चलते विमान में पायलटों के बीच चाकूबाजी

दुबई से इजरायल के तेल अवीव जा रही फ्लाई दुबई की प्लेन ने इमरजेंसी सिग्नल भेजा और पूरी दुनिया की निगाहें उसपर टिक गईं। तमाम तरह की आशंकाएं उठने लगीं कि कोई अनहोनी तो नहीं हो गई। प्लेन ने पहले इमरजेंसी सिग्नल भेजा और इसके कुछ समय बाद इसने 7500 कोड भेजा। इस कोड का मतलब है कि या तो प्लेन हाईजैक हो गया है या जहां पायलट होते हैं (कॉकपिट) वहां कोई गैर-कानूनी तरह से आ गया है। इस प्लेन में 100 से अधिक इजरायली यात्री मौजूद थे। अब राहत की बात है वह प्लेन डाइवर्ट होकर सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट पर उतर चुका है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, कॉकपिट में पायलटों के बीच हुई हिंसक झड़प के दौरान प्लेन का इमरजेंसी सिग्नल एक्टिवेट हो गया था। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार इजरायली प्रधानमंत्री के ऑफिस के एक प्रवक्ता ने साफ कर दिया है कि प्लेन को डाइवर्ट करके सऊदी अरब में लैंड करने की घटना को हाईजैकिंग नहीं माना जा रहा है। कुल मिलाकर इस प्लेन पर 180 यात्री सवार थे। सिग्नल आने के बाद यह प्लेन फ्लाइट ट्रैकिंग साइट्स पर दिखाई नहीं दे रहा था। द टाइम्स ऑफ इजरायल की रिपोर्ट के अनुसार इमरजेंसी सिग्नल आते ही इजरायल की वायु सेना के लड़ाकू विमानों को उस प्लेन की ओर भेजा गया है। सीएनएन ने भी यह बात अपनी रिपोर्ट में लिखी है। सीएनएन मीडिया की रिपोर्ट थी कि तुरंत प्रधानमंत्री नेतन्याहू और रक्षा मंत्री ने इमरजेंसी मीटिंग शुरू कर दी। फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा से पता चलता है कि सिर्फ दो मिनट में यह प्लेन 34,000 फीट की ऊंचाई से नीचे लगभग 16,600 फीट पर आ गया। यानी 17,400 फीट का ड्रॉप। इसके बाद, सुबह 1.32 बजे प्लेन से इमरजेंसी सिग्नल भेजा गया। (हिफी)



