नासिक में कुश्ती, मुंबई में दोस्ती

महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन अर्थात् भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), शिवसेना (शिंदे) और एनसीपी (अजित पवार) महानगर परिषद के चुनावों मंे कहीं दोस्ती के साथ मिलकर लड़ेंगी तो कहीं कुश्ती भी होगी। महानगर परिषद चुनाव 15 जनवरी 2026 को होंगे। सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण माने जा रहे मंुबई महानगर निगम (बीएमसी) भाजपा व शिवसेना मिलकर लड़ेंगे तो नासिक में एकनाथ शिंदे और अजित पवार देवेन्द्र फडणवीस को ही टक्कर देंगे। बीएमसी चुनाव में अजित पवार की पार्टी अलग से प्रत्याशी खड़े कर रही है। उधर, विपक्ष की तरफ से कांगे्रस ने 29 दिसम्बर को ही 87 उम्मीदवारों की घोषणा कर दी थी। वर्ष 2017 में हुए बीएमसी चुनाव में सबसे ज्यादा सीटें अविभाजित शिवसेना को मिली थीं।
बीएमसी चुनाव के लिए बीजेपी और शिवसेना में गठबंधन हो गया और सीट शेयरिंग भी फाइनल हो गई। बीजेपी 137 सीटों पर तो वहीं शिवसेना 90 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। मुंबई महानगर पालिका में 227 वार्ड हैं। पिछले कई दिनों से दोनों दलों के बीच सीटों को लेकर खींचतान चल रही थी। आखिरकार सीटों का फॉर्मूला तय हो गया।
महायुति में शामिल एनसीपी बीजेपी और शिवसेना के साथ मुंबई का चुनाव नहीं लड़ रही है। अजित पवार की एनसीपी ने रविवार को पहली सूची जारी करते हुए 37 उम्मीदवारों को मैदान में उतारा। वहीं 29 दिसम्बर को 27 नामों की घोषणा की। इस तरह से एनसीपी ने मुंबई के लिए 30 दिसम्बर तक 64 कैंडिडेट का ऐलान कर दिया था। इससे पहले बीजेपी ने सोमवार (29 दिसंबर) को बीएमसी चुनाव के लिए उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी की। इस लिस्ट में 2017 में बीएमसी चुनाव जीतने वाले कुछ पार्षदों के नाम भी शामिल हैं। उम्मीदवारों में सबसे प्रमुख नाम बीजेपी के राज्य मीडिया प्रमुख नवनाथ बान का है, जो उम्मीदवारों में सबसे युवा हैं। बान शिवाजीनगार क्षेत्र के वार्ड नंबर 135 से चुनाव लड़ेंगे। मुंबई समेत महाराष्ट्र के 29 नगर निगमों का चुनाव 15 जनवरी को होगा। मतगणना अगले दिन होगी।
बीएमसी में कुल 227 वार्ड हैं और मतदाताओं की संख्या 1 करोड़ 3 लाख 44 हजार 315 है। इनमें 55 लाख 16 हजार 707 पुरुष, 48 लाख 26 हजार 509 महिलाएं और 1099 ‘अन्य’ श्रेणी के मतदाता शामिल हैं। मतदाताओं में पुरुषों की हिस्सेदारी 53 फीसदी और महिलाओं की 47 फीसदी है। साल 2017 के बीएमसी चुनावों में अविभाजित शिवसेना 84 सीट जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनी थी, जबकि बीजेपी को 82 सीटें मिली थीं। शिवसेना के 84 पार्षदों में से 46 बाद में शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल हो गए, वहीं अन्य दलों के 16 पार्षद भी शिंदे गुट में आए। बीजेपी में अन्य दलों के छह पार्षद शामिल हुए हैं।
उधर, नासिक नगर निगम (एनएमसी) चुनावों में महायुति के सहयोगी दलों बीजेपी और शिवसेना-एनसीपी तथा महाविकास आघाडी के बीच त्रिकोणीय मुकाबला होता दिखायी दे रहा है। नेताओं ने सोमवार (29 दिसंबर) को यह कहा। बीजेपी ने चुनाव में अकेले उतरने का फैसला किया है, जबकि उसके सहयोगी दल, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) और शिवसेना एक साथ आ गए हैं।
दूसरी ओर, सूत्रों के अनुसार, महा विकास आघाडी (एमवीए) ने चुनाव साथ-साथ लड़ने का लगभग फैसला कर लिया है। राज्य के मंत्री और राकांपा नेता नरहरि जिरवाल ने कहा कि एमवीए ने गठबंधन को लेकर कोई संदेश नहीं दिया है।
