लेखक की कलम

योगी की रणनीति से सपा चित

राजनीति में चुनावी रणनीति भी बहुत महत्वपूर्ण होती है क्योंकि जनसेवा को अमली जामा सत्ता में रहकर ही पहनाया जा सकता है। इसलिए उत्तर प्रदेश मंे योगी आदित्यनाथ जनसेवा को अनवरत रखने के लिए लगातार तीसरी बार सरकार बनाने का प्रयास कर रहे हैं। प्रदेश मंे अगले वर्ष अर्थात 2027 मंे विधानसभा के चुनाव होंगे। चुनाव की तारीखें अभी नहीं घोषित हुई हैं लेकिन सभी प्रमुख दल चुनाव की तैयारियां कर रहे हैं। भाजपा के सामने मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी (सपा) की मुख्य चुनौती हो सकती है। इसलिए योगी आदित्नाथ सपा को कमजोर करना चाहते हैं। समाजवादी पार्टी से बगावत करने वाले तीन विधायक गत 14 अक्टूबर को भाजपा मंे शामिल हो गये और संभवतः उन्हंे विधानसभा चुनाव भी लड़वाया जाएगा। इन तीन विधायकों मंे अयोध्या की गोसाईगंज सीट से विधायक अभय सिंह, जालौन जिले की काल्पी से विधायक विनोद चतुर्वेदी और अमेठी की गौरीगंज विधानसभा सीट से विधायक राकेश प्रताप सिंह शामिल हैं। भाजपा मंे इनके शामिल होने से यागी का पक्ष मजबूत होगा और अखिलेश यादव की ताकत कम हुई है। इसके साथ ही योगी आदित्यनाथ जन कल्याण के कार्यक्रम भी चला रहे हैं। शिक्षकों को कैशलेश इलाज की सुविधा दी गयी है। महिलाओं के लिए भी योगी सरकार ने कई कार्यक्रम चला रखे हैं। इनमंे ड्रोन दीदी पहल विशेष रूप से उल्लेखनीय है।
उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के तीन बागी विधायक भाजपा में शामिल हो गए। अमेठी में आयोजित कार्यक्रम में बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चैधरी और पार्टी की महासचिव स्मृति ईरानी ने सपा के बागी विधायक राकेश प्रताप सिंह, अभय सिंह और विनोद चतुर्वेदी को भाजपा की सदस्यता दिलाई। तीनों ने 2 साल पहले अखिलेश यादव से बगावत कर दी थी, जिसके बाद से वह सपा से दूर हो गए थे और पार्टी के राजनीतिक कार्यक्रमों में हिस्सा नहीं ले रहे थे। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि भाजपा अब तीनों को उनकी सीटों से आगामी यूपी विधानसभा चुनाव में टिकट दे सकती है।
राज्यसभा चुनाव में तीनों ने पार्टी लाइन से हटते हुए भाजपा उम्मीदवार के पक्ष में वोट किया था। जिसके बाद से ही उनके भाजपा में जाने की चर्चा शुरू हो गई थी। सन् 2025 में समाजवादी पार्टी ने इन्हें निष्कासित कर दिया था जिसके बाद उनका भाजपा में जाने का रास्ता आसान हो गया था। जालौन जिले की काल्पी सीट से विधायक विनोद चतुर्वेदी ने अखिलेश यादव पर बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा जब पीएम मोदी ने भगवान राम के मंदिर का उद्घाटन किया तो सदन में हमारे अध्यक्ष ने कहा था कि दर्शन के लिए जो भी चलना चाहे, वो चले लेकिन हमारे हाईकमान ने कहा कि नहीं कर सकते हैं। ये आस्था पर चोट थी। दूसरा सीएम योगी आदित्यनाथ ने जैसा विकास किया है, वैसा विकास किसी ने नहीं किया। जनता को विकास चाहिए और हम उस विकास के लिए ही चुने जाते हैं। जिस सरकार ने इतना विकास किया है, हम उसके साथ हैं। वहीं विधायक अभय सिंह ने कहा जो मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम का विरोध करें, जो राष्ट्र का विरोध करेंगे, हम लोग उसके विरोधी हो जाएंगे। मर्यादा पुरुषोत्तम राम के बारे में जन-जन तक हिंदी और अवधी में पहुंचाने वाले, तुलसीदास ने राम चरित मानस को लिखा। उस रामचरित मानस को जलाया जाए, फाड़ा जाए। उसके बाद इस घटना पर कोई टिप्पणी न की जाए। उसके बाद दर्शन से रोका जाए। ये सब चीजें ऐसी हैं जो उचित नहीं हैं।
