सम-सामयिक

पति के लिए व्रत रखा, फिर घर खंगाला

करवाचैथ की रात हमेशा प्यार, विश्वास और परिवार के साथ बिताए जाने वाले खास पलों के लिए याद रखी जाती है लेकिन यही करवाचैथ की रात, जब देशभर में सुहागिनें अपने पतियों की लंबी आयु के लिए व्रत और पूजा कर रही थीं, वहीं यूपी के एक जिले में भरोसे और रिश्तों को तार-तार करने वाली लुटेरी दुल्हनों के गिरोह की बड़ी वारदात सामने आई। यहां के सासनी गेट थाना क्षेत्र में 12 परिवार उस वक्त सन्न रह गए, जब उनकी नई-नवेली दुल्हनें पूजा-पाठ के बाद सबको नशीला खाना खिलाकर घर में रखे लाखों रुपये के जेवर और नकदी लेकर फरार हो गईं।
अलीगढ़ जनपद के थाना सासनी गेट क्षेत्र के मथुरा रोड पर ऐसी वारदात हुई। पीड़ित परिवारों ने पुलिस को बताया कि 9 अक्टूबर को दो युवतियों की शादी हुई थी। इनमें से एक की कोर्ट मैरिज और दूसरी की घर में फेरे डालकर शादी संपन्न हुई थी। सब कुछ सामान्य चल रहा था, यहां तक कि दोनों ने करवा चैथ के दिन अपने-अपने पतियों की लंबी उम्र के लिए व्रत भी रखा. लेकिन उनके मन में प्यार नहीं, लूट की साजिश पल रही थी। शादी के महज दो दिन बाद ही, उनका असली इरादा सामने आ गया।
शादी की रस्में पूरी होने के बाद, लुटेरी दुल्हनों ने रात के अंधेरे का फायदा उठाया। फरार होने के लिए उन्होंने दूसरी मंजिल से नीचे उतरने का एक चैंकाने वाला तरीका अपनाया। दोनों ने साड़ी की रस्सी बनाई और उसी के सहारे नीचे उतर गईं। भागने से पहले, उन्होंने दो परिवारों को बड़ा झटका दिया। दोनों अपने साथ चार सोने के कंगन, अंगूठी, मंगलसूत्र और करीब एक लाख बीस हजार रुपये नकद लेकर चंपत हो गईं। सुबह होते ही परिवारों में मातम और अविश्वास का सन्नाटा छा गया। घटना के बाद दोनों पीड़ित परिवारों ने थाना सासनी गेट में शिकायत दर्ज कराई है। पूर्व मेयर शकुंतला भारती भी पीड़ित परिवार के साथ थाने पहुंचीं और उन्होंने इसे लुटेरी दुल्हनों के गिरोह का काम बताया। उन्होंने मनोज गुप्ता नामक एक व्यक्ति को इस गिरोह का सरगना होने का आरोप लगाया है।
परिवारों ने सोचा था कि यह त्योहार खुशियों और मंगल का प्रतीक है। लेकिन करवाचैथ की यह रात उनके लिए यादों में जहर बन गई। न केवल परिवार सदमे में हैं, बल्कि यह मामला पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गया है। यह कोई सामान्य चोरी नहीं बल्कि एक सुनियोजित लुटेरी दुल्हन रैकेट की योजना थी। नई-नई दुल्हनों ने करवाचैथ का व्रत रखकर, खुद खाना बनाकर घरवालों को खिलाया और फिर नकदी और जेवर लेकर फरार हो गईं।
फिलहाल, पुलिस ने तहरीर लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का मानना है कि बिहार से आई इन लुटेरी दुल्हनों की संख्या दर्जन से ज्यादा हो सकती है और जल्द ही इस गिरोह का पर्दाफाश किया जाएगा। मामला इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है।
