उत्तराखंड

विकास की निरंतरता के प्रतीक बने धामी

उत्तराखण्ड में भाजपा के किसी मुख्यमंत्री ने अब तक पांच वर्ष का कार्यकाल पूरा नहीं किया था। पुष्कर सिंह धामी अब ऐसे पहले मुख्यमंत्री बन गये जिन्होंने पांच साल का कार्यकाल पूरा किया है। यह एक रिकार्ड है लेकिन इसके साथ ही उन्होंने प्रदेश को विकास के मार्ग पर तेजी से बढ़ाया है। इस प्रकार मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी विकास की निरंतरता के प्रतीक भी बन गये हैं। ऋषिकेश के आईडीपीएल मैदान पर 5 जुलाई 2026 को भव्य समारोह भी आयोजित किया गया था। इसमें पूर्व मुख्यमंत्री डा0 रमेश पोखरियाल निशंक भी मौजूद थे। इस अवसर पर पुष्कर धामी सरकार की प्रमुख उपलब्धियां भी गिनाई गयीं। राज्य में अगले वर्ष विधानसभा का चुनाव भी होना है। मुख्यमंत्री की इस उपलब्धियों को भाजपा कार्यकर्ता और नेता गाँव-गाँव तक पहुंचाएंगे। पुष्कर सिंह धामी के कार्यकाल में राज्य को एक लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश प्राप्त हुआ है।

 

इससे हजारों युवाओं को रोजगार मिला है। लखपति दीदी अभियान के तहत दो लाख पैंसठ हजार महिलाएं आत्मनिर्भर बन चुकी हैं। उत्तराखण्ड में नकल विरोधी कानून, धर्मान्तरण के खिलाफ कानून और कड़े भू-कानून बनाने के साथ समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने वाला उत्तराखण्ड देश का पहला राज्य है और यह उपलब्धि पुष्कर सिंह धामी के खाते में ही दर्ज है।
उत्तराखण्ड में पुष्कर सिंह धामी 4 जुलाई 2021 को पहली बार मुख्यमंत्री बनाए गये थे। इसके बाद 2022 के चुनावों में भी भाजपा को उनके ही नेतृत्व में विजय मिली और 23 मार्च 2022 को वह पुनः सीएम बनाए गये।
इसीलिए ऋषिकेश का आईडीपीएल मैदान गत 5 जुलाई को “धाकड़ धामी जिंदाबाद” के नारों से पूरा परिसर गूंज रहा था। उत्तराखंड की राजनीति में यह दिन बेहद खास था। उत्तराखंड के इतिहास में पहली बार किसी मुख्यमंत्री ने लगातार पांच वर्षों तक नेतृत्व करते हुए यह मुकाम हासिल किया।

राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पांच वर्ष से अधिक समय तक सफलतापूर्वक दायित्व निभाने पर बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि जनता के विश्वास, लोकतांत्रिक स्थिरता और विकास की निरंतरता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में नकल विरोधी कानून, धर्मांतरण के विरुद्ध कानून और सख्त भू-कानून यूसीसी जैसे ऐतिहासिक निर्णय लिए गए हैं। उन्होंने कहा कि यही ऋषिकेश-हरिद्वार की वह धरती है, जहां मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भ्रष्टाचार के खिलाफ ऐसा फैसला लिया कि आने वाले समय में भ्रष्टाचार करने वाले अधिकारी भी कांपते रहेंगे। पूर्व मुख्यमंत्री डॉ। रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ भी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की कार्यशैली के दीवाने नजर आए। उन्होंने अपने संबोधन में मुख्यमंत्री धामी को एक दमदार नेता बताते हुए यहां तक कहा कि जब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के द्वारा लिये गए निर्णयों का अनुसरण देश के अन्य राज्य करते हैं, तब उनका सीना गर्व से चैड़ा हो जाता है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में स्पष्ट कहा कि सरकार के लिए यह अवसर उत्सव का नहीं, बल्कि आत्ममंथन और जनसेवा के संकल्प को और मजबूत करने का है।

