कभी चाल में रहा करते थे जितेन्द्र

कुछ साल पहले जितेंद्र ने इंडियन आइडल में अपने बचपन के दिनों को याद किया जब वह गिरगांव के श्याम सदन चॉल में रहते थे। उन्होंने बताया करीब 80 परिवार चार मंजिला चॉल में रहते थे और शांति से वक्त बिताते थे। अगर एक के घर में चायपत्ती या दूसरी चीजें खत्म होती थीं तो अगला मदद करने के लिए आगे आता था। उन्होंने कहा, जब मेरे घर में पंखा लगा। सब बिल्डिंग के लोग देखने को आए। उन्होंने बताया कि उनका पहला घर था जहां ट्यूब लाइट लगी थी। एपिसोड में एक्टर ने कहा, मुझे ऐसे लगता है कि जो मेरी परवरिश, जो संस्कार मां बाप ने तो दिए ही पर आपके माहौल से भी आपको बहुत संस्कार मिलते हैं। मैं आदतों, भाषा और हर लिहाज से एक ठेठ महाराष्ट्रीयन हूं। मैं हीरो इसलिए बन पाया, क्योंकि मैं बहुत अच्छी मराठी बोल सकता था। बता दें कि जितेंद्र का घर, जिसका नाम प्रेम मिलन है। हाउसिंग डॉट कॉम के अनुसार, तुषार कपूर उनके साथ बंगले में नहीं रहते लेकिन आसपास रहते हैं। जबकि जितेंद्र, उनकी वाइफ शोभा कपूर और एकता कपूर अपने बेटे रवि के साथ रहते हैं। 1960 से 1980 के दशक में जितेंद्र का बॉक्स ऑफिस पर जलवा रहा। वहीं जीने की राह, हमजोली, कारवां, बिदाई, उधार का सिंदूर, धर्मवीर, स्वर्ग नरक, जानी दुश्मन, आशा, मेरी आवाज सुनो, फर्ज और कानून, हिम्मतवाला, तोहफा, मकसद, स्वर्ग से सुंदर, खुदगर्ज और थानेदार जैसी हिट फिल्में दी। (हिफी)