यह कोई एक घटना नहीं, बल्कि एक सुनियोजित साजिश थी, जिसने 12 घरों में एक साथ मातम फैला दिया। जानकारी के अनुसार, ये सभी ‘दुल्हनें’ बिहार और झारखंड से लाई गई थीं, जिन्हें दलालों ने शादी के लिए लड़कियों की कमी से जूझ रहे परिवारों में 80 हजार से डेढ़ लाख रुपये लेकर ब्याहा था।
पीड़ित परिवारों के मुताबिक, शादी के बाद इन दुल्हनों ने अपने व्यवहार से कुछ ही दिनों में सबका दिल जीत लिया था। किसी ने सास के साथ पूजा-पाठ शुरू कर दिया तो कोई पति के साथ खेतों पर जाने लगी। करवाचैथ पर भी उन्होंने पूरे विधि-विधान से व्रत रखा, हाथों में मेहंदी रचाई और घर सजाया। रात में जब चांद देखकर व्रत खोलने का समय आया, तो उन्होंने खाने में नशीला पदार्थ मिला दिया। खाना खाते ही सभी परिजन गहरे नशे में सो गए और सुबह जब उनकी आंख खुली तो घर के ताले टूटे थे, अलमारियां खाली थीं और उनकी ‘सुहागनें’ गायब थीं।
वारदात के बाद जब परिवारों ने उन दलालों से संपर्क करने की कोशिश की, जिन्होंने ये शादियां कराई थीं, तो उनके सभी मोबाइल नंबर बंद मिले। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह एक संगठित गिरोह है, जिसने इन 12 परिवारों से करीब 30 लाख रुपये से अधिक की ठगी की है, जिसमें सोने-चांदी के जेवर, नकदी और कीमती सामान शामिल हैं।
जानकारी के मुताबिक एक पीड़ित ने रोते हुए बताया, “शादी को बस 10 दिन हुए थे। उसने करवाचैथ पर इतनी श्रद्धा से पूजा की कि हम सब भावुक हो गए। हमें लगा हमारी किस्मत खुल गई, पर सुबह सब कुछ लुट चुका था।”
मामला सामने आते ही सासनी गेट थाने में इन पंक्तियों के लिखे जाने तक चार एफआईआर दर्ज की जा चुकी थीं। एएसपी मयंक पाठक ने बताया, “यह एक सुनियोजित गिरोह है जो पश्चिमी यूपी, बिहार और झारखंड में सक्रिय है। आरोपियों की तलाश के लिए कई टीमें गठित की गई हैं और दलालों के फोटो और दस्तावेजों के आधार पर उनकी पहचान की जा रही है। जल्द ही इस गिरोह का पर्दाफाश किया जाएगा।”
पुलिस का मानना है कि यह गिरोह उन इलाकों को निशाना बनाता है, जहां लिंगानुपात कम होने के कारण पुरुषों को शादी के लिए लड़कियां नहीं मिलतीं। अलीगढ़ में हुई यह वारदात अब तक की सबसे बड़ी ‘लुटेरी दुल्हन’ ठगी मानी जा रही है।
हकीकत यह है कि शादी के लिए जाति बिरादरी और जान पहचान व क्षेत्र की लड़कियां नहीं मिलने के कारण लोग वैवाहिक जीवन साथी दिलाने वाले दलालों के संपर्क में आ जाते है। पहले दलाल ऐसे युवाओं को बढिया लड़की जीवनसाथी बनाने का झांसा देकर मनमानी मोटी रकम मध्यस्थता के लिए बटोर लेते हैं और पेशेवर महिलाओं के साथ विवाह करा देते हैं। ये पेशेवर महिलाएं त्योहार या अन्य किसी भी मौके की तलाश में रहती है और जेवर नकदी हाथ लगते ही परिवार जन को नशा या नींद की गोली दे कर जेवर नकदी समेत फरार हो जाती है। आम तौर पर ये महिलाएँ पेशेवर होती है और पतिव्रता होने का नाटक करती हैं। लुटने पिटने के बाद पीड़ितों को पता चलता है और तब हाथ मलने के अलावा कुछ नहीं रहता है।(मनोज कुमार अग्रवाल-हिफी फीचर)

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