जंग का अखाड़ा बना था सुशासन तिहार

छत्तीसगढ़ में सत्तारूढ़ भाजपा मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचा रही है। इसी क्रम मंे बिलासपुर के बिल्हा में ‘सुशासन तिहार’ का आयोजन हुआ था। राज्य के विकास और
जन समस्याओं को लेकर भाजपा विधायक धरमलाल कौशिक और कांग्रेस नेता राजेन्द्र शुक्ला आपस मंे भिड़ गये। वरिष्ठ जन प्रतिनिधियों ने हस्तक्षेप कर किसी तरह स्थिति को संभाला।
बिलासपुर जिले के बिल्हा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम गोढ़ी में आयोजित सुशासन तिहार कार्यक्रम उस समय पूरी तरह से एक राजनीतिक अखाड़े में तब्दील हो गया, जब मंच पर ही बिल्हा विधायक धरमलाल कौशिक और वरिष्ठ कांग्रेस नेता राजेंद्र शुक्ला के बीच जनता की समस्याओं और विकास कार्यों को लेकर बेहद तीखी बहस छिड़ गई। दोनों नेताओं के बीच जमकर बहस हुई। इस विवाद के दौरान मौके पर माहौल गरमा गया। दोनों नेताओं के बीच हुई बहस का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था। जानकारी के अनुसार, सुशासन तिहार के शिविर में कांग्रेस नेता राजेंद्र शुक्ला भी पहुंचे थे। राजेंद्र शुक्ला ने किसानों को समय पर खाद-बीज न मिलने, बिजली-पानी की किल्लत होने और क्षेत्र की बदहाल सड़कों सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं का मुद्दा उठाते हुए सीधे सरकार व प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यप्रणाली को कटघरे में खड़ा कर दिया। साथ ही उन्होंने जनता के आवेदनों के त्वरित निराकरण न होने पर भी गहरी नाराजगी जताई। कांग्रेस के इन गंभीर आरोपों पर पलटवार करते हुए मंच पर मौजूद विधायक धरमलाल कौशिक ने वर्तमान सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और क्षेत्र में हुए विकास कार्यों का पुरजोर पक्ष रखा। इसके बाद दोनों दिग्गज नेताओं के बीच गर्मागर्म नोकझोंक शुरू हो गई। नेताओं की इस बहस को देखकर कार्यक्रम में मौजूद ग्रामीण भी अपनी-अपनी समस्याओं को लेकर मुखर हो गए और पंडाल का माहौल अचानक बेहद तनावपूर्ण हो गया।
इस दौरान दोनों पक्षों के समर्थकों के बीच जमकर नारेबाजी भी देखने को मिली, जहां एक ओर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जनसमस्याओं को लेकर सरकार विरोधी नारे लगाए, तो वहीं दूसरी ओर भाजपा समर्थकों ने सरकार की उपलब्धियों के नारे बुलंद किए। आखिरकार, मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों और अन्य वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों के बीच-बचाव व हस्तक्षेप के बाद जैसे-तैसे स्थिति को संभाला जा सका, लेकिन सुशासन तिहार के मंच पर हुई भाजपा और कांग्रेस नेताओं की इस हाई-प्रोफाइल सियासी भिड़ंत ने पूरे आयोजन को पूरी तरह से राजनीतिक रंग दे
दिया है। यह नोकझोंक की घटना पूरे बिल्हा क्षेत्र में जमकर चर्चा का विषय बना था। राज्य मंे विधानसभा चुनाव भले ही दूर हैं लेकिन कांग्रेस भी जनता के बीच अपनी मौजूदगी दिखा रही है। (अशोक त्रिपाठी-हिफी फीचर)



