लेखक की कलम

पायलट मच्छार को गुजरात सरकार देगी विशेष अवार्ड

दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट को 30 सितम्बर को को-पायलट ने ही हाईजैक करने की कोशिश की, लेकिन भारतीय कैप्टन स्मित मछार ने इसे नाकाम कर दिया। स्मित मछार की सूझबूझ के चलते ही विमान में सवार 174 लोगों की जान बच सकी। अब इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी स्मित मछार की बहादुरी को सलाम किया है। इसके साथ ही अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प, भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी पायलट की तारीफ की। गुजरात सरकार ने विशेष अवार्ड देने की घोषणा की।
नेतन्याहू ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि मैं भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मछार को उनकी असाधारण बहादुरी के लिए सलाम करता हूं। नेतन्याहू ने लिखा, चाकू लगने और गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद, उन्होंने मुकाबला किया, विरोध किया, कॉकपिट का दरवाजा खोला और यात्रियों और क्रू को हमलावर पर काबू पाने में मदद की, जिससे हवा में एक बड़ी दुर्घटना टल गई। उन्होंने कहा कि कैप्टन मछार के कारण ही इजरायली नागरिकों समेत 174 लोगों की जान बच सकी। नेतन्याहू ने कहा कि मैं कैप्टन मछार के जल्द और पूरी तरह ठीक होने की कामना करता हूं। वह एक सच्चे हीरो हैं।
फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, तेल अवीव जाने वाली फ्लाइट दुबई से रवाना हुई और 34,000 फीट की ऊंचाई पर पहुंच गई।
उड़ान भरने के दो घंटे 15 मिनट बाद, बोइंग 737 अचानक तेजी से नीचे की ओर गया। यह एक मिनट से भी कम समय में 34,000 फीट से गिरकर लगभग 17,000 फीट पर आ गया।
हुआ ये था कि ओमानी को-पायलट ने चाकू से कैप्टन स्मित मछार पर हमला कर दिया था। इसके बावजूद कैप्टन स्मित ने सूझ-बूझ दिखाते हुए कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया था। इस कारण यात्रियों और क्रू को कॉकपिट में आने और हमलावर का मुकाबला करने का मौका मिल गया। सभी ने मिलकर फिर हमलावर को काबू में ले लिया। इस फ्लाइट में कुल 180 लोग सवार थे, जिनमें 174 यात्री थे। इनमें से 166 इजरायली नागरिक थे। इस पूरी घटना के बाद फ्लाइट में ही यात्रा कर रहे पायलटों ने कंट्रोल संभाला और फ्लाइट की सऊदी अरब में इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। हमला करने वाले को-पायलट को गिरफ्तार कर लिया गया है और सऊदी अरब की एजेंसियां उसकी जांच कर रही हैं। वहीं कैप्टन स्मित का इलाज चल रहा है।
पूरी दुनिया भारतीय कैप्टन स्मित की बहादुरी की तारीफ कर रही है। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय पायलट की तारीफ करते हुए कहा है कि कैप्टन स्मित ने धैर्य, सूझबूझ और साहस का परिचय दिया है। पूरी दुनिया कैप्टन स्मित पर गर्व कर रही है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा स्मित का पराक्रम देश के लिए गर्व की बात है। पीएम मोदी ने बताया कि उन्होंने कैप्टन के माता-पिता और पत्नी से बात की है। पूरा देश कैप्टन स्मित की दीघार्यु के लिए प्रार्थना करे।
