महाराष्ट्र में महायुति की खिचड़ी

अटल बिहारी बाजपेयी ने कहा था कि गठबंधन की सरकार चलाना बहुत मुश्किल होता है। महाराष्ट्र में भी इसकी झलक मिल रही है। सरकार के तीन प्रमुख घटक हैं- पहली भाजपा, जो सबसे बड़ी पार्टी है, दूसरी एकनाथ शिंदे के गुटवाली शिवसेना और तीसरी अजित पवार के नेतृत्व मंे बनी राष्ट्रवादी कांगेस पार्टी। इसे एनसीपी अजित पवार गुट कहते हैं लेकिन अजित दादा की एक हादसे मंे मौत के बाद उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार पार्टी का नेतृत्व कर रही है और अजित पवार की जगह डिप्टी सीएम भी बन गयी हैं। पूर्व में एनसीपी (अजित पवार गुट) के पास वित्त मंत्रालय भी था जो अब सीएम देवेन्द्र फडणवीस के पास है। बताते हैं गत 2 नवम्बर को अजित पवार गुट के आधा दर्जन नेता गृहमंत्री अमित शाह से मिले। इस मुलाकात मंे दो मुद्दे प्रमुख बताये गये- पहला यह कि एनसीपी के दोनों गुटों का क्या विलय करना उचित होगा और दूसरा यह कि वित्त मंत्रालय का प्रभार एनसीपी (अजित पवार गुट) को फिर से सौंप दिया जाए। अमित शाह ने क्या जवाब दिया, यह तो पता नहीं चल सका लेकिन इस मुलाकात से महाराष्ट्र में सियासत गर्म हो गयी है। दूसरी तरफ अभिनेत्री दीया मिर्जा के एक वीडियो संदेश को लेकर एकनाथ शिंदे की शिवसेना और भाजपा मंे तनातनी देखने को मिली है। दीया मिर्जा ने पटाखा मुक्त दीवाली मनाने का संदेश वीडियो पर दिया था।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी-अजित पवार गुट) के नेताओं ने 2 नवम्बर को दिल्ली में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की। इस मुलाकात में वित्त मंत्रालय पर चर्चा हुई है, सूत्रों के मुताबिक महाराष्ट्र सरकार में वित्त मंत्रालय का पोर्टफोलियो दोबारा एनसीपी को सौंपने की मांग हुई है। अजित पवार के निधन के बाद उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार सरकार में डिप्टी सीएम बनी थी। हालांकि वित्त मंत्रालय का प्रभार सीएम देवेंद्र फडणवीस के पास ही है। अमित शाह से अजित पवार गुट के छह नेता, धनंजय मुंडे, सुनील तटकरे, प्रफुल्ल पटेल, हसन मुश्रीफ, छगन भुजबल और दिलीप वाल्से पाटिल ने मुलाकात की थी। बताया जा रहा है कि इस बैठक में वित्त मंत्रालय दोबारा एनसीपी को दिए जाने और एनसीपी के दोनों गुट फिर से एक साथ नहीं आने चाहिए वाले मुद्दे पर चर्चा हुई है। सूत्रों के मुताबिक एनसीपी नेताओं ने बैठक के दौरान पार्टी के कुछ युवा नेताओं के खिलाफ अपनी गहरी नाराजगी जाहिर की है। दिल्ली में हुई इस मुलाकात की सबसे बड़ी बात यह है कि इसमें डिप्टी सीएम सुनेत्रा पवार और उनके बेटे पार्थ पवार की गैर-मौजूदगी की चर्चा ज्यादा हो रही है क्योंकि यह पार्टी के दोनों प्रमुख नेता हैं, लेकिन इस मुलाकात में दोनों नेता मौजूद नहीं थे।
इसके बाद मुंबई में शाम 4 बजे दिवंगत अजित पवार के आवास पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की बड़ी बैठक हुई। इस बैठक में आज अमित शाह से मुलाकात करने वाले सभी नेताओं के उपलब्ध थे। ऐसे बैठक से पहले 6 नेताओं की बिना डिप्टी सीएम सुनेत्रा पवार के अमित शाह से मुलाकात के बाद राजनीतिक हलचल तेज है। वहीं अमित शाह के साथ हुई एनसीपी की बैठक के संदर्भ में बीजेपी प्रवक्ता नवनाथ बन ने कहा है कि वित्त मंत्रालय किसे सौंपना है, यह पूरी तरह से मुख्यमंत्री का अधिकार है। वे यह निर्णय लेने में सक्षम हैं और सही समय आने पर मुख्यमंत्री द्वारा वित्त मंत्रालय का आवंटन कर दिया जाएगा।
