अस्सी से थप्पड़ तक फिल्मों में दिखी नारी शक्ति

सिनेमा की दुनिया में उन फिल्मों को याद किया जा रहा है, जिन्होंने महिलाओं की हिम्मत, आत्मनिर्भरता और संघर्ष की प्रेरक कहानियों को बड़े पर्दे पर बेहद दमदार तरीके से पेश किया और दर्शकों को सोचने पर मजबूर कर दिया। इन फिल्मों में महिलाओं को सिर्फ सहायक किरदार नहीं, बल्कि कहानी की असली ताकत के रूप में दिखाया गया है। जो समाज की चुनौतियों से लड़ते हुए अपनी पहचान बनाती हैं और अपने फैसलों से जिंदगी की दिशा बदलने का साहस भी दिखाती हैं। इस खास लिस्ट में हाल ही में रिलीज हुई तापसी पन्नू की फिल्म अस्सी का भी नाम शामिल है। इस फिल्म में एक महिला वकील समाज से जुड़े बड़े सवालों को अदालत में उठाती है और न्याय के लिए डटकर लड़ती नजर आती है। इसी तरह रानी मुखर्जी की लोकप्रिय फिल्म सीरीज मर्दानी भी महिलाओं की ताकत का बेहतरीन उदाहरण है। जहां एक महिला पुलिस अधिकारी अपराधियों के खिलाफ मजबूती से खड़ी होती है और समाज में बदलाव का संदेश देती है। कंगना रनौत की फिल्म क्वीन भी इस लिस्ट में खास जगह रखती है, जिसमें एक नॉर्मल सी लड़की अपने टूटे रिश्ते के बाद अकेले दुनिया घूमने निकलती है और कॉन्फिडेंस के साथ खुद को पहचानने का सफर तय करती है। आलिया भट्ट की फिल्म गंगूबाई काठियावाड़ी का भी नाम इस लिस्ट में शामिल है। इस फिल्म ने कई लोगों के दिल जीते हैं। ये कहानी उस महिला की है जो वेश्यावृत्ति के पेशे में होने के बावजूद महिलाओं के अधिकार के लिए लड़ती है। तापसी पन्नू की फिल्म थप्पड़ भी महिलाओं के लिए आवाज उठाती है। ये कहानी अमृता की है, जो परिवार को संभालते हुए खुद के लिए लड़ना भूल जाती है फिर कुछ ऐसा होता है कि वो अपने सम्मान के लिए सभी के खिलाफ खड़ी हो जाती है। (हिफी)



