लेखक की कलम

पंजाब गठबंधन पर भगवा मंथन

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अब पंजाब में भी अपने दम पर सरकार बनाना चाहती है हालांकि वहां कांग्रेस, अकाली दल और बाद मंे आम आदमी पार्टी (आप) की सरकारें बनी हैं। इन तीनों दलांे से राज्य की जनता का मोह भंग हो गया है। इसलिए भाजपा अपनी संभावनाएं अच्छी देख रही है। भाजपा की पुरानी साथी शिरोमणि अकाली दल की गठबंधन की पहल के बावजूद इस बात पर मंथन हो रहा है कि सरकार का चेहरा कौन रहेगा? भाजपा के पंजाब मंे चुनाव प्रभारी सतीश पूनिया इसी का आकलन कर रहे हैं।
पंजाब भाजपा के प्रदेश प्रभारी बनने के बाद डॉ. सतीश पूनिया पहली बार तीन दिवसीय पंजाब दौरे पर पहुंच रहे हैं। उनके दौरे को आगामी विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है। इस दौरान वह पार्टी संगठन को मजबूत करने के साथ-साथ नेताओं और कार्यकर्ताओं से सीधे संवाद करेंगे।
पूनिया अपने दौरे की शुरुआत चंडीगढ़ से करेंगे। पहले दिन प्रदेश पदाधिकारियों और वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक होगी। इसके बाद वह जालंधर और अमृतसर का दौरा करेंगे। इन दोनों शहरों में कार्यकर्ताओं से लेकर पार्टी के वरिष्ठ नेतृत्व तक के साथ अलग-अलग बैठकें प्रस्तावित हैं। प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों भी इस दौरान उनके साथ मौजूद रहेंगे।
बैठकों में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर पार्टी की रणनीति, संगठन की तैयारियों और जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं की भूमिका पर चर्चा होगी। दिल्ली में हाल ही में केंद्रीय नेतृत्व के साथ हुई बैठक के बाद पूनिया पंजाब आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि हाईकमान की ओर से चुनाव को लेकर तैयार की गई रणनीति को पंजाब में लागू करने के लिए वह प्रदेश नेताओं से विचार-विमर्श करेंगे।
पंजाब दौरे से पहले डॉ. सतीश पूनिया ने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के लिए एक खास संदेश जारी किया है। उन्होंने अपने स्वागत के दौरान बड़े गुलदस्ते, साफे, शॉल, मालाएं और महंगे उपहार लाने से परहेज करने को कहा है। पूनिया ने कहा कि सम्मान के लिए केवल एक फूल पर्याप्त है। अगर कोई उन्हें उपहार देना चाहता है तो महंगी वस्तु की बजाय अच्छी किताब भेंट कर सकता है। उन्होंने सामाजिक कार्यों को भी सम्मान का बेहतर माध्यम बताया।
उन्होंने सुझाव दिया कि स्वागत पर खर्च होने वाली राशि गौशाला, दिव्यांगों, अनाथ आश्रमों या जरूरतमंद विद्यार्थियों की मदद में लगाई जा सकती है। ऐसे किसी सामाजिक कार्य की रसीद भेंट करना उनके लिए महंगे उपहार से कहीं बेहतर होगा। पूनिया ने कहा कि सत्कार के लिए दिखावे और ज्यादा खर्च की जरूरत नहीं होती। सादगी, आत्मीयता और समाज के लिए किया गया सहयोग ही सम्मान का बेहतर तरीका है।
पंजाब भाजपा और शिरोमणि अकाली दल के बीच संभावित गठबंधन को लेकर भी पूनिया के दौरे को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि गठबंधन को लेकर कोई औपचारिक घोषणा अभी नहीं की गई है, लेकिन उससे पहले पार्टी के अंदर नेताओं की राय और संगठन की स्थिति को लेकर मंथन किए जाने की चर्चा है।

(अशोक त्रिपाठी-हिफी फीचर)

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