सेंटनर! भारतीयों का दिल फौलाद का है

खेल को खेल की भावना से ही खेलना भी चाहिए और देखना भी चाहिए। जीत, हार या बराबरी- यही नतीजे आते हैं। मैं इसी भावना से इस बार के टी-20 विश्व कप को भी देख रहा था लेकिन फाइनल मुकाबले से पहले न्यूजीलैण्ड के कप्तान मिथेल सेंटनर ने एक चुभने वाली बात कह दी। वह अपनी टीम को टी-20 विश्व कप जिताने की बात कहते तो कोई कष्ट नहीं होता लेकिन उन्होंने कहा कि हमारी टीम करोड़ों भारतीयों का दिल तोड़ेगी। सेंटनर भूल गये कि हम भारतीय दोस्ती के लिए बहुत ही कोमल दिल रखते हैं लेकिन कोई दिल तोड़ने की जुर्रत करे तो उसके लिए हमारा दिल फौलादी हो जाता है। सेंटनर की टीम ने देख लिया कि फाइनल मुकाबले में हमारे खिलाड़ियों ने किस तरह से न्यूजीलैण्ड टीम की धज्जियां उड़ाईं। संजू सैमसन के बैट और जसप्रीत बुमराह की गेंदबाजी ने न्यूजीलैण्ड की बाॅलिंग और बैटिंग को बिखेर दिया था। सेंटनर ने 35 गेंदों पर 43 रन की पारी जरूर खेली लेकिन भारतीय टीम ने 96 रन से न्यूजीलैण्ड को हराकर लगातार तीसरी बार टी-20 विश्वकप ट्राफी पर कब्जा कर लिया है। भारत की पूरी टीम बधाई की पात्र है लेकिन संजू सैमसन, अभिषेक शर्मा और जसप्रीत बुमराह की विशेष रूप से सराहनी की जाएगी। संजू को प्लेयर आफ द टूर्नामेंट और जसप्रीत बुमराह को प्लेयर आॅफ द मैच का अवार्ड़ भी मिला है लेकिन कोच गौतम गंभीर की भी तारीफ करनी होगी जिन्होंने टीम एकादश का चयन बहुत ही दूरदर्शिता से किया था। इस विजय ने देश को साल में दूसरी दीवाली मनाने का अवसर दिया और दिल तोड़ने वालों का दिल टूट गया।
भारत को टी-20 विश्व कप में इस बार न्यूजीलैण्ड से फाइनल खेलना था। न्यूजीलैण्ड टीम ने उस दक्षिण अफ्रीका टीम को सेमी फाइनल में बुरी तरह से पराजित कर चुकी थी जिसने सुपर 8 के मुकाबले में भारतीय टीम को पराजित किया था जिससे न्यूजीलैण्ड टीम का गुरूर सातवें आसमान था। लेकिन फाइनल में संजू सैमसन, अभिषेक शर्मा, ईशान किशन, बुमराह ने उनके गुरूर को तोड़ दिया। संजू सैमसन ने टी-20 विश्व कप 2026 के आखिरी तीन मैचों में जिस तरह का प्रदर्शन किया, उसने टीम इंडिया को खिताब जिताने में काफी मदद की। कहां तो संजू प्लेइंग इलेवन से बाहर हो गए थे और अब वे आईसीसी टी20 विश्व कप के प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट बन गए हैं। जसप्रीत बुमराह को फाइनल मैच के लिए प्लेयर ऑफ द मैच का अवार्ड दिया गया। टीम इंडिया ने एक बार फिर टी-20 विश्व कप का खिताब अपने नाम करने में कामयाबी हासिल की है। पूरे टूर्नामेंट में भारत ने कमाल का खेल दिखाया। साउथ अफ्रीका को छोड़ दिया जाए तो बाकी टीम इंडिया एक भी मैच नहीं हारी और हर मैच में एक नया हीरो निकलकर आया। संजू सैमसन ने टी-20 विश्व कप 2026 में 321 रन बनाए और प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट रहे। आखिरी तीन मैचों में उन्होंने हर बार 80 से अधिक रनों की पारी खेली और टीम इंडिया जीत में अहम योगदान दिया।
इस बीच भारत बनाम न्यूजीलैंड फाइनल मैच के लिए जसप्रीत बुमराह को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया है। फाइनल मुकाबले में जसप्रीत बुमराह ने केवल 15 रन देकर 4 विकेट हासिल किए। उनके पास 5 विकेट लेने का मौका था, लेकिन वे इससे चूक गए। बुमराह ने पूरे टूर्नामेंट में कुल मिलाकर 14 विकेट लिए। भारत के वरुण चक्रवर्ती ने भी 14 विकेट अपने नाम किए हैं। जो इस साल के विश्व कप में संयुक्त रूप से सबसे ज्यादा है। इस बीच टूर्नामेंट के दौरान सबसे ज्यादा छक्के ठोकने वाले बल्लेबाज संजू सैमसन हैं। उन्होंने कुल मिलाकर 24 छक्के ठोकने का काम किया है। टी-20 वल्र्ड कप 2026 में भारतीय सलामी बल्लेबाज संजू सैमसन ने सिर्फ छक्कों की बरसात ही नहीं की, बल्कि अपने दमदार प्रदर्शन से टूर्नामेंट के सबसे बड़े अवॉर्ड पर भी कब्जा जमा लिया। संजू शानदार बल्लेबाजी के दम पर प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट चुने गए। इसके साथ ही उन्होंने टूर्नामेंट में बड़ा कारनामा कर दिया। दरअसल, सैमसन टी-20 वल्र्ड कप इतिहास में प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट बनने वाले सिर्फ तीसरे भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं। उनसे पहले यह उपलब्धि केवल विराट कोहली और जसप्रीत बुमराह हासिल कर चुके हैं।
