उत्तर प्रदेशलेखक की कलम

ध्वज समारोह में भावुक हुए योगी

मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम की जन्म स्थली अयोध्या में लम्बे संघर्ष के बाद बने नव्य-भव्य और दिव्य राममंदिर की पूर्णता 25 नवम्बर को शिखर पर
ध्वजारोहण के साथ सम्पन्न हुई। इस अवसर पर राममंदिर आंदोलन से जुड़े रहे योगी आदित्यनाथ की भावुकता को शब्दों में वर्णित नहीं किया जा सकता। वह जब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने, उसी दौरान सुप्रीम कोर्ट का फैसला रामलला के पक्ष में आया। इससे सबसे ज्यादा खुशी योगी आदित्यनाथ को ही हुई और कोर्ट के निर्देश पर जब केन्द्र सरकार ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का गठन किया तो निर्माण कार्य भले ही ट्रस्ट के निर्देश पर हो रहे थे लेकिन योगी आदित्यनाथ का अयोध्या जाना इसी संदर्भ में लगातार बना रहा। प्रदेश के मुख्यमंत्री बनते ही उन्होंने अयोध्या में दीपावली को भव्य रूप देना प्रारंभ कर दिया था और इसके साथ ही अयोध्या विश्वस्तरीय धार्मिक पर्यटन स्थल बने इसकी भी तैयारी की गयी। अन्तरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, विश्वस्तरीय रेलवे स्टेशन, अयोध्या की संकरी गलियों के स्थान पर चैड़े-चैड़े राम पथ और धर्म पथ इसके गवाह हैं। मंदिर का निर्माण चलता रहा और फिर वह सुअवसर भी आया जब रामलला गर्भगृह में विराजमान हुए और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कर-कमलों से 22 जनवरी 2024 को प्राण प्रतिष्ठा सम्पन्न हुई। राम मंदिर में राम जी का दरबार भी सजा जिसकी प्राण प्रतिष्ठा योगी आदित्यनाथ ने स्वयं की थी। अब 25 नवम्बर को शिखर पर विशाल ध्वज लगाया गया है और योगी ने कहा कि यह आस्था, सभ्यता और मानवता के इतिहास में स्वर्णिम अध्याय जुड़़ गया है। उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति के पुनर्जागरण का यह दिव्य संदेश पूरे भारत वर्ष में अदम्य आध्यात्मिक और आत्मिक ऊर्जा का संचार करेगा। करोड़ों रामभक्तों की आस्था, तपस्या और प्रतीक्षा आज नए शिखर पर प्रतिष्ठित हुई है।
अयोध्या नगरी में 25 नवम्बर को भव्य कार्यक्रम का आयोजन हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर औपचारिक रूप से भगवा ध्वज फहराया। हजारों की संख्या में लोग इस कार्यक्रम के साक्षी बने। श्री राम जन्मभूमि मंदिर शिखर पर भगवा ध्वज लहराते ही भक्त खुशी से झूम उठे। इसके बाद यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी को संबोधित किया और कई अहम बातें कहीं। योगी आदित्यनाथ ने कहा-
अयोध्या में राम जन्मभूमि मंदिर पर
ध्वजारोहण एक यज्ञ की पूर्णाहुति नहीं बल्कि एक नए युग का शुभारंभ है।
भगवान राम का यह भव्य मंदिर 140 करोड़ भारतीयों की आस्था, सम्मान और आत्म गौरव का प्रतीक है। श्री राम जन्मभूमि मंदिर पर लहराता यह केसरिया ध्वज धर्म, मर्यादा, सत्य, न्याय और राष्ट्र धर्म का प्रतीक है। पिछले 500 वर्षों में साम्राज्य बदले और पीढ़ियां बदली परंतु आस्था हमेशा अडिग रही। जब आरएसएस जैसे संगठन के हाथों में कमान आई तो एक ही उद्घोष हुआ कि रामलला हम आएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे। लाठी गोली खाएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे। यहां हर दिन एक पर्व है और हर दिशा में राम राज्य की अनुभूति हो रही है। पीएम मोदी और आरएसएस सरसंघचालक मोहन भागवत ने पवित्र श्री राम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर भगवा ध्वज फहराया, जो मंदिर का निर्माण पूरा होने का प्रतीक है। इस 10 फीट ऊंचे और 20 फीट लंबे समकोण वाले तिकोने ध्वज पर एक चमकते सूरज की तस्वीर है, जो भगवान श्री राम की चमक और वीरता का प्रतीक है और इस पर कोविदार वृक्ष की तस्वीर के साथ ऊँ लिखा है। राम मंदिर में ध्वजारोहण से पहले योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर में ध्वजारोहण समारोह न केवल मंदिर निर्माण के पूरा होने का प्रतीक है, बल्कि राम राज्य के शाश्वत मूल्यों और आस्था की चिरस्थायी विजय का भी प्रतीक है। सीएम योगी ने कहा, “आस्था, सभ्यता और मानवता के इतिहास में आज एक स्वर्णिम अध्याय जुड़ने जा रहा है।” उन्होंने कहा “प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कर-कमलों से एवं आरएसएस के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत की गरिमामयी उपस्थिति में भारत और असंख्य सनातन धर्मावलंबियों की श्रद्धा व विश्वास के केंद्र, श्री अयोध्या धाम स्थित राष्ट्र मंदिर श्री राम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर हमारी धार्मिक और सांस्कृतिक पुर्नस्थापना के प्रतीक भव्य भगवा ध्वज का आरोहण किया गया।
योगी आदित्यनाथ ने कहा “राम जन्मभूमि मंदिर में आयोजित भव्य भगवा ध्वज के आरोहण समारोह में देश-दुनिया से पधारे पूज्य संतों, धर्माचार्यों व सभी रामभक्तों का हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन। योगी आदित्यनाथ ने कहा आपकी गरिमामयी उपस्थिति राष्ट्र और धर्म के उत्थान व सांस्कृतिक पुनर्जागरण के हमारे संकल्पों को नई ऊर्जा प्रदान करती है। उन्होंने कहा, यह
ध्वजारोहण मानवता की आत्मा का उद्घोष, सत्य की अजेयता, आस्था की अमरता और संस्कृति के पुनर्जागरण का जयघोष है। यह केवल एक
पताका नहीं, उस आत्मबल का
प्रतीक है, जिसने हर युग में अधर्म के अंधकार को चीरकर धर्म के प्रकाश
को अक्षुण्ण रखा। सीएम योगी ने
कहा, सनातन संस्कृति के पुनर्जागरण का यह दिव्य संदेश पूरे भारतवर्ष
में अदम्य आध्यात्मिक आत्मिक
ऊर्जा का संचार कर रहा है। करोड़ों रामभक्तों की आस्था, तपस्या और प्रतीक्षा आज एक नए शिखर पर प्रतिष्ठित हुई है। राष्ट्र आज राममय है, धर्ममय है।(मनीषा-हिफी फीचर)

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