नवरात्र और योगी के नौ साल

भारत में जब महापराक्रमी राजा विक्रमादित्य का चलाया गया वर्ष 2083 प्रारम्भ होने वाला था, तभी एक दिन पहले उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ ने अपनी सरकार के नौ वर्ष पूर्ण किये। नव संवत्सर वासंतिक नवरात्र से प्रारम्भ होते हैं इसलिए योगी सरकार के नौ वर्ष भी कठिन साधना के प्रतीक माने जाते हैं। योगी आदित्यनाथ ने 18 मार्च 2017 को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री का पद संभाला था। इसके बाद 19 मार्च को नौ वर्ष पूरे होने पर धर्म और कर्म का अनूठा समन्वय दिखाई दे रहा है। आज देश भर मंे सबसे ज्यादा हवाई अड्डे उत्तर प्रदेश मंे हैं। आगामी 28 मार्च को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जेवर एयर पोर्ट का उद्घाटन करेेंगे। प्रदेश मंे नेशनल हाईवे, एक्सप्रेस वे का जाल बिछा है। प्रदेश मंे उद्यमियों ने लाखों करोड़ का निवेश किया है। प्रदेश की राजधानी लखनऊ में ही ब्रह्मोस जैसी मिसाइल बन रही है। मुख्यमंत्री योगी पिछले दिनों जापान गये थे तो तमाम निवेश के प्रस्ताव मिले। कर्म के साथ धर्म पर भी योगी सरकार ने पर्याप्त ध्यान दिया है। मर्यादा पुरुषोत्तम राम की नगरी अयोध्या विश्व के धार्मिक पर्यटन के मानचित्र पर अग्रणी मानी जाती है। लाखों की संख्या मंे श्रद्धालु प्रतिदिन पवित्र सरयू में स्नान कर राम मंदिर और हनुमान गढ़ी के दर्शन करते हैं। इसी प्रकार वाराणसी मंे बाबा विश्वनाथ के मंदिर में जब से काॅरिडोर बना है, श्रद्धालुओं की संख्या में बढ़ोत्तरी हो गयी। भगवान कृष्ण की जन्मस्थली और क्रीड़ा स्थली का विकास भी किया गया है और श्रद्धालुओं की संख्या वहां भी लगातार बढ़ती जा रही है। उत्तर प्रदेश मंे सकरात्मक परिवर्तन स्पष्ट रूप से देखे जा सकते हैं।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का मानना है कि केंद्र और राज्य सरकार प्रधानमंत्री मोदी के विजन को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। वह सुनिश्चित करते हैं कि योजनाएं जमीनी स्तर पर लागू हों और लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएं। यूपी में कानून व्यवस्था और दंगा-मुक्त प्रदेश बनने की तारीफ अन्य राज्यों में भी हो रही है।
सीएम योगी आदित्यनाथ की सरकार ने पिछले 9 साल में जो भी काम किए, चाहे सुरक्षा के लिए, चाहे रोजगार के लिए, चाहे वेलफेयर स्कीम जिससे वंचितों को लाभ मिला है। महिला कल्याण क्षेत्र में जो कार्य हुए, आस्था को सम्मान देने के जो कार्य हुए, इन्हीं से उत्तर प्रदेश को नई पहचान मिलनी प्रारंभ हुई। इस 9 वर्ष की अलग-अलग थीम पर नवरात्र में चर्चा परिचर्चा हो।
सीएम योगी कहते हैं, इस समय रमजान ईद के साथ नवरात्र भी मनाया जा रहा है, कहीं कोई हलचल है क्या? शालीनता के साथ सारे पर्व त्योहार मनाए जा रहे हैं। यही है सुरक्षा का एहसास। पहले हर आयोग और भर्ती बोर्ड पर भ्रष्टाचार के आरोप लगते थे। पिछली सरकारों ने दंगाइयों के काल पीएसी को समाप्त कर दिया था, हमने उनकी 34 कंपनियों को पुनर्जीवित करके, पहली बार 3 महिला बटालियन की भी स्थापना की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कहते हैं कि 2017 के पहले, लोग हमारी आस्था को अंधविश्वास बोलते थे, वे नोएडा नहीं जाते थे क्योंकि उनको लगता था नोएडा जाएंगे तो कुर्सी से उतर जाएंगे। जब मैं आया, मुख्यमंत्री बना, मुझे मुख्यमंत्री का दायित्व दिया गया, तो मैंने कहा भी नोएडा जाएंगे। तब लोगों ने कहा मुख्यमंत्री नोएडा जाता है तो हट जाता है। मैंने कहा भी कुर्सी बाद में जाए या आज ही चली जाए, लेकिन मुख्यमंत्री नोएडा जाएंगे। अगर उत्तर प्रदेश का भला होगा तो हम नोएडा जाएंगे और नोएडा के विकास में जो वहां पर बैरियर हैं, इन बैरियर को हटाएंगे।
