कुक्कू मोरे को कहते थे डांसिंग क्वीन रबर गर्ल

आइटम गर्ल और डांसर कुक्कू मोरे के बारे में। कुक्कू मोरे ने सारी जिंदगी लग्जरी में जी, लेकिन आखिरी दिनों में वह पाई-पाई को मोहताज थीं। सड़क पर सब्जी वाले जो डंठल फेंक देते थे, कुक्कू उन्हें बीनकर घर लातीं और पकाकर खाती थीं।
हिंदी सिनेमा में 40 और 50 के दशक में ऐसी हीरोइन रही, जिसके डांस में लचक और फुर्ती देख लोग उसे रबर गर्ल कहकर बुलाते थे। नजाकत के साथ-साथ बलखाती कमर और नाच देख हर कोई वाह-वाह कह उठता था। यह थीं हीरोइन कुक्कू मोरे, जो 40 और 50 के दशक की टॉपमोस्ट डांसर रहीं। कुक्कू मोरे को डांसिंग क्वीन कहा जाता था। कैबरे डांस की बात आती है तो जेहन में हेलेन का चेहरा उभर आता है। लेकिन इस तरह के डांस फॉर्म को लोकप्रियता कुक्कू मोरे ने दिलवाई थी हेलेन ने तो बाद में कुक्कू मोरे की इस विरासत (कैबरे) को आगे बढ़ाया।कुक्कू मोरे ने हिंदी सिनेमा में कैबरे डांस को इस कदर पहचान दिला दी थी कि 40 से 50 के दशक में बनी लगभग हर फिल्म में कैबरे को अनिवार्य बना दिया गया। कुक्कू मोरे अपने भड़कीले अंदाज और खर्चीले स्वभाव के लिए भी खूब जानी जाती थीं। हालांकि आखिरी वक्त में उनकी हालत ऐसी थी कि जानकर कोई भी सिहर उठे। अपने गजब के डांस हुनर के दम पर उस दौर में तगड़ी कमाई करने वालीं कुक्कू मोरे के पास आखिरी दिनों में इतने पैसे भी नहीं थे कि वह अपने लिए दवाई तक खरीद सकें। उनकी जान कैंसर ने ले ली। उन्होंने आजादी से पहले 1946 में फिल्म अरब का सितारा से बॉलीवुड में कदम रखे थे। इसके बाद उन्होंने अनोखी अदा, अंदाज शायर, बरसात और पतंगा जैसी कई और फिल्मों में काम किया। (हिफी)



