लेखक की कलम

पेमा खांडू को सुप्रीम झटका

हमारे देश के बेहद संवेदनशील राज्य अरुणाचल प्रदेश में राजनीतिक अस्थिरता चिंता पैदा करने लगती है। इस प्रदेश पर विस्तारवादी चीन की कुदृष्टि बहुत पहले से लगी है। चीन इसकी जमीन को अपनी बताता है और यहां के कई गांवों का नामकरण भी उसने चीनी भाषा में कर रखा है। इसके बावजूद अरुणाचल के विधानसभा के चुनाव सामान्य तरीके से होते हैं और बड़ी संख्या में जनता मतदान में हिस्सा लेती है। अरुणाचल में भाजपा के नेतृत्व में पेमा खांडू सरकार चला रहे हैं लेकिन उन पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप भी लगे हैं। मुख्यमंत्री पर गंभीर आरोप लगना जनता में गलत संदेश देता है लेकिन पेमा खांडू इस आरोपों को निराधार बताते रहे हैं। इससे राजनीतिक अस्थिरता नहीं पैदा हुई। अब मामला गंभीर हो गया है। देश की सबसे बड़ी अदालत सुप्रीम कोर्ट ने सेन्ट्रल ब्यूरो आफ इंवेस्टिगेशन (सीबीआई) को जांच करने का आदेश दिया है। मुख्यमंत्री पर आरोप है कि उन्होंने अपनी पत्नी और रिश्तेदारों से जुड़ी कंपनियों को ठेके देकर 1720 करोड़ रुपये से अधिक की रकम का घोटाला किया है। पेमा खांडू के खिलाफ सीबीआई जांच के सुप्रीम आदेश के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की तरफ भी उंगलियां उठ रही हैं। ध्यान रहे कि भ्रष्टाचार के आरोपों के तहत ही मुख्यमंत्री रहते हुए आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविन्द केजरीवाल और झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेता हेमंत सोरेन को जेल भेज दिया गया था।
अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। परिवार से जुड़ी कंपनियों को सरकारी ठेके देने के आरोपों की सीबीआई प्रारंभिक जांच होगी, सुप्रीम कोर्ट ने इसके आदेश दे दिये हैं। सुप्रीम कोर्ट ने कहा, दो हफ्ते में सीबीआई प्रारंभिक जांच पंजीकृत करे। सुप्रीम कोर्ट ने अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू के परिवार से जुड़ी कंपनियों को सरकारी ठेके देने के मामले में सीबीआई या एसआईटी जांच की मांग वाली याचिका पर 17 फरवरी 2026 को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। अरुणाचल प्रदेश का यह मामला 1,270 करोड़ रुपये से अधिक के ठेकों में कथित अनियमितताओं से संबंधित है, जो खांडू के रिश्तेदारों को दिए गए थे। जनहित याचिका में आरोप है कि पिछले एक दशक में, पेमा खांडू के परिवार (पत्नी त्सेरिंग डोल्मा, बेटे ताशी खांडू आदि) से संबंधित 4 कंपनियों को 380 करोड़ रुपये से अधिक के 146 ठेके (कुछ रिपोर्टों के अनुसार 1,270 करोड़) दिए गए, जो भ्रष्टाचार का संकेत है। याचिकाकर्ता का तर्क है कि राज्य पुलिस निष्पक्ष जांच नहीं कर सकती। राज्य सरकार ने बिना टेंडर के ठेके देने का बचाव करते हुए कहा है कि यह विकास के लिए आम बात है। जस्टिस विक्रम नाथ, संदीप मेहता और एनवी अंजारिया की बेंच ने मामले को गंभीरता से लेते हुए, 2015 से 2025 तक के सभी ठेकों का विवरण मांगा था।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक, सीबीआई एक प्रारंभिक जांच दर्ज करेगी। इसमें नवंबर 2015 से 2025 तक के अवार्ड और उनके क्रियान्वयन को शामिल किया जाएगा। इस निर्धारित अवधि के बाहर के अवार्ड की जांच करने पर कोई रोक नहीं होगी। राज्य सरकार एक सप्ताह के भीतर इस आदेश का पालन करेगी। मुख्य सचिव एक नोडल अधिकारी नियुक्त करेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि सीबीआई के साथ रिकॉर्ड साझा करने का कार्य समय पर पूरा हो। सीबीआई 16 सप्ताह के भीतर एक स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करेगी, जिसमें यह बताया जाएगा कि क्या एक स्वतंत्र जांच की आवश्यकता है।
बहरहाल, अरूणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू उनकी पत्नी व रिश्तेदारों को सैकड़ों ठेके देने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा दखल दिया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय और वित्त मंत्रालय से भी इस मामले में जवाब मांगा है। अदालत ने आरोपों पर जवाब मांगा है। अदालत ने ठेका का ब्योरा मांगा है। कोर्ट ने कहा कि किन लोगों को ठेका दिया गया और इसकी क्या प्रक्रिया है? क्या सीएम की पत्नी और रिश्तेदारों को ठेके दिए गए। अदालत ने कैग को भी फाइनल रिपोर्ट दाखिल करने के आदेश दिए हैं। अब अगली सुनवाई जुलाई में होगी।
सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस संजीव खन्ना ने कहा कि कैग की रिपोर्ट न तो यहां है और न ही वहां। दोनों मंत्रालय इसमें मामले को साफ करें। हम जानना चाहते हैं कि इसके पीछे कौन हैं। सुप्रीम कोर्ट अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू के परिवार के सदस्यों के स्वामित्व वाली फर्मों को सार्वजनिक कार्यों के लिए ठेके दिए जाने की सीबीआई या एसआईटी जांच की मांग करने वाली एक जनहित याचिका पर सुनवाई कर रहा था। दो याचिकाकर्ता एनजीओ सेव मोन रीजन फेडरेशन और वॉलंटरी अरुणाचल सेना की ओर से पेश हुए वकील प्रशांत भूषण ने कोर्ट को बताया कि राज्य में सभी सरकारी ठेके उनके करीबी परिवार के सदस्यों को दिए जा रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने अरुणाचल प्रदेश के मौजूदा मुख्यमंत्री पेमा खांडू के रिश्तेदारों की कंपनियों को सार्वजनिक अनुबंधों के कथित अनियमित आवंटन की एसआईटी जांच के निर्देश देने की मांग वाली जनहित याचिका पर सुनवाई की। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से प्रशांत भूषण ने कहा कि सीएम की पत्नी की कंपनियों को सैकड़ों करोड़ के 70 अनुबंध दिए गए। कैग रिपोर्ट में भी खुलासा हुआ है। राज्य में सिर्फ दंगे और लूट हो रही है। राज्य और सीबीआई द्वारा दायर जवाबी हलफनामे में कहा गया है कि रोजगार सृजन के लिए जमीन मुफ्त दी गई है। वहीं राज्य सरकार ने याचिका का विरोध किया और कहा कि हमारे पास 28 जिले हैं, केवल एक जिले में यह आरोप लगे हैं।
ध्यान रहे चीन ने अरुणाचल प्रदेश में 22 जगहों के नाम बदले हैं। इस पर सीएम पेमा खांडू ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि ये चीन का पुराना हथकंडा है। उन्होंने कहा कि चीन के अरुणाचल प्रदेश के कई जगहों के नाम बदलने की बात नई नहीं है, ये तीसरी या चैथी बार किया है। केंद्र सरकार ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। हम अरुणाचल की ओर से इसकी आलोचना करते हैं। पेमा खांडू ने कहा कि चीन ने अपने साइड में बहुत पहले से बार्डर इलाके के काम शुरू कर दिए थे, लेकिन दो साल पहले ही हमने लॉच किया है। बार्डर इलाके में रोड का काम शुरू किया है, लोगों के जीवन स्तर को सुधारने को लेकर हम लोग तमाम काम कर रहे हैं। अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने
कहा कि चीन की इस कार्रवाई का अरुणाचल प्रदेश के लोग निंदा करते हैं। उन्होंने कहा कि चीन बार्डर के विकास का काम काफी पहले से कर रहा है। हमने दो साल पहले इसको शुरू किया है।
सीएम ने कहा था कि फ्रांटियर हाईवे बनने से सेना की आवाजाही आसान होगी। हाईवे से अरुणाचल प्रदेश में पर्यटन बढ़ेगा। मेचुका में पहली बार इंटरनेशनल एडवेंचर रेस हुई, लेकिन अरुणाचल में इस तरह के कई कार्यक्रम होते रहते हैं। उन्होंने कहा कि लोगों के जीवन स्तर को सुधारने के लिए सेना और आईटीबीपी के साथ हमारा प्रदेश काम कर रहा है। फ्रंटियर हाईवे का काम शुरू किया है। ये 2500 किमी का हाईवे बनेगा। इससे डिफेंस के लिए मूवमेंट आसान होगा। साथ ही अरुणाचल के लोगों के लिए भी आसान हो जाएगा। सीएम ने साथ ही बताया कि मेचुका में एयरपोर्ट का एडवांस लैंडिंग ग्राउंड है, वहां भी तोड़ा रनवे का काम शुरू किया गया है। अरुणाचल प्रदेश के भारत-चीन बार्डर के मेचुका गांव में पहली बार इंटरनेशनल एडवेंचर रेस का आयोजन हुआ। इसमें मलेशिया अमरीका के
अलावा देश विदेश के कई खिलाड़ियों ने भाग लिया। इस मौके पर अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ने मेचुका में 100 करोड़ के प्रोजेक्ट का उद्घाटन किया। इस प्रकार के आश्वासन भी जनता को उस समय विचलित कर देते हैं
जब सीएम पर भ्रष्टाचार के आरोप लगते हैं। (अशोक त्रिपाठी-हिफी फीचर)

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