नामांकन दाखिल करने के एक दिन पहले शिवसेना (एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली) और एनसीपी ने नासिक महानगरपालिका (एनएमसी) चुनाव एक साथ लड़ने का फैसला किया है। नरहरि जिरवाल ने पत्रकारों से कहा, “कौन कितनी सीटों पर चुनाव लड़ेगा, इस पर कोई सवाल ही नहीं है। हम चुनाव जीतने की क्षमता के फॉर्मूले के आधार पर लड़ रहे हैं। उसी के अनुसार सीटों का बंटवारा किया जाएगा।’’ आरोपशिवसेना के पूर्व सांसद हेमंत गोडसे ने भी जिरवाल की बात दोहराते हुए भाजपा पर सकारात्मक प्रतिक्रिया न देने का आरोप लगाया। इसके अलावा, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे), एनसीपी (शरदचंद्र पवार) और कांग्रेस, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) के साथ मिलकर चुनाव लड़ेंगी।
उधर, अजित पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी ने 15 जनवरी को होने वाले बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) चुनाव के लिए रविवार (28 दिसंबर) को 37 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की। बीएमसी में कुल 227 वार्ड हैं। पार्टी की विधायक सना मलिक ने मीडिया से बातचीत में कहा कि दूसरी सूची जल्द ही जारी की जाएगी। हालांकि, बीजेपी के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन का हिस्सा होने के बावजूद एनसीपी बीएमसी चुनाव अलग लड़ रही है।
बीएमसी चुनाव के लिए कांग्रेस ने भी 87 उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। इसमें माहिम विधानसभा सीट के तहत आने वाली वार्ड नंबर 192 भी शामिल है। सूत्रों की मानें तो इस सीट से राज ठाकरे ने अपना उम्मीदवार उतारने का फैसला किया है। कांग्रेस ने वार्ड नंबर 192 से दीपक बाघमारे को टिकट दिया है। इस सीट से राज ठाकरे ने यशवंत किल्लेदार को उतारा है।
192 वार्ड में साल 2017 में उद्धव ठाकरे की जीत हुई थी। माहिम सीट महाराष्ट्र विधानसभा के दौरान चर्चा में रही क्योंकि यहां से राज ठाकरे के बेटे अमित ठाकरे ने चुनाव लड़ा था। हालांकि, उन्हें उद्धव ठाकरे की पार्टी के महेश सावंत ने मात दी थी। मुंबई में कांग्रेस ने किसी बड़े दल के साथ किया गठबंधन नहीं किया है।
बीएमसी चुनाव के लिए कांग्रेस ने महाविकास अघाड़ी के दल शिवसेना (यूबीटी) और शरद पवार के साथ गठबंधन नहीं किया है। महाविकास अघाड़ी महाराष्ट्र का मुख्य विपक्षी गठबंधन है जिसका हिस्सा कांग्रेस भी है। कांग्रेस ने शुरुआत से ही मुंबई में अकेले लड़ने का अपना रुख बरकरार रखा है। कांग्रेस ने कोलाबा विधानसभा में आने वाले दो वार्ड, मुंबादेवी में दो वार्ड, मालाबार हिल्स में पांच, भायखला में चार, शिवड़ी में एक, वर्सोवा में चार, अंधेरी वेस्ट में पांच, जोगेश्वरी में दो, गोरेगांव में चार, कुर्ला में तीन, धारावी में तीन, चेंबूर में तीन, मानखुर्द शिवाजी नगर में सात और मलाड में सात वार्डों पर उम्मीदवारों की घोषणा की है। प्रत्याशियों की सूची जारी होने के बाद मुंबई कांग्रेस की अध्यक्ष वर्षा गायकवाड़ ने कहा, हम लोग हर मुंबईकर के अधिकारों के लिए लड़ेंगे। कांग्रेस इस चुनाव में पूरी तैयारी के साथ उतरी है। हम लोग लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई लड़ेंगे। ये चुनाव चुनौतीपूर्ण है लेकिन मुंबईकर हमारे साथ हैं और हमारी जीत होगी। उधर, राजनीतिक पंडित महाराष्ट्र के लोकसभा और विधानसभा चुनाव देखकर नगर निगम चुनावों पर टिप्पणी करने से बच रहे हैं। (अशोक त्रिपाठी-हिफी फीचर)