ब्रिटिश न्यूज एजेंसी द गार्डियन ने लिखा- स्मित मच्छार फ्लाई दुबई के विमान के कॉकपिट में खून से लथपथ जमीन पर पड़े थे, तभी उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने वाला बटन दबाया। इससे यात्री और क्रू अंदर आ सके, हमलावर को काबू में कर सके और प्लेन में सवार 174 यात्रियों की जान बच सकी। मच्छार के साथी पायलट ने उन्हें चाकू मार दिया था। ऐसा लगता है कि वह दुबई से तेल अवीव जा रहे प्लेन को क्रैश करने की कोशिश कर रहा था। मच्छार उन कई लोगों में से एक हैं जिन्हें हीरो माना जा रहा है। उन्होंने उस हमलावर से प्लेन का कंट्रोल वापस हासिल किया जिसने कथित तौर पर फ्लाइट को क्रैश करने की कोशिश की थी। मच्छार कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाब रहे, जिससे दूसरे यात्री अंदर आ सके और प्लेन का कंट्रोल अपने हाथ में ले सके। इसमें कोई शक नहीं कि इसी वजह से प्लेन में सवार सभी यात्रियों की जान बच गई।
रॉयटर्स ने लिखा- इजरायल जा रहे फ्लाई दुबई के विमान को क्रैश होने से बचाने के लिए हीरो माने जाने वाले भारतीय पायलट स्मित मच्छार के बचपन के सपनों में एविएशन कभी शामिल नहीं था। मच्छार का ध्यान परिवार के टेक्सटाइल बिजनेस पर था, लेकिन 19 साल की उम्र में उन्हें एविएशन का शौक लग गया। अब हजारों घंटे की उड़ान के बाद भी, मच्छार एविएशन के प्रति अपने प्यार को कॉकपिट तक ही सीमित रखते हैं और जमीन पर मौजूद लोगों से इस बारे में बात करने से हिचकिचाते हैं। स्मित मच्छार बोइंग 737 के अनुभवी कैप्टन हैं, जिन्होंने लगभग 15 साल के करियर में करीब 9,750 घंटे की उड़ान भरी है।
इजरायल की राजनीति पर पड़ेगा प्रभाव
इजरायल में इसी महीने आम चुनाव हैं। सरकार किसकी बनेगी, यह फैसला होना है। लेकिन आतंकी हमले की कोशिश के बाद वहां सवाल उठ रहा है कि यह पूरा मामला इजरायल की राजनीति के समीकरणों को कैसे बदलेगा। प्लेन हाइजैक साजिश के बाद इजरायल में एक ओपिनियन पोल आया है। क्या चुनाव में पीछे दिख रहे प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के लिए बाजी पलट सकती है?
इजरायली के न्यूज चैनल-चैनल 13 ने इस मामले के सामने आने के बाद अपना वीकली (हर सप्ताह) टेलीविजन पोल जारी किया। इस पोल से पता चलता है कि चुनावों से पहले प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का दक्षिणपंथी गुट अपने प्रतिद्वंद्वियों से आगे निकल गया है। हालांकि वे अभी भी नेसेट (इजरायली संसद) में बहुमत से काफी दूर हैं।
सर्वे में इजरायली सेना के पूर्व प्रमुख और नेतन्याहू के सबसे बड़े प्रतिद्वंदी गादी आइजेनकोट की यशार पार्टी को 21 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी दिखाया गया है। हालांकि यह पिछले हफ्ते की तुलना में एक सीट कम है। इसके बाद नेतन्याहू की लिकुड पार्टी है जिसके पास 19 सीटें हैं। ब्याचाद पार्टी 11 सीट जीतती दिख रही है। डेमोक्रेट्स को भी 11 सीटें मिलने का अनुमान है। इस पोल के अनुसार अगर आज चुनाव होते, तो बेंजामिन नेतन्याहू को फिर से प्रधानमंत्री बनाने के तौर पर समर्थन देने वाली पार्टियों के पास कुल
54 सीटें होतीं, जबकि विपक्षी जायोनिस्ट गुट के पास 52 और अरब-बहुसंख्यक गुटों के पास 14 सीटें होतीं। अरब-बहुसंख्यक गुट किसी भी पक्ष के साथ नहीं हैं। बता दें कि नेसेट यानी इजरायली संसद में बहुमत के लिए 61 सीटों की जरूरत होती है।
(हिफी डेस्क-हिफी फीचर)

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button