योगी के जवाब से निरुत्तर हुआ विपक्ष

राजनीतिक आरोपों का जवाब मर्यादित राजनीति से ही दिया जाना चाहिए। गत 16 फरवरी को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बजट सत्र मंे राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान विपक्षी दलों विशेष रूप से समाजवादी पार्टी (सपा) के सवालों का करारा जवाब दिया। उन्हांेने याद दिलाया कि राज्यपाल का अभिभाषण शासन की उपलब्धियों और भावी योजनाओं का एक दस्तावेज होता है। इसलिए संवैधानिक प्रमुख के प्रति मुख्य प्रतिपक्षी (सपा) का आचरण और व्यवहार बहुत ही अशोभनीय रहा। इसके बाद सीएम योगी ने सपा पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछली सरकार ने उत्तर प्रदेश को अपराध का गढ़ बना दिया था। आक्रांताओं का महिमा मंडन किया जाता था लेकिन 2017 के बाद उत्तर प्रदेश देश की टाॅप तीन अर्थव्यवस्था मंे शामिल हो गया है। मच्छर की तरह माफियाओं को भी रौंदा गया है। दीपावली जैसे महापर्व आत्मगौरव के पर्व बन गये हैं।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 16 फरवरी को विधानपरिषद में समाजवादी पार्टी पर जमकर हमला बोला। सीएम योगी ने आरोप लगाया है कि सपा ने महिला राज्यपाल का अपमान किया है। सीएम योगी ने कहा- राज्यपाल का अभिभाषण शासन की उपलब्धियों और भावी योजनाओं का एक दस्तावेज होता है। हमारे संवैधानिक प्रमुख के प्रति हमारे मुख्य प्रतिपक्षी का आचरण और व्यवहार बहुत ही अशोभनीय और दुर्भाग्यपूर्ण रहा है। सीएम योगी ने सपा पर निशाना साधते हुए कहा- राज्यपाल प्रदेश की संवैधानिक प्रमुख हैं। संवैधानिक पद के प्रमुख के प्रति मुख्य प्रतिपक्ष का दुव्र्यवहार लोकतंत्र को कमजोर करता है। यह अवमानना के दायरे में आता है। खैर जिस प्रकार का प्रतिपक्ष है उससे ऐसी अपेक्षा करना बेवकूफी होगी की वो संवैधानिक प्रमुख का सम्मान करें।
सीएम योगी ने सपा पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछली सरकार ने उत्तर प्रदेश को अपराध का गढ़ बना दिया था। सन् 2017 के पहले गुंडे और माफिया इस प्रदेश में समानांतर सरकार चला रहे थे। वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया का राज था। प्रदेश की छवि अराजकता और अस्थिरता का पर्याय बन गया था। हमारी सरकार ने रूल ऑफ लॉ स्थापित किया। यूपी में न कर्फ्यू है न दंगा है, यूपी में सब चंगा है। भारत की आत्मा यूपी से है। यूपी में अब दंगे नहीं होते हैं। आक्रांताओं को महिमामंडन और देशद्रोहियों के समर्थन में बयानबाजी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सीएम योगी ने कहा कि राष्ट्रनायकों का सम्मान करना हमारा कर्तव्य है। सपा ने गाजी के मेले का समर्थन किया था। वह कांवड़ यात्राओं पर रोक लगाती थी। ये राम मंदिर और काशी विश्वनाथ का विरोध करते हैं। समाजवादी पार्टी ने रामभक्तों पर गोलियां चलवाई थीं। विपक्ष ने राम, कृष्ण को अदालत में मिथक बताया था। सपा ने वंदे मातरम् का अपमान किया। उनको राष्ट्रगीत से दिक्कत क्यों है। राष्ट्रगीत का अपमान संविधान की अवहेलना है।
