संजय दत्त ने दीं कई हिट फिल्में

संजय दत्त ने 90 के दशक में थानेदार और खलनायक जैसी फिल्मों से बॉक्स ऑफिस पर राज किया, वहीं साजन जैसी फिल्म से अपनी रोमांटिक छवि का लोहा मनवाया। करियर के दूसरे पड़ाव में मुन्ना भाई सीरीज ने उन्हें घर-घर का चहेता बना दिया, तो अग्निपथ और केजीएफ 2 में उनके खूंखार अवतार ने विलेन के किरदार को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया। आज भी उनका स्वैग और स्क्रीन प्रेजेंस दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींच लाने का दम रखती है।
मुन्नाभाई एमबीबीएस फिल्म ने संजय दत्त की छवि को पूरी तरह बदल दिया। राजकुमार हिरानी की इस मास्टरपीस में उन्होंने एक ऐसे गैंगस्टर का किरदार निभाया, जो डॉक्टर बनने की कोशिश करता है। जादू की झप्पी के संदेश ने इसे कल्ट क्लासिक बना दिया। अरशद वारसी (सर्किट) और संजय की जोड़ी ने कॉमेडी का एक नया स्टैंडर्ड सेट किया, जिसे आज भी लोग बड़े चाव से देखते हैं। इसी तरह 1990 में रिलीज हुई थानेदार संजय दत्त और माधुरी दीक्षित की सबसे यादगार फिल्मों में से एक है। इसमें संजय दत्त ने बिरजू का किरदार निभाया था, जो परिस्थितियों के कारण अपराध की दुनिया में कदम रखता है, लेकिन दिल का साफ है। फिल्म का गाना तम्मा तम्मा लोगे उस दौर का सबसे बड़ा चार्टबस्टर बना और आज भी रीमिक्स के रूप में उतना ही पॉपुलर है। इस फिल्म ने संजय दत्त को एक्शन के साथ-साथ डांस और स्टाइल के मामले में भी नंबर वन बना दिया था। खलनायक संजय दत्त के सबसे यादगार परफॉर्मेंस में से एक है। इसमें उन्होंने बल्लू नाम के एक अपराधी का किरदार निभाया था, जो अंदर से भावुक है। फिल्म का गाना नायक नहीं खलनायक हूं मैं उनकी रील और रियल लाइफ इमेज पर एकदम सटीक बैठा। जैकी श्रॉफ और माधुरी दीक्षित के साथ उनकी केमिस्ट्री और फिल्म का जबरदस्त म्यूजिक आज भी दर्शकों की पहली पसंद है। साजन: 90 के दशक की इस कल्ट रोमांटिक फिल्म में संजय दत्त ने एक अपाहिज कवि अमन की भूमिका निभाई थी। सलमान खान और माधुरी दीक्षित के साथ उनकी यह तिकड़ी सुपरहिट रही। फिल्म के गाने जैसे जिया बेकरार है और मेरा दिल भी कितना पागल है आज भी चार्टबस्टर हैं। इस फिल्म ने साबित कर दिया कि संजू बाबा सिर्फ एक्शन ही नहीं, बल्कि सीरियस और इमोशनल रोल में भी बेमिसाल हैं। दाग- द फायर: साल 1999 में आई। यह फिल्म राज कंवर के निर्देशन में बनी एक जबरदस्त एक्शन थ्रिलर थी। फिल्म में संजय दत्त ने आर्मीमैन का किरदार निभाया था, जो अपने परिवार के साथ हुए अन्याय का बदला लेने के लिए निकलता है। (हिफी)



