तमिलों से नड्डा के लिखित वादे

चुनाव में किसी पार्टी का घोषणा पत्र वहां की जनता से लिखित वादा माना जाता है। दक्षिण भारत के राज्य तमिलनाडु में विधानसभा के चुनाव होने जा रहे हैं। यहां पर 23 अप्रैल को एक ही दिन 234 विधानसभा सदस्य चुने जाएंगे। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने यहां की बड़ी क्षेत्रीय पार्टी अन्ना द्रमुक से गठबंधन किया हुआ है। इसके बावजूद अपना चुनाव घोषणा पत्र अलग से जारी किया है। पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने इस घोषणा पत्र को जारी किया इसलिए तमिलनाडु की जनता सीधे तौर पर उन्हीं से जवाब मांगेगी। जेपी नड्डा ने तमिलनाडु की जनता से वादा किया है कि भाजपा के सत्ता में आने पर महिलाओं को ढेर सारे तोहफे मिलेंगे। उदाहरण के लिए पहली बार घर खरीदने पर महिलाओं को स्टाम्प शुल्क में तीन फीसद की छूट मिलेगी। नड्डा ने यह भी वादा किया है कि भाजपा की सरकार बनने पर महिलाओं को हर महीने 2 हजार रूपये की नकद आर्थिक सहायता मिलेगी और साल भर में तीन गैस सिलेंडर मुफ्त में दिये जाएंगे। नड्डा ने वादा किया है कि बढ़ी महंगाई से निपटने के लिए हर परिवार को एक मुश्त 10 हजार रुपये दिये जाएंगे। इस तरह से कई आकर्षक तोहफे पुरुषों के लिए भी हैं। शर्त सिर्फ एक है कि राज्य में भाजपा की सरकार बने। फिलहाल ऐसी संभावना शून्य है क्योंकि गठबंधन के तहत अन्ना द्रमुक ने भाजपा को इतनी सीटें ही नहीं दी हैं। हां यह बात दीगर है कि अन्ना द्रमुक गठबंधन की सरकार बने तो भाजपा उस पर अपने वादे निभाने का दबाव डाल सके। वैसे भी हमारे यहां पुरानी कहावत है वचने कः दरिद्रता अर्थात बोलने में दरिद्रता क्यों दिखाई जाए।
भाजपा ने 14 अप्रैल को तमिलनाडु चुनाव के लिए अपना घोषणापत्र जारी किया। भाजपा के पूर्व अध्यक्ष जेपी नड्डा ने ये घोषणापत्र जारी किया। इसमें महिलाओं को हर महीने दो हजार रुपये देने और साल में तीन मुफ्त गैस सिलेंडर देने का वादा किया गया है। भाजपा ने हर गरीब परिवार की महिला मुखिया को प्रति माह 2000 रुपये देने का वादा किया है। सालाना तीन मुफ्त एलपीजी सिलेंडर और बढ़ती महंगाई से निपटने के लिए हर परिवार को एकमुश्त 10 हजार रुपये देने का वादा किया है। महिलाओं को ई-स्कूटर खरीदने के लिए 25 हजार रुपये की सब्सिडी का ऐलान किया है। जल्लीकट्टू के सांडों का पालने वालों को 2000 रुपये की मासिक सहायता और प्रतिभागी की मृत्यु होने पर 10 लाख रुपये की मदद का भी प्रस्ताव रखा है। भाजपा ने सत्ता में आने पर तमिलनाडु में पहली बार घर खरीदने वाली महिलाओं के लिए स्टांप शुल्क में 3 फीसद छूट का वादा किया है। घरेलू सामान पर 8 हजार रुपये के कूपन जैसी सौगात देने की भी घोषणा की है। पार्टी ने बड़े मंदिरों में स्थानीय लोगों के लिए रोजाना दो घंटे के दर्शन का समय तय करने का ऐलान किया है। तिरुपरनकुंड्रम पहाड़ी पर दीपक प्रज्वलित करने समेत कार्तिकई दीपम अनुष्ठान जारी रखने का वादा किया है।
नड्डा ने आरोप लगाया कि तमिलनाडु में नशीली दवाओं से संबंधित अपराधों में 51 फीसदी की वृद्धि हुई है। भाजपा ने डीएमके पर भ्रष्टाचार और परिवारवाद का आरोप लगाया। साथ ही उन पर घोटालों का भी आरोप लगाया। भाजपा ने पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने जैसे उपायों की भी घोषणा की है। इसमें जीरो एफआईआर, गंभीर अपराधों के लिए तुरंत अदालती कार्यवाही और सुरक्षा के लिए बसों, स्कूलों और विश्वविद्यालयों में 100 सीसीटीवी कैमरे लगाना शामिल है।
बीजेपी तमिलनाडु विधानसभा चुनाव एआईएडीएमके के साथ गठबंधन में लड़ रही है। डीएमके 10 सालों से राज्य में सत्ता संभाल रही है और विपक्षी गठबंधन के सामने उसे हैट्रिक लगाने से रोकने की चुनौती है। नड्डा ने तमिल नव वर्ष के अवसर पर घोषणापत्र जारी करते हुए कहा कि आज बीआर अंबेडकर की 150वीं जयंती भी है। तमिलनाडु विश्व की सबसे प्राचीन सभ्यता का उद्गम स्थल भी है। पार्टी ने तिरुवल्लुवर और सुब्रमण्यम भारती जैसी हस्तियों का जिक्र करते हुए सांस्कृतिक विरासत पर गर्व भी जताया।