सीएम योगी ने कहा कि यूपी में आज कानून का राज है। भारत की आत्मा उत्तर प्रदेश से है। यूपी में अब दंगे नहीं होते हैं। यूपी में अब विकास है। यूपी की पहचान अब रंगोत्सव और दीपोत्सव से होती है। यूपी खाद्यान्न में नंबर वन है। यूपी सही दिशा में आगे बढ़ रहा है। अन्नदाता अब उद्यमी बन रहे हैं। पहले किसान सिर्फ वोटबैंक होते थे। बजट सत्र के पांचवें दिन सीएम योगी ने विधानसभा को संबोधित किया। सीएम योगी ने कहा, राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान विपक्षी दल का आचरण अच्छा नहीं था। प्रदेश की छवि अचानक खराब नहीं हुई थी, यही आचरण था जिस आचरण से बिटिया घबराती थी और व्यापारी डरता था उसकी एक झलक अभिभाषण के दौरान देखने को मिली। गालिब ने भी कहा था- उम्र भर ये भूल करता रहा, धूल चेहरे पर थी और आइना साफ करता रहा। सपा के इस आचरण के कारण पूरा सदन आहत महसूस कर रहा था। सीएम योगी ने कहा, राज्यपाल ने अपने भाषण में बताया कि 6 साल में 8 करोड़ लोगों को गरीबी के आंकड़े से ऊपर किया गया। संगठित अपराध नियंत्रित हुआ है। ये सरकार की अव्यवस्था से अनुशासन की यात्रा है, समस्या से समाधान की यात्रा है और अविश्वास से आत्मविश्वास की यात्रा है। इसके लिए सरकार की स्पष्ट नीति थी, साफ नीयत थी और सुशासन के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए हम लोगों ने सामूहिक रूप से प्रयास किया। वहीं आज यूपी में देखने को मिल रहा है। आज यूपी बीमारू राज्य नहीं, 3टी का प्रतीक बन रहा है। यानी टेक्नोलॉजी, ट्रस्ट और ट्रांसफॉर्मेशन की त्रिवेणी बनकर उभरा है।
सीएम योगी ने आगे कहा, सबसे बड़ी आबादी वाला राज्य अपनी पहचान के लिए मोहताज था। यूपी को उस दौरान शक की निगाहों से देखा जाता था। यूपी ने उससे उभर करके विकास की दिशा तय करने वाले अग्रणी राज्यों में अपनी पहचान बनाई है। आज देश की टॉप 3 अर्थव्यवस्था में से यूपी है। अब यूपी भारत की इकॉनोमी का एक ब्रेकथ्रू बना है। प्रदेश के हर नागरिक को बिना भेदभाव के सशक्त बनाने के निर्णय लिये गए हैं और उसके परिणाम देखने को मिल रहे हैं। पहली बार सदन में प्रदेश का आर्थिक सर्वेक्षण प्रस्तुत हुआ। डंके की चोट पर सरकार ने बताया, हमने क्या किया है? यह आर्थिक सर्वेक्षण विचार से व्यवस्था और व्यवस्था से विकास की अभिनव यात्रा का प्रतीक है। सीएम योगी ने कहा, 2017 के पहले क्या था? सत्ता के संरक्षण में पल रहे गुंडे माफिया थे, लेकिन अपराधी अपराधी होता है। सरकार ने पहले दिन जीरो टॉलरेंस की बात कही थी और आज भी उसी पर कायम है। 2017 के पहले कानून चंद हाथों की जागीर बन गया था, पर्व और त्योहार आस्था के नहीं आशंका के पर्याय बन गए थे। पुलिस का मनोबल टूटा हुआ था। ना बेटी सुरक्षित थी और न व्यापारी सुरक्षित था। आज उपद्रव नहीं उत्सव प्रदेश है। रिकॉर्ड पुलिस भर्तियां, महिला सशक्तिकरण की नई पारी, त्वरित और आपातकालीन सेवाएं, अपराध और अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस आज ये यूपी में देखने को मिलता है। अब भय का वातावरण नहीं है आज हर जनपद में लोग आस्था के साथ जाते हैं। आज दंगों की जगह टेंपल इकॉनोमी ग्रो कर रही है। सिर्फ माघ मेले में 21 करोड़ श्रद्धालु आए, ये होता है परिवर्तन।
उन्होंने कहा, आपकी सपा की सरकार के लोग माफियाओं की कब्र पर फातिहा पढ़ने जाते हैं, कहते हैं कि वंदे मातरम नहीं बोलेंगे। कांग्रेस और सपा को ऐसा कहने वालों को धक्के मारकर बाहर करना चाहिए। वंदे मातरम का विरोध करने वाले वहीं जाएं जहां इसका विरोध करने वाले स्वर दिखते हैं हिंदुस्तान में उनके लिए कोई जगह नहीं है। सीएम योगी ने कहा, आज दीपोत्सव हो या देव दीपावली ये केवल आयोजन नहीं है, ये आत्मगौरव के महापर्व बन गए हैं।
(अशोक त्रिपाठी-हिफी फीचर)



