धुरंधर-2 में ईरान-अमेरिका युद्ध की परछाई

रणवीर सिंह की धुरंधर 2 ईद से पहले सिनेमाघरों में दस्तक देने जा रहा रही है। फैन्स को इस फिल्म का बेसब्री से इंतजार है। लेकिन इसे अनोखा संयोग ही कहिए कि इस पार्ट 2 के ट्रेलर के एक डायलॉग में ईरान-अमेरिका युद्ध से पैदा हुए हालात की परछाईं भी देखी जा रही है। वह डायलॉग है- हौसला, ईंधन, बदला। यह ट्रेलर जब से आया, तभी से लोग समझने की कोशिश कर रहे हैं कि इसके डायलॉग में आखिर ये ‘ईंधन’ क्या है! लेकिन इस बीच युद्ध के चलते देश में पैदा हुए ईंधन संकट को लेकर खूब तंज का माहौल है। धुरंधर 2 के इस डायलॉग को अचानक ही एक नया मोड़ दे दिया गया। गोयाकि हौसला, ईंधन, बदला में भी एक आक्रोश है तो ईंधन संकट भी आक्रोश के वार-पलटवार से पैदा हुए हालात है। धुरंधर के डायलॉग में ‘ईंधन’ का क्या मतलब है, यह ठीक-ठीक अभी तक किसी को समझ नहीं आ सका है- इसे पूरी फिल्म देखने के बाद ही समझा जा सकेगा। फिलहाल कयास लगा सकते हैं कि ईंधन यहां ऊर्जा का प्रतीक है। धुरंधर का हीरो हमजा अली जिस आक्रामकता से लैस दिखाई देता है, ऐसा लगता है वह इंसान नहीं बल्कि ईंधन से भरा टैंक है। वह पाकिस्तान के ऊपर टूट पड़ने के लिए आमादा है। ईंधन के बिना कोई भी उद्यम संभव नहीं। ईंधन एक ज्लवनशील पदार्थ होता है और धुरंधर 2 का ईंधन कितना विस्फोटक है- उस पर मनोरंजन का सारा दारोमदार टिका है। गौरतलब है कि ईंधन यानि तेल पर दुनिया का तमाशा कायम है। ईंधन सभी तरह के कारोबार की सांस बन चुका है तो तेल इंसानी जरूरतों का सबसे बड़ा जरिया। लिखने वाले ने कभी बिन पानी सब सून लिखा, आज होते तो लिखते- बिन तेल सब सून! साफ दिख रहा है कि ईरान पर इजराइल और अमेरिका की स्ट्राइक में ताकतवर देशों का भी तेल निकल गया है। अगरचे सिनेमा की दुनिया में भी तेल की अहमियत कम नहीं।
देश में ईंधन संकट के चलते जिस तरह से परोपकारी रसोइयों, भंडारे, ढाबे और स्ट्रीट फूड्स बेचने वालों पर गाज गिरी है, उसको देखते हुए गुजरे जमाने के कुछ फिल्मी गानों को भी धड़ल्ले से याद किया जा रहा है। पचास के दशक में रेडियो विज्ञापन के लिए रफी साहेब का एक गाना इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ- बर्मा शेल का तेल जले कमाल का गाना है। गाने में पूरा हिंदुस्तानी समाज झांकता है। (हिफी)