25 सितंबर 2023 को, एआईएडीएमके ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) से अपना नाम वापस ले लिया था। इसके बाद 2024 के आम चुनाव में, एआईएडीएमके के नेतृत्व वाले गठबंधन और भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए ने अलग-अलग चुनाव लड़ा और दोनों ही राज्य में कोई सीट नहीं जीत पाए। अब 11 अप्रैल 2025 को, दोनों पार्टियां फिर से एकजुट होकर गठबंधन में शामिल हो गईं, जिसमें पलानीस्वामी मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार हैं। 7 जनवरी 2026 को, अंबुमणि के नेतृत्व वाली पीएमके औपचारिक रूप से एआईएडीएमके के नेतृत्व वाले गठबंधन में शामिल हो गई और 21 जनवरी 2026 को, टीटीवी दिनाकरन के नेतृत्व वाली अम्मा मक्कल मुन्नेत्र कजगम (एएमएमके) भी गठबंधन में शामिल हो गई। 15 मार्च को, एआईएडीएमके ने अपने सहयोगियों के साथ सीट बंटवारे के लिए परामर्श करने हेतु चार सदस्यीय समिति का गठन किया। और 23 मार्च को, एआईएडीएमके ने घोषणा की कि उसने अपने प्रमुख सहयोगियों, भाजपा, पीएमके और एएमएमके के साथ सीट बंटवारे के समझौतों को अंतिम रूप दे दिया है। एआईएडीएमके ने 23 उम्मीदवारों की अपनी पहली सूची भी जारी की। पार्टी ने 27 मार्च को 127 उम्मीदवारों की अपनी दूसरी सूची जारी की और 29 मार्च 2026 को 17 उम्मीदवारों की अंतिम सूची जारी की। 30 मार्च को, पीएमके ने भी चुनावों के लिए अपने उम्मीदवारों की सूची जारी की। भाजपा ने 3 अप्रैल 2026 को अपने उम्मीदवारों की सूची जारी की और 20 मार्च को, रामदास के नेतृत्व वाले पीएमके गुट ने विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए वीके शशिकला के नेतृत्व वाले अखिल भारतीय पुरची थलाइवर मक्कल मुन्नेत्र कजगम के साथ हाथ मिलाया।
भाजपा के घोषणा पत्र से पहले 24 मार्च 2026 को, एआईएडीएमके के महासचिव पलानीस्वामी ने पार्टी का चुनावी घोषणापत्र जारी किया, जिसमें 297 वादे शामिल थे। घोषणापत्र में कई कल्याणकारी और आर्थिक उपायों का प्रस्ताव रखा गया, जिनमें महिलाओं के लिए रुपये 2,000 (24 अमेरिकी डॉलर) की मासिक सहायता, बढ़ती कीमतों से निपटने के लिए प्रति परिवार 10,000 (120 अमेरिकी डॉलर) की राहत राशि, बेरोजगार स्नातकों के लिए 2,000 (24 अमेरिकी डॉलर) की मासिक सहायता, कामकाजी महिलाओं को दोपहिया वाहन खरीदने के लिए 25,000 (300 अमेरिकी डॉलर) की सब्सिडी और वरिष्ठ नागरिकों के लिए पेंशन लाभ बढ़ाकर रुपये 2,000 (24 अमेरिकी डॉलर) करना शामिल है। इसमें शिक्षा और फसल ऋण माफी, गरीब परिवारों को मुफ्त रेफ्रिजरेटर उपलब्ध कराना, प्रति वर्ष तीन मुफ्त एलपीजी सिलेंडर और पुरुषों के लिए स्थानीय सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा का विस्तार करने का भी प्रस्ताव रखा गया। पार्टी ने ग्रामीण रोजगार योजना के तहत अनिवार्य कार्य दिवसों को 100 से बढ़ाकर 150 दिन करने, सरकारी मेडिकल कॉलेजों में सरकारी स्कूल के छात्रों के लिए कोटा बढ़ाकर 10 फीसद करने और राज्य बीमा धारकों के लिए प्रमुख उपचारों के लिए प्रमुख चिकित्सा खर्चों की पूर्ण कवरेज का प्रस्ताव रखा। अतिरिक्त उपायों में सौर ऊर्जा संयंत्रों के लिए सब्सिडी, विवाह सहायता योजना का पुनरुद्धार, रियायती सरकारी क्लीनिकों का विस्तार, चरणबद्ध तरीके से शराब की दुकानों को बंद करके शराबबंदी का कार्यान्वयन, धान और गन्ने के लिए उच्च न्यूनतम समर्थन मूल्य और सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से मुफ्त दालें और खाना पकाने का तेल उपलब्ध कराना शामिल था। इस प्रकार अन्नाद्रमुक ने भी लगभग वही वादे किये थे जो भाजपा कर रही है।(अशोक त्रिपाठी-हिफी फीचर)



