तीज-त्योहार

उलझन में मकर संक्राति

मकर संक्रांति हमारे देश का एक प्रमुख त्योहार ही नहीं महत्वपूर्ण अवसर भी है। इस दिन सूर्यदेव दक्षिणायन से उत्तरायण की तरफ गति करते हैं। अर्थात सूर्य मकर राशि में प्रवेश करते हैं। यह बहुत ही शुभ समय माना जाता है। इस दिन खिचड़ी का दान बहुत ही फलदायी माना जाता है। आमतौर पर 14 जनवरी को यह संयोग होता है लेकिन इस बार 14 जनवरी को मकर संक्रांति के साथ-साथ षटतिला एकादशी भी पड़ रही है। एकादशी पर चावल खाने से परहेज किया जाता है। इतना ही नहीं चावल का दान भी नहीं करना चाहिए।पुरुषोत्तम मास की एकादशी भी फलदायी

सवाल यह है कि अगर खिचड़ी दान न करें तो क्या दान करें? इसीलिए ज्यादातर लोग 15 जनवरी को खिचड़ी भोज और खिचड़ी दान का आयोजन कर रहे हैं। वे इसका कारण यह बताते हैं कि एकादशी के दिन चावल को हाथ तक नहीं लगाना चाहिए। ज्योतिषाचार्य का कहना है कि एकादशी के दिन चावल का दान करने से पुण्य नहीं मिलता है। कुछ ज्योतिषाचार्य बताते हैं कि अन्न दान करने के साथ गर्म कपड़े जैसे कंबल, स्वेटर आदि गरीबों को दान कर सकते हैं। तिल, गुड़ के साथ गेहूं, जई, बाजरा और अन्य अनाज दान किये जा सकते हैं।

ज्योतिषाचार्यों ने हालांकि यह भी सुझाव दिया है कि 15 जनवरी को मकर संक्रांति मनाते हुए खिचड़ी खाएं और दान करें। द्वादशी पर चावल दान शुभ माना जाता है। बहरहाल, इस बार मकर संक्राति ने लोगों को उलझन में डाल रखा है। विभिन्न राशियों पर मकर संक्रांति का प्रभाव ज्योतिष शास्त्रियों के अनुसार इस प्रकार पड़ेगा।

इस साल 14 जनवरी को दोपहर करीब 3 बजकर 15 मिनट भारतीय समयनुसार सूर्य मकर राशि में प्रवेश करेंगे और इस दिन एकादशी तिथि भी पड़ रही है। एकादशी आंतरिक शुद्धि से जुड़ा है और मकर संक्रांति के साथ इसका शुभ संयोग और भी खास बन जाता है एक ज्योतिषाचार्य बताते हैं कि, जैसे ही सूर्य का मकर राशि में प्रवेश होगा, जो शनि के अधीन है, अनुशासन, जिम्मेदारी और कर्मिक जवाबदेही के विषय प्रमुख हो जाते हैं।

मेष राशि वालों के लिए संक्रांति जीवन में ठहराव का संदेश देता है। ऐसा इसलिए ताकि आप जल्दबाजी के चक्कर में नुकसान न कर बैठें। नेतृत्व कर्ता के रूप में अपनी भूमिका बनाने की कोशिश करें। इसके लिए रोजमर्रा की छोटी-छोटी जिम्मेदारियों से बचने की सलाह है। इस बात को याद रखें कि, किसी भी काम में जल्दबाजी के परिणाम से बचें, निरंतर मेहनत करते रहे सफलता जरूर मिलेगी।
वृषभ राशि के लिए मकर संक्रांति का प्रभाव स्थिरता से भरा साबित हो सकता है। अल्पकालिक के बजाय दीर्घकालिक चीजों के बारे में सोचेंगे तो सब कुछ सरल होता चला जाएगा।तीरथ राज प्रयाग सुकरमा…

जीवन में धैर्य रखना धन, ज्ञान और भविष्य की योजनाओं के लिए जरूरी है। जब जीवन सरल होता है, तो आप भावनात्मक रूप से ज्यादा स्थिर अनुभव करते हैं। यह समय मार्गदर्शन बदलने का नहीं बल्कि उन चीजों पर ध्यान देने का है, जो पहले से बेहतर चल रही है।
मिथनु राशि वालों के लिए यह संक्रांति रुककर सोचने का मौका देती है। इस दौरान पुरानी बातचीत, आधे-अधूरे फैसले मन पर हावी हो सकते हैं। रिश्तों के प्रति जिम्मेदारियां बढ़ेंगी। इस दौरान मन को शांत रखें।

