देश का मान बढ़ा रहे भामाशाह

मेवाड़ के महान योद्धा महाराणा प्रताप को हल्दीघाटी के युद्ध के बाद अपनी संपूर्ण संपत्ति दान करने वाले भामाशाह को उनकी राष्ट्रभक्ति और त्याग के लिए याद किया जाता है। भामाशाह का जन्म सन 1547 में मेवाड में हुआ था। वह बाल्यकाल से मेवाड़ के राजा महाराणा प्रताप के मित्र थे। वे महाराणा प्रताप के सहयोगी और विश्वासपात्र सलाहकार भी थे। अपरिग्रह को जीवन का मूलमन्त्र मानकर संग्रहण की प्रवृत्ति से दूर रहने की चेतना जगाने में वह सदैव अग्रणी रहे। मातृ-भूमि के प्रति अगाध प्रेम था। दानवीरता के लिए भामाशाह का नाम इतिहास में अमर है। हमारे देश में भामाशाह पुरस्कार, प्रेम और त्याग की मूर्ति भामाशाह के नाम पर रखा गया है जिन्होंने सन् 1576 में हल्दीघाटी के युद्ध के पश्चात जब महाराणा प्रताप के पास कोई वित्तीय स्रोत नहीं था तब देश के इस महान सपूत ने अपना सर्वस्व उन्हें सौंप दिया, जिसमें उस समय की 20 लाख अशर्फियां तथा सोने एवं रत्नों का संग्रह भी था। इतिहास में उनके इस महान योगदान की कहानी वर्णित है और उनका यह कृत्य दानवीर नाम की संज्ञा का पर्याय बन चुका है। सत्ता को अपने वित्तीय सामर्थ्य से सशक्त आधार देने वाले ऐसे उत्कृष्ट व्यक्तित्व के नाम पर मध्यप्रदेश सरकार द्वारा यह सम्मान रखा गया है। दानवीर भामाशाह की जयंती प्रतिवर्ष 28 जून को मनाई जाती है। हमारे देश में भी जो उद्योगपति युवाओं को रोजगार दे रहे हैं अथवा विदेशों में देश का मान बढ़ा रहे हैं, वे भी भामाशाह के ही वंशज हैं। अभी ताजा मामला है कि रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी और भारती एंटरप्राइजेज के चेयरमैन सुनील भारती मित्तल को यूएन की एजेंसी आईटीयू के एआई फॉर गुड ग्लोबल कमीशन का फाउंडिंग मेंबर बनाया गया है। दोनों दुनिया के टॉप टेक और बिजनेस लीडर्स के साथ मिलकर एआई के भविष्य और उसके सुरक्षित व व्यापक इस्तेमाल की दिशा तय करेंगे। इससे हमारे देश का सम्मान बढा है।
भारत के दो दिग्गज उद्योगपति सुनील भारती मित्तल और मुकेश अंबानी को एआई से जुड़े ग्लोबल प्लेटफॉर्म पर अहम स्थान मिलना निश्चित तौर पर देश के लिए गौरवपूर्ण है। दोनों भामाशाहों को यूनाइटेड नेशन्स (यूएन) की डिजिटल टेक्नोलॉजी से जुड़ी स्पेशलाइज्ड एजेंसी इंटरनेशनल टेलीकम्युनिकेशन यूनियन (आईटीयू) के एआई फॉर गुड ग्लोबल कमीशन का फाउंडिंग मेंबर बनाया गया है। यह कमीशन दुनिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के भविष्य को दिशा देने और इसके लाभ सभी तक पहुंचाने के उद्देश्य से बनाया गया है। इस कमीशन में सुनील भारती मित्तल और मुकेश अंबानी दुनिया के कई बड़े बिजनेस और टेक्नोलॉजी लीडर्स के साथ काम करेंगे। इनमें सेल्सफोर्स के सीईओ मार्क बेनिऑफ, जो इस कमीशन के को-चेयर भी होंगे, एनवीडिया के सीईओ जेनसन हुआंग, अमेजन के सीईओ एंडी जैसी और आर्सेलरमित्तल के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन लक्ष्मी एन. मित्तल भी शामिल हैं।
यह पहल ऐसे समय शुरू की गई है, जब दुनिया भर में एआई का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। हालांकि, अभी भी बड़ी आबादी के पास इंटरनेट और डिजिटल सुविधाओं की समान पहुंच नहीं है। आईटीयू के अनुमान के अनुसार, दुनिया में आज भी करीब 2.2 बिलियन लोग इंटरनेट से नहीं जुड़े हैं। ऐसे में संस्था का मानना है कि ऐसी नीतियां बनाना जरूरी है, जिससे एआई का डिजिटल इनइक्वॉलिटी इन डेवलपमेंट को और न बढ़ाए।
