जिनपिंग ने ट्रम्प से कहा प्रतिद्वन्द्वी नहीं साझीदार बने

चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने 23 सितम्बर को वॉशिंगटन पहुंचने के बाद चीन और अमेरिका के रिश्तों को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों को प्रतिद्वंद्वी नहीं, साझेदार बनना चाहिए। शी ने भरोसा जताया कि बदलते दौर में चीन और अमेरिका आपसी संबंधों को आगे बढ़ाने का सही रास्ता निकाल सकते हैं। शी जिनपिंग अपनी पत्नी पेंग लियुआन के साथ अमेरिका पहुंचे। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनकी पत्नी मेलानिया ट्रंप ने ज्वाइंट बेस एंड्रयूज पर उनका स्वागत किया। एयरपोर्ट पर अमेरिकी वायुसेना के बैंड ने प्रस्तुति दी और दोनों देशों के झंडे भी लगाए गए।
बताया गया कि वर्ष 1962 के बाद यह पहली बार है, जब किसी अमेरिकी राष्ट्रपति ने सैन्य अड्डे पर व्यक्तिगत रूप से किसी विदेशी नेता का स्वागत किया है। 1962 में तत्कालीन राष्ट्रपति जॉन एफ। कैनेडी ने ब्रिटिश प्रधानमंत्री हेरोल्ड मैकमिलन का स्वागत किया था। चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, शी जिनपिंग ने अपने लिखित संबोधन में अमेरिकी जनता को चीनी लोगों की ओर से शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि चीन और अमेरिका दोनों महान देश हैं और दोनों देशों के लोग भी महान हैं। शी ने कहा कि चीन और अमेरिका के लोगों के बीच लंबे समय से मैत्रीपूर्ण संपर्क रहे हैं और दोनों देशों के हित आपस में गहराई से जुड़े हुए हैं।
शी जिनपिंग ने कहा चीनी राष्ट्र का महान पुनरुत्थान और अमेरिका को फिर महान बनाने का लक्ष्य साथ-साथ आगे बढ़ सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देश एक-दूसरे की सफलता में मदद कर सकते हैं और पूरी दुनिया के कल्याण को आगे बढ़ाने में योगदान दे सकते हैं। (हिफी)



