संभावनाओं को नतीजों में बदल रहे योगी

दृढ़ इच्छाशक्ति से कोई भी कार्य असंभव नहीं रहता है। इससे संभावनाओं को नतीजों में बदला जा सकता है। उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार ने कड़क कानून-व्यवस्था में तो नाम कमाया ही है, साथ ही उत्तर प्रदेश को रोजगार के क्षेत्र में भी तेजी से आगे बढ़ाया है। इसी का नतीजा है कि आज यूपी देश की जीडीपी के साढ़े नौ फीसदी का योगदान दे रहा है। मौजूदा वित्तीय वर्ष के अंत तक उत्तर प्रदेश का सकल घेरलू उत्पाद अर्थात जीडीपी 36 लाख करोड़ होने की उम्मीद है। उद्योग पति प्रदेश में निवेश करने को उत्साहित दिख रहे हैं। गत 9 जनवरी को प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अशोक लीलैण्ड कम्पनी के इलेक्ट्रिक ह्वीकल (ईवी) विनिर्माण संयंत्र का उद्घाटन किया।
अभी इसकी मैन्यूफैक्चरिंग क्षमता 2500 यूनिट प्रतिवर्ष है लेकिन इसे 5000 यूनिट प्रतिवर्ष तक बढ़ाया जाएगा। योगी आदित्यनाथ ने 2017 में यूपी के मुख्यमंत्री पद का दायित्व संभाला था। इस प्रकार उनकी सरकार को 8 वर्ष हो चुके हैं और इन वर्षों में 45 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव आए हैं। इनमें से 15 लाख करोड़ के प्रस्ताव जमीन पर उतर चुके हैं। अशोक लीलैण्ड के चेयरमैन धीरज हिंदुजा कहते हैं कि उनका ग्रुप यूपी के 10 हजार युवकों का स्किल डेवलपमंेट करेगा। इस प्रकार यूपी को राजस्व और रोजगार दोनों मिलेंगे। मुख्यमंत्री योगी ने राज्य के 34 सेक्टरों को निवेश के लिए खोल रखा है। रक्षा मंत्री एवं लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह ने योगी सरकार की इस संदर्भ में विशेष रूप से तारीफ की है। उन्होंने याद दिलाया कि उत्तर प्रदेश में 34000 करोड़ रुपए का निवेश तो डिफेन्स क्षेत्र से ही आया है। उन्होंने कहा आपरेशन सिंदूर में जिस ब्रह्मोस मिसाइल ने पाकिस्तान की धज्जियां उड़ा दीं, उसका निर्माण भी यूपी की राजधानी लखनऊ में हो रहा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रक्षा मंत्री व लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह के साथ गत 9 जनवरी को अशोक लीलैण्ड कंपनी के इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) विनिर्माण संयंत्र का उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री व अन्य अतिथियों ने फैक्ट्री का निरीक्षण किया और सिंदूर-रुद्राक्ष के पौधे भी रोपे। सीएम योगी ने निवेश के लिए हिंदुजा परिवार को शुभकामनाएं दीं और यूपी सरकार पर विश्वास के लिए आभार जताया। सीएम ने कहा कि यूपी के लिए यह निवेश अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि 2017 के पहले यूपी की अराजकता किसी से छिपी नहीं थी, निवेशक पलायन कर रहे थे परंतु 2017 में सरकार में आने पर हमने कहा कि यह अनलिमिटेड पोटेंशियल का प्रदेश है। अपने राजनैतिक स्वार्थ के लिए कुछ लोगों ने इसे बदनाम किया, लेकिन यूपी अब अनलिमिटेड पोटेंशियल यानी संभावनाओं को परिणाम में बदलने वाला प्रदेश बन गया है। पिछले आठ-साढ़े आठ साल में हुआ परिवर्तन इसका उदाहरण है।
यह समारोह प्रदेश के प्रति उद्योगों के बढ़ते विश्वास का प्रतीक है। सीएम योगी ने कहा कि जब दुनिया ग्लोबल वॉर्मिंग व ग्लोबल कूलिंग से त्रस्त है, तमाम आपदाएं चुनौतियां खड़ी कर रही हैं। उन स्थितियों में हम सब भी अपने आप को तैयार कर सकें, यह इलेक्ट्रिक व्हीकल मैन्युफैक्चरिंग प्लांट इस दिशा में किए जाने वाला प्रयास का एक हिस्सा है। इसमें प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से प्रदेश के हजारों युवाओं के लिए नौकरी व रोजगार की संभावनाएं भी विकसित हुई हैं।
