जीवन के लिए खतरा हैं लिव-इन रिलेशनशिप

हाल ही में एक ऐसा मामला सामने आया है जिसमें एक गिरोह शार्ट फिल्मों में काम दिलाने के बहाने युवतियों को शिकार बनाता था। इसके बाद उन्हें देह व्यापार के दलदल में धकेल देता था। पुलिस ने मुख्य आरोपी सनी के साथ उसकी मां रंजना और मां के प्रेमी प्रदीप को गिरफ्तार कर लिया है। इस वारदात के मूल में लिवइन रिलेशन जिम्मेदार है।
आगरा के थाना खंदौली के यमुना एक्सप्रेसवे टोल प्लाजा के पास कंबल में लपेटकर फेंके गए महोबा की सोनाली के शव के मामले में पुलिस ने महिला के साथ लिव इन में रहने वाले प्रेमी सनी, उसकी मां रंजना और मां के प्रेमी प्रदीप को जेल भेजा है। मामले में मृतका की बहन भारती ने मामले में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पूछताछ में सामने आया है कि सनी शार्ट फिल्मों में काम दिलाने के बहाने युवतियों को जाल में फंसाकर देह-व्यापार करवाता था। दूसरी युवती से दोस्ती का विरोध करने पर उसने सोनाली की हत्या कर दी थी।
दूसरा मामला मध्यप्रदेश का है जहां इंदौर के सुगनीदेवी कॉलेज परिसर में गंभीर हालत में मिली युवती की इलाज के दौरान मौत हो गई। युवती को राहगीरों ने घायल अवस्था में एमवाय अस्पताल पहुंचाया था। उसके हाथों और शरीर पर कई टैटू बने हुए थे, वहीं शरीर पर ब्लेड से काटने के निशान भी पाए गए थे। शुरुआती जांच में डॉक्टरों को उसके साथ ज्यादती की आशंका हुई, जिसके चलते सैंपल भी लिये गए थे।
पुलिस जांच में सामने आया कि युवती पर हमला उसके लिव-इन पार्टनर ने किया था। आरोपी ने हत्या की नीयत से पत्थर से वार किया था। देर रात इलाज के दौरान युवती ने दम तोड़ दिया।
लिव-इन रिलेशनशिप या सहमति संबंध एक ऐसी व्यवस्था है, जिसमें स्त्री-पुरुष बिना विवाह किए पति-पत्नी की भांति रहने के साथ-साथ आपस में शारीरिक संबंध भी बना लेते हैं व कई तो बच्चे भी पैदा कर लेते हैं। आपसी सहमति से कायम ऐसे संबंध पश्चिमी देशों में आम बात है। उनकी देखा-देखी भारत जैसे देशों में भी यह बुराई फैलने लगी है, जिसके दुखद परिणाम निकलने लगे हैं। लिव-इन रिलेशन में रहने वाले अपने पार्टनर की हत्या करने से भी संकोच नहीं करते। पिछले दिनों में लगातार ऐसी वारदातों की झड़ी लगी हुई है।
आपको ऐसी कुछ और वारदातों से अवगत कराते हैं। पिछले वर्ष 27 नवम्बर, 2025 को दिल्ली के छावला इलाके में वीरेंद्र सिंह नामक व्यक्ति को जब उसकी लिव-इन पार्टनर ने शराब पीने से रोका तो वीरेंद्र सिंह ने गुस्से में आकर उसका गला दबा दिया जिससे उसकी मौत हो गई।
30 नवम्बर, 2025 को चेन्नई (तमिलनाडु) में अपने पति को छोड़ कर गोविंदराज नामक व्यक्ति के साथ लिव-इन में रहने वाली प्रियंका नामक युवती ने किसी बात पर विवाद के चलते गोविंदराज को मार डाला।
8 दिसम्बर, 2025 को लखनऊ (उत्तर प्रदेश) में रत्ना नामक विधवा ने अपनी 18 और 14 वर्षीय 2 बेटियों की सहायता से अपने लिव-इन प्रेमी सूर्य प्रताप सिंह की गला काट कर हत्या कर दी और पुलिस को बताया कि वह उसकी बड़ी बेटी पर बुरी नजर रखता था।
4 जनवरी, 2026 को ग्रेटर नोएडा (उत्तर प्रदेश) में दक्षिण कोरिया के एक नागरिक की चाकू से गोद कर हत्या कर देने के आरोप में उसकी मणिपुर निवासी लिव-इन पार्टनर को पुलिस ने गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार मृतक शराब पीने का आदी था और अक्सर युवती से मारपीट करता था जिसका अंजाम इस दुखद घटना के रूप में निकला।
8 जनवरी, 2026 को झांसी (उत्तर प्रदेश) में प्रीति नामक महिला के साथ लिव-इन में रह रहे रिटायर्ड रेलवे कर्मचारी राम सिंह को प्रीति की हत्या करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया।
12 जनवरी, 2026 को गाजियाबाद (उत्तर प्रदेश) में आरती नामक महिला की हत्या के आरोप में उसके लिव-इन पार्टनर प्रवीण कुमार को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार दोनों में शराब पीने के बाद किसी बात को लेकर झगड़ा हो गया जिस पर प्रवीण कुमार ने आरती की पसलियों और छाती पर ताबड़तोड़ वार करके उसे मार डाला। 18 जनवरी, 2026 को बिजनौर (उत्तर प्रदेश) के चांदपुर में शीतल नामक एक महिला ने अपने लिव-इन पार्टनर हरिओम सिंह की हत्या कर दी। पुलिस द्वारा पूछताछ के दौरान शीतल ने बताया कि रिलेशन के दौरान जब उसे गर्भ ठहरा तो हरिओम सिंह ने उसका गर्भपात करवा दिया और शादी के लिए बार-बार कहने पर भी वह मान नहीं रहा था। इस कारण वह नाराज होकर 15 जनवरी को अपने घर चली गई थी। घटना के दिन वह चांदपुर मंे आयी थी। दोनों के बीच झगड़ा हुआ और शीतल ने शादी के लिए दोबारा दबाव बनाया तो हरिओम ने खुद को फांसी लगाने की धमकी देते हुए घर के बैड पर खड़े होकर अपने गले में फंदा डाल लिया। यह देख गुस्से में आई शीतल इससे वह फांसी पर झूल गया और दम घुटने से उसकी मौत हो गई। इसके बाद वह मोहल्ले के कुछ लोगों के साथ शव को खुद ही अपने साथ लेकर अस्पताल पहुंची और आत्महत्या की कहानी गढ़ दी लेकिन अंततः उसका भेद खुल गया और शीतल पकड़ी गई।
उच्च प्राचीन भारतीय संस्कृति को देखते हुए निःसंकोच यह बात कही जा सकती है कि लिव-इन रिलेशन
किसी भी दृष्टि से भारतीय परिवारों के अनुकूल नहीं है। यह एक ऐसी बुराई है जिसका परिणाम दुखद ही निकलता है। अतः इस तरह के रिश्ते बनाने से बचना ही बेहतर है। आए दिन हो रही वारदातों से पता चलता है कि लिव-इन रिलेशनशिप की बुनियाद बेहद खोखले आपसी स्वार्थ और कपट पर टिकी हुई है और भारतीय समाज में अपराध को जन्म दे रही है।(मनोज कुमार अग्रवाल-हिफी फीचर)