उन्होंने कहा कि सत्ता उनके लिए कभी लक्ष्य नहीं रही, बल्कि सेवा का माध्यम रही है। जनसेवा, सुशासन, समर्पण और जनता के विश्वास को ही सरकार की सबसे बड़ी पूंजी बताते हुए मुख्यमंत्री ने वर्ष 2035 तक उत्तराखंड को विकसित और श्रेष्ठ राज्य बनाने का संकल्प दोहराया।
मुख्यमंत्री ने अपने पांच वर्षों के कार्यकाल का रिपोर्ट कार्ड भी जनता के सामने रखा। उन्होंने बताया कि राज्य में एक लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश धरातल पर उतर चुका है। चारधाम यात्रा, शीतकालीन यात्रा, राष्ट्रीय खेल और जी-20 जैसे आयोजनों ने उत्तराखंड को नई पहचान दी है।
पिछले पांच वर्षों में 34 हजार से अधिक युवाओं को पूरी पारदर्शिता के साथ सरकारी नौकरियां मिलीं। स्टार्टअप नीति, होमस्टे योजना, एक जनपद-दो उत्पाद, सौर स्वरोजगार योजना और स्वरोजगार आधारित योजनाओं के जरिए युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया गया। वहीं लखपति दीदी अभियान के तहत दो लाख पैंसठ हजार से अधिक महिलाएं आत्मनिर्भर बन चुकी हैं।

बीते पांच वर्षों में धामी सरकार के कई फैसले राष्ट्रीय चर्चा का विषय बने। समान नागरिक संहिता लागू करना, सख्त नकल विरोधी कानून, धर्मांतरण विरोधी कानून, प्रभावी भू-कानून, भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, 1064 हेल्पलाइन के माध्यम से भ्रष्टाचार पर प्रहार, बड़े अधिकारियों तक कार्रवाई पहुंचाना, अवैध मदरसों पर कार्रवाई, मदरसा बोर्ड से जुड़े निर्णय, अवैध अतिक्रमण के खिलाफ अभियान और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया जैसे फैसलों ने सरकार की कार्यशैली को अलग पहचान दी। इसी दौरान पर्यटन के क्षेत्र में रिकॉर्ड बढ़ोतरी, निवेश, आधारभूत संरचना, सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और सीमांत क्षेत्रों के विकास को भी सरकार ने अपनी बड़ी उपलब्धियों के रूप में प्रस्तुत किया। आईडीपीएल मैदान में उमड़ी भीड़, मंच से विकास का विजन, राज्यपाल की खुली सराहना और मुख्यमंत्री का सेवा का संकल्प- इन सबने यह संदेश जरूर दिया कि पांच वर्षों का यह पड़ाव केवल एक राजनीतिक उपलब्धि नहीं, बल्कि उत्तराखंड की नई विकास यात्रा का प्रतीक बनकर सामने आया है।

गत जून हरिद्वार नगर निगम भूमि खरीद मामले में तत्कालीन नगर आयुक्त हरिद्वार नगर निगम वरुण चैधरी को तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त करने की सिफारिश की गई है। इसी के साथ तत्कालीन जिलाधिकारी हरिद्वार कर्मेंद्र सिंह को अपने पदीय दायित्वों एवं कर्तव्यों के समुचित निर्वहन में गंभीर लापरवाही का दोषी मानते हुए उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने का भी निर्णय लिया गया। दोनों अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार एक्शन के लिए कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग को संस्तुति भेजी गई है। इसके अलावा उस समय कार्यरत एसडीएम अजयवीर सिंह के विरुद्ध परनिंदा प्रविष्टि दर्ज करने और उनकी तीन वेतनवृद्धियां रोकने के निर्देश भी दिए गए हैं। गौरतलब है कि हरिद्वार नगर निगम भूमि खरीद मामले के सामने आते ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सख्त रुख अपनाया था। प्रारंभिक जांच में अनियमितताओं के संकेत मिलने पर तत्कालीन जिलाधिकारी कर्मेंद्र सिंह और पूर्व नगर आयुक्त वरुण चैधरी सहित कई अधिकारियों को निलंबित किया गया था।

 

इसके बाद विशेष जांच और ऑडिट के माध्यम से पूरे प्रकरण की गहन पड़ताल कराई गई। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट कहा कि भ्रष्टाचार के मामलों में किसी भी स्तर पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। धामी सरकार की इस कार्रवाई को राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी प्रशासनिक कार्रवाइयों में से एक माना गया।
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने जून में अपने तीन दिवसीय उत्तराखंड दौरे के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व और राज्य सरकार के कार्यों की खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा था कि गंगा मैया के आशीर्वाद और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में भाजपा वर्ष 2027 में उत्तराखंड में लगातार तीसरी बार सरकार बनाएगी। (हिफी)

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