
बेटियों! तुम पर गर्व है
जापान के नागोया मंे एशिया खेलों मंे भारत की बेटियों ने भारत का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया लेकिन दिल्ली के काजकाजी और बिहार के जमुई मंे बेटियों के साथ जिस तरह शर्मनाक हरकतें हुई हैं, उससे हम सभी को शर्मिन्दा होना चाहिए। हमारी बेटियां आजादी के 80 साल बाद भी सुरक्षित रखने में हम समर्थ नहीं हो पाये लेकिन बेटियां अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर हमारा सिर ऊँचा कर रही हैं। मीराबाई चानू ने 28 साल का सूखा खत्म करते हुए वेट लिफ्टिंग मंे रजत पदक दिलाया है। इससे पूर्व कर्णम मल्लेश्वरी ने 1998 में बैंकाक में सिल्वर मेडल जीता था। उधर, एशियाई खेलों में ही सबसे बड़ी जीत दर्ज कर महिला क्रिकेट टीम ने देश को पहला स्वर्ण पदक दिलाया है।
भारतीय महिला टीम ने 22 सितम्बर को एशियन गेम्स 2026 में स्वर्ण पदक का इंतजार खत्म किया। भारत ने श्रीलंका को एकतरफा अंदाज में हराया। विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए श्रीलंका की पूरी टीम स्मृति मंधाना के स्कोर से भी कम पर ऑलआउट हो गई। भारत ने इस तरह टी20 में रनों के लिहाज से अपनी सबसे बड़ी जीत दर्ज की। भारतीय महिला टीम ने श्रीलंका को हराकर एशियन गेम्स 2026 में पहला स्वर्ण पदक जीत लिया। भारतीय टीम ने इसके साथ ही एशियाड में अपने स्वर्ण पदक का सफलतापूर्वक बचाव किया। भारत ने इससे पहले हांग्झू एशियन गेम्स में भी स्वर्ण पदक जीता था। भारत ने फाइनल में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में तीन विकेट पर 216 रन बनाए। जवाब में श्रीलंका की टीम 15.4 ओवर में 69 रन पर ही ढेर हो गई। इस तरह भारतीय महिला टीम ने 147 रनों के अंतर से जीत दर्ज की।
भारतीय महिला टीम ने एशियन गेम्स में बड़ा कीर्तिमान भी बनाया। भारत ने श्रीलंका के खिलाफ स्वर्ण पदक मुकाबले में तीन विकेट पर 216 रन बनाए। ये एशियाड में महिला क्रिकेट का सर्वोच्च टोटल है। एशियाड में दूसरी बार हुआ है जब महिला क्रिकेट में 200 रनों का आंकड़ा पार हुआ है। इससे पहले ये रिकॉर्ड हॉन्गकॉन्ग के नाम था जिन्होंने 2023 में मंगोलिया के खिलाफ चार विकेट पर 202 रन बनाए थे। भारत के लिए इस मैच में सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना ने अर्धशतक लगाया, जबकि ऋचा घोष और शेफाली वर्मा ने शानदार बल्लेबाजी की। भारत को मंधाना और शेफाली ने दमदार शुरुआत दिलाई और पहले विकेट के लिए 99 रनों की साझेदारी की। मंधाना ने 30 गेंदों पर अपना अर्धशतक पूरा किया। शेफाली हालांकि, पचासा नहीं जड़ सकीं और 48 रन बनाकर आउट हुईं। इसके बाद भारत को कप्तान हरमनप्रीत कौर के रूप में दूसरा झटका लगा जो 19 रन बनाकर आउट हुईं। मंधाना ने अपनी पारी जारी रखी, लेकिन वह 45 गेंदों पर पांच चैकों और सात छक्कों की मदद से 79 रन बनाकर आउट हुईं। इसके बाद ऋषा घोष ने तूफानी बल्लेबाजी की और भारत का स्कोर 200 के पार पहुंचाया। ऋचा और भारती फुलमाली के बीच चैथे विकेट के लिए 53 रनों की साझेदारी हुई। ऋचा 22 गेंदों पर छह चैकों और तीन छक्कों की मदद से नाबाद 49 और भारती सात रन बनाकर नाबाद रहीं।
विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए श्रीलंका कभी भी लक्ष्य हासिल करने के करीब नजर नहीं आया। टीम ने नियमित अंतराल पर विकेट गंवाए और आलम ये रहा कि पूरी श्रीलंकाई टीम मंधाना के स्कोर को भी पीछे नहीं छोड़ सकी। मंधाना ने अकेले 79 रन बनाए, जबकि श्रीलंका की पूरी टीम मिलाकर 69 रन ही बना सकी। भारत की महिला टी20 क्रिकेट में रनों के लिहाज से ये सबसे बड़ी जीत है। इससे पहले उन्होंने 2018 एशिया कप में मलयेशिया को 142 रनों से हराया था।
उधर, भारतीय स्टार वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने एशियन गेम्स में इतिहास रचते हुए सिल्वर मेडल जीत लिया है। एशियन गेम्स में पहली बार मीराबाई मेडल जीतने में सफल रहीं हैं। एशियन गेम्स में भारत को वेटलिफ्टिंग में पिछला मेडल कर्णम मल्लेश्वरी ने दिलाया था, जिन्होंने 1998 में बैंकॉक में सिल्वर मेडल जीता था। भारतीय स्टार वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने एशियन गेम्स में स्नैच राउंड में 87 किग्रा और क्लीन एंड जर्क में 111 किग्रा वजन उठाया, जिससे उनका कुल वजन 198 किग्रा हो गया। नॉर्थ कोरिया की री सोंग गम ने 215 किग्रा वजन उठाकर गोल्ड मेडल जीता। नॉर्थ कोरिया की री सोंग-गम ने का एशियन गेम्स में लगातार तीसरा गोल्ड मेडल है।
1951 में इस खेल के शामिल होने के बाद से भारत ने एशियन गेम्स में वेटलिफ्टिंग में अबतक कुल 15 मेडल जीते हैं, 6 सिल्वर और 9 ब्रॉन्ज, लेकिन एक भी गोल्ड नहीं। 1998 में बैंकॉक में कर्णम मल्लेश्वरी के सिल्वर मेडल जीतने के बाद से यह दूसरा मौका है जब वेटलिफ्टिंग में भारत को सिल्वर मेडल मिला है। मीराबाई चानू के एशियाई गेम्स का सफर 2014 के इंचियोन गेम्स से शुरू हुआ था। महिलाओं के 48 किग्रा वर्ग में हिस्सा लेते हुए, वह नौवें स्थान पर रहीं थी। चोट के कारण वह 2018 के जकार्ता गेम्स में हिस्सा नहीं ले पाईं, लेकिन 2022 के हांगझोऊ गेम्स में उन्होंने वापसी की। वहां, महिलाओं के 49 किग्रा वर्ग में खेलते हुए, चानू ने कुल 191 किग्रा वजन उठाकर चैथा स्थान हासिल करने में सफलता हासिल की थी।
साइखोम मीराबाई चानू एक प्रसिद्ध भारतीय भारोत्तोलक (वेटलिफ्टर) हैं, जिन्होंने टोक्यो ओलंपिक 2020 में महिलाओं के 49 किग्रा वर्ग में रजत पदक जीतकर इतिहास रचा था।भारत की स्टार भारोत्तोलक मीराबाई चानू ने एशियन गेम्स में इतिहास रच दिया है। उन्होंने महिलाओं की 49 किग्रा स्पर्धा में कुल 198 किग्रा वजन उठाकर रजत पदक अपने नाम किया। यह एशियन गेम्स में मीराबाई का पहला पदक है। इसके साथ ही भारत को भारोत्तोलन में 28 साल बाद एशियन गेम्स का पदक मिला है। महिलाओं की 49 किलो वेटलिफ्टिंग प्रतियोगिता में मीराबाई ने कुल किलो 198 वजन उठाया। मणिपुर की रहने वालीं इस मजबूत एथलीट ने स्नैच कैटेगरी में 87 तो क्लीन एंड जर्क में 111 किलो वजन उठाया।
2014 के एशियन गेम्स में मीराबाई नौवें पोजिशन पर रहीं। 2028 के जकार्ता खेलों में पीठ की चोट के कारण हिस्सा नहीं ले पाईं। 2023 के हांगझोऊ गेम्स में वह पोडियम फिनिश करने के बेहद करीब थीं। मगर इंजरी के चलते चैथी पोजिशन पर फिनिश किया। इस बार एशियन गेम्स में मेडल जीतने के बाद वह तीनों बड़े मल्टी-स्पोर्ट इवेंट्स यानी ओलंपिक, एशियन गेम्स और कॉमनवेल्थ गेम्स में पदकवीर हो गईं।(एससी मिश्र-हिफी फीचर)