सीएम योगी ने कहा कि आज यूपी के सभी 75 जनपदों में निवेश हो रहा है। सीएम ने बेहतर कनेक्टिविटी का जिक्र करते हुए बताया कि देश के एक्सप्रेस वे का 55 फीसदी एक्सप्रेस वे यूपी के पास है। देश में सर्वाधिक शहरों में पब्लिक ट्रांसपोर्ट के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों व मेट्रो का संचालन यूपी में हो रहा है। देश का सबसे बड़ा रेल नेटवर्क यूपी के पास है। देश में बन रहे दो डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर यूपी से होकर जा रहे हैं। इन पर यूपी का लॉजिस्टिक टर्मिनल व लॉजिस्टिक्स एंड ट्रांसपोर्ट हब को भी विकसित करने का कार्य हो रहा है। देश में पहली रैपिड रेल व वाटर वे का संचालन भी यूपी में हो चुका है। यूपी अब बीमारू राज्य नहीं, बल्कि इसने खुद को रेवेन्यू सरप्लस स्टेट के रूप में स्थापित किया है। दृढ़ निश्चय से लिए गये फैसले, साफ नीयत व स्पष्ट सोच के कारण फियरलेस बिजनेस, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और ट्रस्ट ऑफ डूइंग बिजनेस नए यूपी की पहचान बन चुके हैं।
यहां पर कोई निवेशक पॉलिसी पैरालिसिस का शिकार नहीं हो सकता। यूपी में अब 34 सेक्टोरियल पॉलिसी हैं, जिनके माध्यम से निवेशक किसी भी सेक्टर में निवेश करके यूपी की विकास यात्रा में योगदान दे सकते हैं। सीएम योगी ने पीएम मोदी के विजन-2047 का जिक्र किया और कहा कि हर देशवासी ने भारत को विकसित-आत्मनिर्भर बनाने का संकल्प लिया है। यह प्लांट मेक इन इंडिया के साथ ही आत्मनिर्भर भारत के पीएम मोदी के संकल्प को बढ़ाने की दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम है। यूपी आज इंडस्ट्री फस्र्ट, इन्वेस्टर्स फस्र्ट के दृष्टिकोण से देश-दुनिया के हर निवेशकों का महत्वपूर्ण पसंदीदा स्थल बन चुका है। पिछले 8-9 वर्ष में यूपी में 45 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव आए। इसमें से 15 लाख करोड़ के प्रस्ताव की ग्राउंड ब्रेकिंग हो चुकी है। अगले महीने छह लाख करोड़ के अन्य निवेश प्रस्तावों की ग्राउंड ब्रेकिंग की जाएगी। पांच लाख करोड़ रुपये के प्रस्ताव अभी पाइपलाइन में और हैं, जिनकी यूपी में ग्राउंड ब्रेकिंग कराई जाएगी।
सीएम योगी ने कहा कि यूपी देश की जीडीपी में 9।5 प्रतिशत का योगदान कर रहा है। यूपी की जीएसडीपी इस वित्तीय वर्ष के अंत तक 36 लाख करोड़ की हो जाएगी। वित्तीय अनुशासन व बेहतर वित्तीय प्रबंधन के साथ यूपी एक लक्ष्य लेकर चला है। प्रधानमंत्री ने 2027 में भारत की अर्थव्यवस्था को पांच ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी के रूप में बदलने को कहा है तो हमने भी लक्ष्य तय किया है कि 2029-30 में यूपी वन ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनेगा। सीएम योगी ने कहा कि यूपी अब ग्लोबल इलेक्ट्रॉनिक व आईटी हब बनने की राह पर तेजी से बढ़ा है। देश के मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग का 55 फीसदी यूपी में बन रहा है। देश के 60 फीसदी इलेक्ट्रॉनिक आइटम यूपी में बन रहे हैं। यूपी ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में टॉप अचीवर है। एमएसएमई, एआई, सेमीकंडक्टर, साइबर, रोबोटिक्स, ईवी, एग्रीटेक, फिनटेक, डीप टेक, हेल्थटेक, टूरिज्म, हॉस्पिटैलिटी, डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग व खेल जैसे क्षेत्र में
यूपी तेज गति से आगे बढ़ा है। यूपी में 18 हजार से अधिक स्टार्टअप हैं। यहां 76 इन्क्यूबेटर्स, सात सेंटर ऑफ एक्सीलेंस व 8 यूनिकॉर्न कार्य कर रहे हैं।
सीएम योगी ने कहा कि अशोका लेलैंड का ईवी मैन्युफैक्चरिंग प्लांट एफडीआई व फॉर्च्यून-500 पॉलिसी का हिस्सा है। 2017 के पहले यूपी
में एफडीआई का अंश ऊंट के मुंह में जीरा जैसा था, लेकिन आज यूपी
ने अपनी पॉलिसी के माध्यम से
एफडीआई व फॉर्च्यून-500 को आकर्षित किया है।
(अशोक त्रिपाठी-हिफी फीचर)




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