एक्सप्रेसवे बनाम विस चुनाव का लक्ष्य

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी गत 29 अप्रैल को गंगा एक्सप्रेसवे का लोकार्पण करते हुए उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 का गोल भी सेट कर दिया है। उन्होंने योगी आदित्यनाथ सरकार की भूरि-भूरि प्रशंसा के साथ ही मुख्य विपक्षी दल सपा को मुख्य रूप से निशाने पर रखा। पीएम मोदी ने कहा कि उत्तर प्रदेश भगवान राम और कृष्ण की धरती है लेकिन पिछली सरकारों ने यूपी की पहचान अपराध, बेरोजगारी और जंगलराज की बना दी थी। योगी आदित्यनाथ की सरकार के दौरान कानून-व्यवस्था का विशेष रूप से उल्लेख करते हुए पीएम मोदी ने एक्सप्रेस वे और हाईवे का जिक्र किया। माता गंगा के नाम पर बने गंगा एक्सप्रेस वे और 13 अन्य निर्मित हो रहे एक्सप्रेस वे का उल्लेख करते हुए बताया कि इससे 20 जिलों को फायदा मिलेगा। गंगा एक्सप्रेस वे लगभग 6 सौ कि.मी. लम्बा है। इसका शिलान्यास भी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ही किया था और अब इसका लोकार्पण किया है। उत्तर प्रदेश में अब तक 9 एक्सप्रेस वे तैयार हो चुके हैं और 13 अन्य निर्माणाधीन हैं। इस प्रकार 20 एक्सप्रेस वे के साथ उत्तर प्रदेश इस मामले में सबसे आगे निकल चुका है। गंगा एक्सप्रेस वे से भी बड़ा एक्सप्रेस वे एक और बनेगा। अभी यह 6 लेन का है लेकिन 8 लेन तक इसका विस्तार होगा। गंगा एक्सप्रेस वे पर औद्योगिक काॅरिडोर और लाॅजिस्किल हब बनेंगे। इसे दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस वे, पूर्वांचल एक्सप्रेस वे, लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस वे और प्रयागराज-वाराणसी एक्सप्रेस वे से जोड़ा गया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेरठ से प्रयागराज तक 12 जिलों को जोड़ने वाले यूपी के सबसे लंबे एक्सप्रेसवे गंगा एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन किया। 594 किलोमीटर लंबा ये एक्सप्रेसवे रिकॉर्ड 4 साल और 4 महीने में तैयार हुआ है। ये उत्तर प्रदेश का 9वां एक्सप्रेसवे है, लेकिन अभी 13 और एक्सप्रेसवे यूपी में निर्माणाधीन हैं। गंगा एक्सप्रेसवे के उद्घाटन के साथ यूपी में संचालित एक्सप्रेसवे की कुल संख्या 9 हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गंगा एक्सप्रेस का उद्धाटन करने उत्तर प्रदेश के हरदोई पहुंचे, तो उनके निशाने पर थी कांग्रेस और समाजवादी पार्टी। इस दौरान पीएम मोदी ने 2027 में होने वाले यूपी विधानसभा चुनाव के लिए गोल भी सेट कर दिया। पीएम मोदी ने कहा कि हमारा उत्तर प्रदेश भगवान राम और भगवान कृष्ण की धरती है, लेकिन पिछली सरकारों ने अपनी करतूतों के कारण यूपी की पहचान अपराध और जंगलराज की बना दी थी। यूपी के माफियाओं पर फिल्में बनती थीं। लेकिन अब यूपी की कानून व्यवस्था का देशभर में उदाहरण दिया जाता है। नारी शक्ति वंदन संशोधन विधेयक का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा, संसाधनों का बंदरबांट करने वाले सपाइयों के हाथ से सत्ता चली गई है। इसलिए उन्हें यूपी की ये प्रगति पसंद नहीं आती है, वो एक बार फिर यूपी को पुराने समय में ढकेलना चाहते हैं, वो राज्य को जाति में बांटना चाहते हैं। समाजवादी पार्टी विकास और नारी विरोधी भी है, इसलिए संसद में महिला के हक वाले बिल को पास नहीं होने दिया।
