विवाद में फंसी फिल्म मर्दानी-3

हाल ही में बॉलीवुड फिल्म ‘मर्दानी 3’ रिलीज हुई है, जिसको लोगों ने काफी पसंद किया है। अपने पिछले दोनों पार्ट की तरह ये फिल्म भी सामाजिक मुद्दे को उठाती है। रानी मुखर्जी स्टारर फिल्म को लेकर खूब चर्चा हो रही है लेकिन सोशल मीडिया पर फिल्म के प्रमोशन को लेकर अलग-अलग तरह की खबरें भी सामने आ रही हैं। दरअसल, कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि फिल्म के प्रमोशन के लिए दिल्ली में लापता लड़कियों से जुड़ी एक संवेदनशील रिपोर्ट का इस्तेमाल किया गया है।
30 जनवरी, 2026 को यशराज फिल्म्स की फिल्म ‘मर्दानी 3‘ ने सिनेमाघरों में दस्तक दी। इस फिल्म के प्रमोशन के दौरान ही दिल्ली में लापता लड़कियों की संख्या में बढ़ोत्तरी की खबरें भी सामने आने लगी थीं जिसके बाद दावा किया जा रहा है कि इन खबरों को बढ़ाने के पीछे फिल्म का प्रमोशन छिपा है, क्योंकि फिल्म भी इसी मुद्दे को उठाती है। अब इन दावों को यशराज फिल्म्स ने खारिज कर दिया है और बयान भी जारी किया है। इस विवाद पर एक ऑफिशियल बयान जारी किया है, जिसमें सोशल मीडिया पर लगाए जा रहे आरोपों को गलत बताया गया है। इस बयान में कहा गया है, “यशराज फिल्म्स एक ऐसी कंपनी है जिसकी 50 साल पुरानी विरासत नैतिकता और पारदर्शिता के सिद्धांतों पर टिकी है। हम सोशल मीडिया पर चल रहे उन दावों को खारिज करते हैं कि ‘मर्दानी 3’ के प्रमोशन कैंपेन में जानबूझकर इस संवेदनशील मामले को सनसनीखेज बनाया गया है। हमें अपने अधिकारियों पर पूरा भरोसा है, जो समय आने पर सभी तथ्यों और सच्चाइयों का खुलासा करेंगे”। दरअसल, एक मीडिया रिपोर्ट में ये दावा किया गया था कि फिल्म के प्रमोशन के दौरान दिल्ली में लापता लड़कियों से जुड़े आंकड़ों और घटनाओं को जोड़कर प्रचार किया जा रहा है। इस पर सोशल मीडिया यूजर्स ने सवाल उठाने शुरू कर दिए कि क्या किसी गंभीर सामाजिक मुद्दे का इस्तेमाल सिर्फ फिल्म के प्रचार के लिए किया जा रहा है। कुछ लोगों ने इसे गैर-जिम्मेदाराना कदम बताया, तो कुछ ने मेकर्स की मंशा पर ही सवाल खड़े कर दिए। यशराज फिल्म्स ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर सफाई पेश की और मर्दानी फ्रेंचाइजी शुरू से ही महिलाओं की सुरक्षा, अपराध और सामाजिक मुद्दों पर बेस्ड रही है। रानी मुखर्जी स्टारर ये सीरीज अपनी गंभीर और सशक्त कहानी के लिए जानी जाती है। मर्दानी और मर्दानी 2 दोनों ही फिल्मों में महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों को बेहद संवेदनशील तरीके से दिखाया गया था। (हिफी)



