूरी हो जाएंगी। उधर, प्रदर्शन के दौरान प्रियंका गांधी ने सड़क पर लेटे रहने की बहुत कोशिश की, लेकिन दिल्ली पुलिस ने राहुल संग हिरासत में ले लिया।
एसआईआर और चीफ इलेक्शन कमिश्नर के खिलाफ इंडिया ब्लॉक का प्रदर्शन के तीसरे दिन कांग्रेस ने अपने सभी सांसदों और मुख्यमंत्रियों को दिल्ली बुलाया। कांग्रेस के साथ टीएमसी, लेफ्ट पार्टियों के साथ-साथ दूसरे दल भी विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए। इस बीच ममता बनर्जी भी दिल्ली पहुंच गयी। ंवहीं, बेंगलुरू में आज सीजेपी फ्रीडम पार्क में प्रोटेस्ट कर रही थी। ये प्रोटेस्ट ज्ञानेश और महिलाओं पर हो रही हिंसा के खिलाफ था। सीजेपी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रही है। इस प्रोटेस्ट के बाद 10 अक्टूबर को भी सीजेपी ने दिल्ली में प्रोटेस्ट की घोषणा की है।
कांग्रेस ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी को हिरासत में लिए जाने और 6-7 अक्टूबर को प्रोटेस्ट के दौरान कथित बदसलूकी के खिलाफ ब्लैक डे मनाना। कांग्रेस का आरोप है कि प्रोटेस्ट के दौरान पुलिस ने हाथापाई और बदसलूकी की। कांग्रेस ने सर्कुलर जारी करके सांसदों को दिल्ली में उपस्थित रहने को कहा है।
अभिजीत दीपके के नेतृत्व वाली कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर 10 अक्टूबर से दिल्ली में विरोध प्रदर्शन करने की तैयारी कर रही है। इस बीच, केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को बेकार बताया है। आठवले ने कहा कि विरोध प्रदर्शन चाहे कितना भी हो, ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देंगे। साथ ही उन्होंने चेताया है कि अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल जारी रहा, तो उनकी पार्टी आंदोलन करेगी।केंद्रीय मंत्री ने कहा, ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध करने की कोई जरूरत नहीं है। अभिजीत दीपके महाराष्ट्र से हैं और दलित और बौद्ध समुदायों का प्रतिनिधित्व करते हैं। उन्होंने पहले भी मुंबई में विरोध प्रदर्शन किए हैं जिनमें नीट पेपर लीक मामले से जुड़ा विरोध भी शामिल है। हालांकि अभी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध करने की कोई जरूरत नहीं है।
आठवले ने कहा कि वोटर लिस्ट से अयोग्य मतदाताओं के नाम हटाना चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है। कई नागरिक रोजगार के लिए एक राज्य से दूसरे राज्य जाते हैं इसलिए, उन्होंने वोटर लिस्ट को अपडेट और सही रखने की जरूरत पर जोर दिया। इस मामले में ज्ञानेश कुमार की कोई गलती नहीं है। वह वोटर लिस्ट को सही रखने की कोशिश कर रहे हैं। वह पारदर्शी चुनाव कराने, वोटर लिस्ट की गलतियों को सुधारने और वापस लिये गए अधिकारों को बहाल करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इसलिए उनके इस्तीफे की मांग करना बेमतलब है।
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने बिहार के बेगूसराय में राहुल गांधी और तेजस्वी यादव पर बड़ा हमला बोला है। राहुल गांधी द्वारा चुनाव आयोग, पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को सजा मिलने की बात कहे जाने पर कहा कि कसाई के श्राप से गाए नहीं मरती हैं। गिरिराज ने कहा कि कुछ लोग कसाई हैं जो चाहते हैं गाय मरे। वहीं, तेजस्वी के गुस्सा यात्रा पर गिरिराज सिंह ने कहा कि पहले भी वह दिलों-दिमाग खराब वाले राहुल गांधी के साथ 2 महीने तक घूमे थे लेकिन एक भी नाम काटने वाले का नाम सामने नहीं ला पाए। इस प्रकार एसआईआर और ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन बिखरा-बिखरा नर आ रहा है। (अशोक त्रिपाठी-हिफी फीचर)

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