यह नया कमीशन आईटीयू-ब्रॉडबैंड कमीशन फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट की पहल को आगे बढ़ाएगा। इसका उद्देश्य एआई टेक्नोलॉजी डेवलप्ड करने वाली कंपनियों, बड़े स्तर पर इसका इस्तेमाल करने वाले संगठनों और नीतियां बनाने वाले ग्लोबल लीडर्स को एक मंच पर लाना है। इससे एआई से जुड़े अवसरों का बेहतर इस्तेमाल करने और उससे जुड़े संभावित जोखिमों का मिलकर समाधान खोजने में मदद मिलेगी।
इस कमीशन की पहली बैठक एआई फॉर गुड ग्लोबल समिट – 2026 के दौरान होने की उम्मीद है। सम्मेलन 7 जुलाई से शुरू हुआ और 10 जुलाई 2026 तक स्विट्जरलैंड के जिनेवा में होगा। सम्मेलन में दुनिया भर से एआई और टेक्नोलॉजी क्षेत्र के प्रमुख एक्सपर्ट्स और पॉलिसीमेकर्स हिस्सा ले रहे हैं। एआई फॉर गुड ग्लोबल कमीशन में सरकारों, अंतरराष्ट्रीय संगठनों, शिक्षण संस्थानों और निजी क्षेत्र से जुड़े 40 से ज्यादा ग्लोबल लीडर्स को शामिल किया गया है। इस पहल का मकसद आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के भविष्य को दिशा देना और यह सुनिश्चित करना है कि इस टेक्नोलॉजी का फायदा दुनिया भर के लोगों तक समान रूप से पहुंचे।
एआईफॉर गुड ग्लोबल कमीशन की कमान रवांडा के राष्ट्रपति पॉल कागामे और सेल्सफोर्स के सीईओ मार्क बेनिऑफ संभाले हैं। दोनों इस कमीशन के को-चेयरपर्सन होंगे। वहीं, इंटरनेशनल टेलीकम्युनिकेशन यूनियन की महासचिव डोरीन बोगडन-मार्टिन को वाइस प्रेसिडेंट बनाया गया है।
आईटीयू के मुताबिक, इस कमीशन का मुख्य उद्देश्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाना है। इसके साथ ही यह एआई पर लोगों का भरोसा बढ़ाने और ऐसी व्यावहारिक नीतियां व समाधान तैयार करने पर काम करेगा, जो सस्टेनेबल डेवलपमेंट में मददगार साबित हों। यह नया कमीशन आईटीयू -यूनेस्को ब्रॉडबैंड कमीशन फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट की पहल को आगे बढ़ाएगा।
मुकेश धीरूभाई अंबानी विश्व विख्यात भारतीय व्यवसायी हैं। वे रिलायंस इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष, प्रबंध निदेशक और कंपनी के सबसे बड़े शेयरधारक हैं। यह भारत में निजी क्षेत्र की सबसे बड़ी तथा फोर्च्यून 500 कंपनी है। रिलायंस इंडस्ट्रीज में उनकी व्यक्तिगत हिस्सेदारी 87.56 फीसद है। उनकी कंपनी रिलायंस जियो भारत की सबसे बड़ी टेलिकॉम कंपनी है। मुकेश और उनके छोटे भाई अनिल रिलायंस इंडस्ट्रीज के संस्थापक स्वर्गीय धीरू भाई अम्बानी के पुत्र हैं। मुकेश इंडियन प्रीमियर लीग की टीम मुंबई इंडियंस के स्वामी भी हैं।
इसी प्रकार सुनील भारती मित्तल एक प्रमुख भारतीय अरबपति उद्योगपति और परोपकारी व्यक्ति हैं, जिन्हें भारत के सबसे बड़े टेलीकॉम ऑपरेटर भारती एयरटेल के संस्थापक और अध्यक्ष के रूप में जाना जाता है। उन्होंने 1976 में एक छोटी साइकिल फैक्ट्री से अपना करियर शुरू किया और आज उनकी कंपनी टेलीकॉम, बीमा, रियल एस्टेट और एग्री-फूड में फैली हुई है। सुनील भारती मित्तल का जन्म 23 अक्टूबर 1957 को लुधियाना, पंजाब में हुआ था। उनके पिता, सतपाल मित्तल एक राजनेता थे। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा विनायक पब्लिक स्कूल और अपनी स्नातक की डिग्री पंजाब विश्वविद्यालय से पूरी की। शुरुआत में, उन्होंने अपने पिता से कर्ज लेकर एक साइकिल स्पेयर पार्ट्स का व्यवसाय शुरू किया। 1980 के दशक में, उन्होंने सुजुकी मोटरसाइकिलें और पोर्टेबल जनरेटर बेचना शुरू किया। 1995 में, उन्होंने भारत के दूरसंचार क्षेत्र में कदम रखा और भारती टेलीकॉम की स्थापना की, जो बाद में ‘एयरटेल’ के रूप में उभरी। आज, भारती एयरटेल दुनिया के सबसे बड़े मोबाइल नेटवर्क ऑपरेटरों में से एक है। उद्योग में उनके योगदान के लिए, भारत सरकार द्वारा उन्हें 2007 में देश के तीसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था।
(अशोक त्रिपाठी-हिफी फीचर)