पूरे टूर्नामेंट में सैमसन का बल्ला जमकर बोला। उन्होंने कुल 321 रन बनाए और कई अहम मौकों पर टीम इंडिया को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। सुपर-8 के करो या मरो के मुकाबले में वेस्टइंडीज के खिलाफ सैमसन ने नाबाद 97 रन की शानदार पारी खेलकर भारत को जीत दिलाई। इसके बाद सेमीफाइनल और फाइनल दोनों बड़े मुकाबलों में भी उन्होंने 89-89 रन बनाकर टीम को खिताब जिताने में अहम योगदान दिया। इस तरह टी-20 वल्र्ड कप 2026 में सैमसन का प्रदर्शन भारतीय क्रिकेट के लिए यादगार बन गया। उनकी निरंतर और आक्रामक बल्लेबाजी ने न सिर्फ टीम इंडिया को चैंपियन बनाया, बल्कि उन्हें टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी भी बना दिया। लगातार दूसरी बार भारतीय प्लेयर के खाते में प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट का अवॉर्ड आया है। कोहली ने 2014 और 2016 में प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट का खिताब अपने नाम किया था। वहीं 2024 में यह सम्मान भारतीय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह को मिला था, जिन्होंने आठ मैचों में 15 विकेट लेकर टीम की खिताबी जीत में अहम भूमिका निभाई थी। टी-20 वल्र्ड कप के पहले संस्करण में यह अवॉर्ड शाहिद अफरीदी को मिला था, जब भारत ने फाइनल में पाकिस्तान को हराकर ट्रॉफी जीती थी।
भारत की टी-20 वल्र्ड कप 2026 में ऐतिहासिक जीत के बाद जहां पूरे देश में जश्न का माहौल है, वहीं इस जीत के बाद एक खास संदेश ने भी लोगों का
ध्यान खींचा है। भारत के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने टीम इंडिया को बधाई देते हुए हेड कोच गौतम गंभीर के लिए एक खास संदेश साझा किया, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा था। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए फाइनल मुकाबले में भारत ने न्यूजीलैंड को बड़े अंतर से हराकर लगातार दूसरी बार टी20 वर्ल्ड कप का खिताब जीत लिया। इस शानदार जीत के बाद धोनी ने इंस्टाग्राम पर टीम को बधाई दी और खास तौर पर गौतम गंभीर के लिए एक मजेदार लेकिन दिल छू लेने वाला संदेश लिखा। धोनी ने अपने पोस्ट में टीम इंडिया, सपोर्ट स्टाफ और दुनियाभर के भारतीय क्रिकेट फैंस को बधाई दी। उन्होंने लिखा कि अहमदाबाद में इतिहास बनते देखना बहुत खास रहा और टीम का प्रदर्शन शानदार था। इसी पोस्ट में धोनी ने गौतम गंभीर को लेकर भी एक खास लाइन लिखी, जिसने सभी का ध्यान खींच लिया। उन्होंने कहा कि “कोच साहब की मुस्कान उन पर बहुत अच्छी लगती है और मुस्कान के साथ उनकी तीव्रता एक खतरनाक कॉम्बिनेशन बनाती है। आप सब इस पल को सेलीब्रेट करें। (बुमराह के बारे में कुछ न लिखूं तो ही बेहतर है चैंपियन गेंदबाज)।” गौतम गंभीर को आमतौर पर मैदान पर गंभीर और शांत स्वभाव के लिए जाना जाता है। ऐसे में धोनी का यह हल्का-फुल्का संदेश फैंस को काफी पसंद आया और सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है। गौतम गंभीर जुलाई 2024 में टीम इंडिया के हेड कोच बने थे। उनके कोच बनने के बाद से भारतीय टीम ने टी-20 क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन किया है। कप्तान सूर्यकुमार यादव के साथ उनकी जोड़ी ने टीम को लगातार सफलता दिलाई है। खास बात यह है कि गंभीर और सूर्यकुमार की जोड़ी ने अब तक एक भी टी20 सीरीज नहीं गंवाई है। टी20 वर्ल्ड कप 2026 जीतकर इस जोड़ी ने अपनी सफलता को और मजबूत बना दिया है। यह इतिहास सेंटनर को भी पता होगा। फिर भी उन्हांेने गर्वोक्ति की। यह अच्छा नहीं लगा।
(एस.सी. मिश्र-हिफी फीचर)



