मजदूरों की मौत पर दक्षिण कोरिया में सीईओ को सजा

सियोल। साउथ कोरिया के सुप्रीम कोर्ट ने लिथियम बैटरी बनाने वाली कंपनी एरीसेल के प्रमुख को चार साल की जेल की सजा सुनाई है। इस कंपनी की फैक्ट्री में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम न होने के कारण साल 2024 में वहां भीषण आग लग गई थी, जिसमें 23 कर्मचारियों की मौत हो गई थी और नौ लोग घायल हो गए थे। अब 21 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट ने एरीसेल के सीईओ पार्क सून-क्वान को यह सजा सुनाई।
इससे पहले शुरुआत में सून-क्वान को एक जिला अदालत ने 15 साल की जेल की सजा सुनाई थी। उन पर सियोल से 45 किलोमीटर दक्षिण में स्थित ह्वासेओंग की फैक्ट्री में सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपनी जिम्मेदारियों का उल्लंघन करने का आरोप था। यह जुर्म सीरियस एक्सीडेंट्स पनिशमेंट एक्ट यानी गंभीर दुर्घटना दंड अधिनियम के तहत आता है। यह कानून 2022 में लागू हुआ था। जब जिला अदालत ने सून-क्वान को 15 साल की सजा सुनाई थी तो वह किसी सीईओ को दी गई यह अब तक की सबसे सख्त सजा थी। हालांकि, अपील कोर्ट ने सजा को घटाकर चार साल की जेल कर दिया। कोर्ट ने सून-क्वान और उनके बेटे (जो कंपनी में मैनेजिंग डायरेक्टर हैं) को एक मुख्य आरोप से बरी कर दिया। यह आरोप था कि उन्होंने फैक्ट्री की दूसरी मंजिल पर इमरजेंसी एग्जिट नहीं बनवाया था। कोर्ट ने कहा कि सुरक्षा नियमों में हर मंजिल पर एग्जिट होना अनिवार्य नहीं है।
योनहाप न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार इस कानून के तहत, औद्योगिक दुर्घटनाओं में किसी की मौत होने पर, कंपनी के मालिकों या सीईओ को कम से कम एक साल की जेल और/या अधिकतम 1 बिलियन वॉन (7 करोड़ रुपए) तक का जुर्माना हो सकता है। (हिफी)