कर्क राशि वाले सामान्य से अधिक संवेदनशील महसूस करेंगे, लेकिन इसके पीछे एक वजह है। इससे आपको ये समझने में सहायता मिलेगी कि, सीमा कहां तक है। रिश्तों में ईमानदारी की आवश्यकता है। अपनी भावनाओं को नियंत्रण में रखें। सिंह राशि के जातकों के लिए यही सलाह है कि, लोगों की प्रशंसा पर ध्यान देने की बजाए अपनी जिम्मेदारियों को समझें। आपको ऐसा लग सकता है कि, आपकी मेहनत को तुरंत पहचान न मिलें, लेकिन यह ज्यादा समय तक नहीं टिकेगा। अपनी दिनचर्या, आदतों और सेहत का विशष ध्यान दें। कन्या राशि वाले जीवन में शांत और स्थिर रहकर सब कुछ हासिल कर सकते हैं। इस दौरान स्वाभाविक रूप से चीजों को व्यवस्थित और बेहतर करने का मन बना सकते हैं। छोटे लेकिन नियमित बदलावों से व्यक्तित्व में बेहतर सुधार देखने को मिल सकता है।
हर चीज के बारे में सोचना बंद कर दें, ऐसा करने से हल्का महसूस करेंगे। हर चीज को ठीक करने के बजाए उसे स्वीकार करना सीखें।
तुलाराशि वाले रिश्तों को अस्पष्ट न होने दें, पार्टनर के साथ संतुलन बनाकर चलना सीखें। वित्तीय और भावनात्मक दोनों तरह के फैसले सोच-समझकर लें। भले ही शुरुआत में चीजें अजीब लग सकती हैं लेकिन अपनी अपेक्षाओं को स्पष्ट करना सीखें।

वृश्चिक राशि वाले इस मकर संक्रांति काफी कुछ महसूस कर सकते हैं। अतीत की यादों से लेकर ऐसे पल जिन्हें याद करके मन दुखी हो सकता है। इन विचारों से पार पाने के लिए इन्हें स्वीकारें और जाने दें। आपके लिए अकेले रहना, खुद की चीजों पर विचार करना और ईमानदारी अपनाना फायदेमंद साबित हो सकता है। इस समय शांति और संयम को प्राथमिकता दें।
धनु राशि वालों ब्रह्मांड आपके विचारों और कार्य करने के तरीकों पर नजर रख रहा है। हो सकता है कि आप उन लक्ष्यों के प्रति संदेह करने लगें जिनके बारे में आप पहले पूरी तरह आश्वस्त थे। आपके लिए ये समय असफलता का नहीं, बल्कि सुधार का समय है।
मकर राशि के जातकों के लिए यह समय एक बड़ा कदम साबित हो सकता है। अपनी जिम्मेदारी की भावनाओं को समझने की कोशिश करें। इस दौरान अपेक्षाओं का दबाव महसूस कर सकते हैं, लेकिन यही दबाव आपको उनसे निपटने की शक्ति भी प्रदान करेगा।
कुंभ राशि वालों की इस समय भविष्य की योजना पूर्ण होते नजर आ रही है। जो चीजें पहले रोमांचक लगती थीं, अब उनके लिए एक सटीक योजना बनाने की जरूरत है। ऐसा करने से शायद बेचैनी महसूस हो सकती है, लेकिन किसी भी कार्य में सफलता एक बार में नहीं आ सकती है।

मीन राशि वालों के लिए यह समय अपने बारे में सोचने का है भले ये कार्य बोरिंग लग सकता है, लेकिन ऐसा करने से कई सवालों के जवाब मिल सकते हैं। आपको सच्चाई का सामना विनम्रतापूर्वक और ईमानदारी के साथ करना चाहिए। सलाह यही है कि, एक समय पर एक चीज पर काम करें। ऐसा करने से निजी जीवन अधिक स्थिर रहेगा। (मोहिता-हिफी फीचर)

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