हेमामालिनी को विनोद खन्ना ने सिखाई राजनीति

बॉलीवुड की ड्रीम गर्ल और मथुरा से भारतीय जनता पार्टी की लोकसभा सांसद हेमा मालिनी पिछले 12 सालों से संसदीय राजनीति में एक्टिव हैं। हालांकि, उनके इस सफर की शुरुआत आसान नहीं थी। हाल ही में एक इंटरव्यू में हेमा मालिनी ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत से जुड़े कई दिलचस्प और अनदेखे पहलुओं का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि जहां उनकी मां ने उन्हें देश सेवा के लिए प्रेरित किया, वहीं विनोद खन्ना ने उन्हें राजनीति की बारीकियां सिखाईं।
हेमा मालिनी को आज लोग सिर्फ बॉलीवुड की ड्रीमगर्ल ही नहीं, बल्कि एक सफल राजनेता के तौर पर भी जानते हैं। उनकी राजनीतिक पारी की शुरुआत इतनी आसान नहीं थी, एक तरफ उनकी मां चाहती थीं कि वह देश सेवा के लिए राजनीति में कदम रखें तो दूसरी ओर उनके पति और हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र इस फैसले को लेकर बेहद चिंतित रहते थे। इस सफर में दिवंगत एक्टर विनोद खन्ना ने उनका हाथ थामा और उन्हें सार्वजनिक मंचों पर बोलने से लेकर चुनाव प्रचार तक की बारीकियां सिखाईं। धर्मेंद्र खुद 2004 से 2009 के दौरान राजस्थान की बीकानेर सीट से भारतीय जनता पार्टी के लोकसभा सांसद रह चुके थे। राजनीति में अपने व्यक्तिगत अनुभवों के आधार पर वे जानते थे कि एक फिल्मी सितारे के लिए राजनीति का सफर कितना कठिन और चुनौतीपूर्ण होता है। हेमा मालिनी ने बताया, धरम जी को मेरा राजनीति में जाना पसंद नहीं था। उन्होंने मुझे चुनाव न लड़ने की सलाह दी थी क्योंकि यह बेहद मुश्किल काम है। जब मैं देशभर में बीजेपी के लिए चुनाव प्रचार करने जाती थी तो जनसैलाब को देखकर वह डर जाते थे। वह मेरी सुरक्षा को लेकर बेहद चिंतित रहते थे और अकसर पूछते थे कि क्या यह सब करना वाकई जरूरी है? हेमा मालिनी ने बताया कि धर्मेंद्र को उनके हेलीकॉप्टर दौरों और सुरक्षा की चिंताओं के कारण काफी परेशानी होती थी। हालांकि, हेमा मालिनी ने इसे एक चुनौती के रूप में स्वीकार किया और आगे बढ़ने का फैसला किया। (हिफी)