उधर, बॉलीवुड अभिनेत्री दीया मिर्जा के पटाखा मुक्त प्रदूषण मुक्त दिवाली मनाने की अपील वाले एक वीडियो को लेकर मुंबई में सियासी घमासान मच गया है। मुंबई बीजेपी के नेता अमित साटम की कड़ी आपत्ति के बाद बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने अपने सोशल मीडिया हैंडल से दीया मिर्जा का यह वीडियो डिलीट कर दिया। इस कदम के बाद जहां बीएमसी में सत्ताधारी बीजेपी और एकनाथ शिंदे गुट की शिवसेना आमने-सामने आ गए हैं, वहीं खुद शिवसेना के भीतर भी दो अलग-अलग सुर सुनाई दे रहे हैं। एक तरफ बीजेपी के मंत्री नितेश राणे, एमएलसी श्रीकांत भारतीय और शिवसेना प्रवक्ता शाइना एनसी ने दीया मिर्जा को हिंदुओं को ज्ञान न बांटने की नसीहत दी है, तो दूसरी तरफ शिंदे गुट के ही बीएमसी डिप्टी मेयर संजय घाड़ी और अमेय घोले ने अभिनेत्री का बचाव करते हुए बिना बताए वीडियो हटाने पर सवाल खड़े किए हैं। वहीं समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अबू आसिम आजमी ने वीडियो हटवाने की इस कार्रवाई को सीधी गुंडागर्दी करार दिया है।
यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब बीएमसी ने पटाखा मुक्त और प्रदूषण रहित दिवाली के अभियान के तहत दीया मिर्जा का एक वीडियो शेयर किया। मुंबई बीजेपी के नेता अमित साटम ने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि हमें यह सिखाने की जरूरत नहीं है कि दिवाली कैसे मनाई जाए, जिसके बाद बीएमसी ने वीडियो हटा दिया। हालांकि बीएमसी में बीजेपी की सहयोगी शिवसेना (शिंदे गुट) के डिप्टी मेयर संजय घाड़ी ने इस पर नाराजगी जताते हुए कहा कि दीया मिर्जा ने हमें कोई ज्ञान नहीं बांटा है, बल्कि उन्होंने एक बहुत ही अच्छा संदेश दिया है और त्योहारों के मौसम में धार्मिक तनाव पैदा नहीं करना चाहिए। संजय घाड़ी ने यह भी कहा कि वीडियो डिलीट किए जाने के बारे में मेयर, डिप्टी मेयर या सदन के नेता में से किसी को भी कोई जानकारी नहीं दी गई। शिंदे गुट के ही नेता अमेय घोले ने भी बीएमसी प्रशासन से जवाब मांगते हुए पूछा है कि आखिर किस कारण से यह वीडियो डिलीट किया गया, प्रशासन को इसका खुलासा करना चाहिए। दिलचस्प बात यह है कि जहां शिंदे गुट के स्थानीय नेता दीया मिर्जा का समर्थन कर रहे हैं, वहीं पार्टी की प्रवक्ता शाइना एनसी ने अभिनेत्री के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। शाइना एनसी ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि दिवाली साफ तौर पर रोशनी का त्योहार है और दीया मिर्जा, जिनके खुद के नाम में दीया है, उन्हें यह समझना चाहिए कि दिवाली के साथ एक खास सांस्कृतिक पहचान जुड़ी हुई है। उन्होंने आगे कहा कि कोई भी प्रदूषण फैलाने या पटाखे फोड़ने को बढ़ावा नहीं दे रहा है, लेकिन यह आत्ममंथन हमें खुद करना है और मुंबईकर होने के नाते हमें क्या करना चाहिए, इस पर किसी बाहरी व्यक्ति से सबक लेने की जरूरत नहीं है।
बीजेपी नेताओं ने इस मुद्दे पर दीया मिर्जा को सीधे तौर पर निशाने पर लिया है। महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नितेश राणे ने कहा कि दीया मिर्जा दिवाली पर तो ट्वीट करती हैं, लेकिन ईद, मुहर्रम या बकरीद के दौरान कभी ऐसी सलाह नहीं देतीं।
(अशोक त्रिपाठी-हिफी फीचर)