अमेठी की गौरीगंज सीट से विधायक राकेश प्रताप सिंह लंबे समय से समाजवादी पार्टी के साथ थे। वह 2012, 2017 और 2022 से लगातार तीन बार से सपा के टिकट पर गौरीगंज सीट से विधायक बन रहे थे लेकिन 2024 में उन्होंने सपा से बगावत कर दी और राज्यसभा चुनाव में भाजपा के पक्ष में मतदान किया था। वहीं अयोध्या की गोसाईंगंज सीट से विधायक अभय सिंह भी समाजवादी पार्टी के सीनियर नेता माने जाते थे। उन्होंने 2012 में पहली बार गोसाईंगंज सीट से जीत हासिल की थी। लेकिन 2017 के चुनाव में उन्हें हार मिली थी। उन्होंने 2022 में दोबारा यह सीट जीत ली थी। अब वह भाजपा में शामिल हो गए हैं।
जालौन जिले की कालपी से विधायक विनोद चतुर्वेदी का राजनीतिक सफर कई दलों में रहा है। वह कांग्रेस से 2007 में पहली बार विधायक बने थे। 2021 में कांग्रेस छोड़कर सपा में शामिल हो गए और 2022 के विधानसभा चुनाव में सपा के टिकट पर कालपी विधानसभा सीट से विधायक चुने गए थे, अब वह भाजपा में शामिल हो गए हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शारदीय नवरात्र की चतुर्थी पर मां कूष्मांडा की आराधना के अवसर पर सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट कर महिलाओं को विकास की लाभार्थी के साथ-साथ आर्थिक गतिविधियों की निर्माता बताया। मुख्यमंत्री ने मां कूष्मांडा को सृजन, ऊर्जा और समृद्धि का सनातन प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि जहां महिलाओं को शक्ति और अवसर मिलते हैं, वहां अभाव परिश्रम में, परिश्रम आत्मनिर्भरता में और आत्मनिर्भरता समृद्धि में बदल सकती है। योगी ने ड्रोन दीदी पहल का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इसके माध्यम से महिलाएं खेती में आधुनिक तकनीक के
इस्तेमाल में भूमिका निभा रही हैं। बीसी सखी, लखपति दीदी, ड्रोन दीदी, स्वयं सहायता समूह और किसान उत्पादक संगठन जैसी पहलों को मुख्यमंत्री ने ग्रामीण महिलाओं के लिए आर्थिक अवसर बढ़ाने के उदाहरण के रूप में पेश किया।
साल 2017 में बीजेपी को जनता ने प्रचंड बहुमत दिया, जिसके बाद योगी आदित्यनाथ को उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाया गया। सीएम योगी ने अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा किया। फिर साल 2022 में दोबारा हुए विधानसभा चुनाव में भी यूपी की जनता ने दिल खोलकर बीजेपी को वोट दिया, जिसके बाद बीजेपी नेतृत्व ने योगी आदित्यनाथ को ही यूपी के सीएम के तौर पर चुना।
योगी सरकार ने यूपी में एंटी रोमिया स्क्वाड और तीन महिला पीएसी बटालियन का गठन कर मिशन शक्ति जैसे अभियान चलाए। रात में महिलाओं की कॉल पर पीआरवी की व्यवस्था की। यूपी में 2.62 करोड़ से अधिक इज्जत घर का निर्माण, कोरोना काल के बाद से 14.70 करोड़ लोगों को निःशुल्क राशन, 1.86 करोड़ से अधिक उज्जवला कनेक्शन, 56 लाख से अधिक आवास गरीबों को मिले।
यूपी में सबसे ज्यादा एक्सप्रेसवे संचालित है। गौतमबुद्धनगर में जेवर एयरपोर्ट का निर्माण किया जो अब नरेन्द्र मोदी के नाम से जाना जाता है। यूपी देश का सबसे ज्यादा एयरपोर्ट वाला राज्य है। भारत की कुल मोबाइल मैन्यूफैक्चरिंग में 45 प्रतिशत योगदान यूपी का है। कृषि विकास दर 8.6 प्रतिशत से बढ़कर 13.7 प्रतिशत हुई। हर साल 4 करोड़ टन फल और सब्जियों के उत्पादन के साथ देश में पहला स्थान उत्तर प्रदेश को योगी ने ही दिलाया है।(अशोक त्रिपाठी-हिफी फीचर)

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