उत्तर प्रदेश आज इंफ्रास्ट्रक्चर प्रदेश भी बना है। इन्वेस्टमेंट के लिए उत्तर प्रदेश में 2017 के पहले कोई इन्वेस्टर नहीं आता था, क्योंकि इन्वेस्टमेंट के लिए सुरक्षा चाहिए, पॉलिसी चाहिए। इन्वेस्टमेंट के लिए पॉलिसी के साथ-साथ लैंड और बैंक चाहिए। लैंड और बैंक के साथ-साथ सरकार की नीयत भी चाहिए।
याद करिए 2017 तक उत्तर प्रदेश के अंदर बामुश्किल से 14 हजार से भी कम उद्योग थे और अब 31 हजार तो बड़े उद्योग लग चुके हैं। साथ ही 96 लाख एमएसएमई यूनिट, यूपी के अंदर कार्यरत हैं। एमएसएमई यूनिट में 3 करोड़ 11 लाख से ज्यादा लोग कार्य कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश के अंदर 31 हजार से अधिक बड़े जो भी उद्योग लगे हैं, इन उद्योगों में भी 65 लाख से अधिक लोग कार्य कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश कृषि विकास के सबसे तेज गति के साथ आगे बढ़ने वाला राज्य है। अकेले गन्ना किसानों के बारे में जो चर्चा हो रही थी, याद करिए 2012 से लेकर के 2017 के बीच कुल 95 हजार करोड़ रुपये का गन्ना मूल्य का भुगतान हुआ। योगी सरकार ने अब तक इन नौ वर्षों में 3 लाख 16 हजार 800 करोड़ रुपये का गन्ना मूल्य का भुगतान अन्नदाता किसान को किया है।
नौ एक शुभ अंक है, यह पूर्णता का परिचायक है। सरकार के 9 साल पूरे होने पर शालीनता के साथ सब पर्व मनाए जा रहे हैं, कोई डर नहीं है। यूपी में पिछली सरकार में भर्ती नहीं होती थी। अब 9 साल में करोड़ों नौकरियां मिलीं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने 9 साल के शासनकाल पर कहा, 9 साल पहले उत्तर प्रदेश में किन कारणों से युवाओं में पहचान का संकट पैदा हुआ था? सबसे उपजाऊ राज्य होने के बावजूद हमारे किसान खुदकुशी क्यों कर रहे थे? बेटियों और व्यापारियों के पास कोई सिक्योरिटी नहीं थी। हमारे युवा राज्य से बाहर पलायन करने को मजबूर थे। जल जीवन मिशन के तहत, गांव के आखिरी व्यक्ति तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने की पहल की गई है। जल जीवन योजना के कामयाबी से कार्यान्वयन के लिए केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी आर पाटिल ने केंद्र और राज्य सरकार के बीच समझौता ज्ञापन कार्यक्रम में भाग लिया।
यह सच है कि उत्तर प्रदेश में 1,05,000 से ज्यादा राजस्व गांव हैं, जिनमें से 10 हजार से ज्यादा गांवों में पाइपलाइन के जरिए पेयजल की सुविधा उपलब्ध है। उत्तर प्रदेश में स्कीम के कार्यान्वयन के साथ, सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि सभी एजेंसियां और ठेकेदार काम पूरा होने के बाद 10 साल तक इसके रखरखाव के लिए जिम्मेदार होंगे।
उत्तर प्रदेश में 85 हजार से ज्यादा ग्राम पंचायतें ऐसी थीं जहां पर पेयजल की कोई भी स्कीम नहीं थी। वहां पर हैंडपंप के माध्यम से या फिर तालाबों से या नदियों से जनता जल लेती थी। प्रदूषित जल के कारण तमाम प्रकार की बीमारियों के कारण असमय
मौत की शिकायतों में काफी बढ़ोतरी हुई थी। अब सकारात्मक परिवर्तन दिखता है।
मुख्यमंत्री कहते हैं कि मैं केवल एक उदाहरण दूंगा। पूर्वी उत्तर प्रदेश में पर्याप्त जल संसाधन है लेकिन पूर्वी उत्तर प्रदेश में इन्सेफेलाइटिस से प्रतिवर्ष हजारों मौतें होती थीं। इन हजारों मौतों का परिणाम वहां पर प्रतिवर्ष जब हम लोगों ने इन सभी आंकड़ों को लेकर के एआई टूल के माध्यम से इसकी एनालिसिस की तो पता लगा कि खुले में शौच और अशुद्ध पेयजल के कारण ये मौतें हो रही हैं। आज जल जीवन मिशन के तहत जब उन गांवों में शुद्ध पेयजल की उपलब्धता हुई और हर घर में शौचालय बने, जिन क्षेत्रों में 40 साल में 50 हजार से अधिक मौतें हुई थीं, आज मुझे बताते हुए प्रसन्नता है कि पिछले 5 साल में मौत के आंकड़ों को जीरो तक पहुंचाने में हमें सफलता मिली है। इसी प्रकार धार्मिक नगरियों का विकास किया गया। पर्यटन के साथ लोगों को रोजगार भी मिला है।
(अशोक त्रिपाठी-हिफी फीचर)