गंगा एक्सप्रेसवे के पहले दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे (210 किमी) का उद्घाटन 14 अप्रैल 2026 को पीएम मोदी ने किया था। ये उत्तर प्रदेश के बागपत, सहारनपुर जैसे जिलों से गुजरता है। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे (341 किमी) लखनऊ को गाजीपुर से जोड़ता है। बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे (296 किमी) चित्रकूट को इटावा (आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे) से जोड़ता है। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे 302 किमी लंबा है और ये आगरा और प्रदेश की राजधानी लखनऊ को जोड़ता है। यमुना एक्सप्रेसवे 165 किमी लंबा है, जो ग्रेटर नोएडा को आगरा से जोड़ता है। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे 96 किमी लंबा है, जो दिल्ली को मेरठ से बेहद कम समय में जोड़ता है। नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे 25 किमी लंबा है, जो नोएडा और ग्रेटर नोएडा के बीच मुख्य लिंक है।
गंगा एक्सप्रेसवे का रूट-गंगा एक्सप्रेसवे मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूँ, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज जैसे 12 जिलों को जोड़ता है। शाहजहांपुर के पास फाइटर जेट की लैंडिंग हेतु एयरस्ट्रिप तैयार की
गई है। यह एक्सप्रेसवे लगभग 519 गांवों से होकर गुजरता है। देश के कुल एक्सप्रेसवे नेटवर्क का लगभग 60 फीसद हिस्सा उत्तर प्रदेश में है। यूपी में कुल 1910 किलोमीटर का एक्सप्रेसवे नेटवर्क है।
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे लंबाई 63 किमी मई 2026 के पहले या दूसरे सप्ताह से ट्रैफिक शुरू होने की उम्मीद। यह दोनों शहरों का सफर 35-40 मिनट का बना देगा। कानपुर, लखनऊ के साथ उन्नाव के औद्योगिक क्षेत्रों के लिए संजीवनी साबित होगा। गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे लंबाई 700-750 किमी (यूपी का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे होगा) डीपीआर तैयार है और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया जारी है। यह उत्तर प्रदेश के 19 जिलों (संत कबीर नगर, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, बहराइच, पीलीभीत, बरेली आदि) को सीधे पश्चिम से पूर्व तक जोड़ेगा। गाजियाबाद-कानपुर एक्सप्रेसवे लंबाई 380 किमी निर्माण कार्य प्रगति पर है और 2026 के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य है। यह एक्सप्रेसवे नोएडा- गाजियाबाद क्षेत्र को कानपुर से जोड़ते हुए अलीगढ़ और कासगंज जैसे जिलों को बड़ा औद्योगिक बूस्ट देगा। गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे-लंबाई 519 किमी (यूपी में करीब 84 किमी.) है। इसके लिए भूमि अधिग्रहण और शुरुआती सिविल वर्क शुरू हो गया है। यह यूपी के गोरखपुर, देवरिया और कुशीनगर को सीधे बिहार होते हुए पश्चिम बंगाल और उत्तर पूर्व भारत से जोड़ेगा।
इस बीच यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार ने पूर्वांचल को पश्चिमी उत्तर प्रदेश से जोड़ने वाले एक और एक्सप्रेसवे को हरी झंडी दे दी है। यह 22 जिलों को जोड़ने वाला गोरखपुर-शामली एक्सप्रेसवे दिल्ली एनसीआर समेत 4 राज्यों के लिए क्रांति बनेगा। छह लेन का ये एक्सप्रेसवे 700 से 750 किलोमीटर लंबा है और आगे 8 लेन तक बढ़ाया जा सकेगा। ये ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे कृषि भूमि पर बन रहा है। इसकी लागत करीब 35 हजार करोड़ रुपये आंकी गई है। गंगा एक्सप्रेस यूपीडा ने बनाया है। वहीं गोरखपुर शामली एक्सप्रेसवे भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण बना रहा है। शामली गोरखपुर एक्सप्रेसवे यूपी के 22 जिलों और 37 तहसीलों से गुजरेगा, जबकि गंगा एक्सप्रेसवे मेरठ से प्रयागराज तक 12 जिलों को ही जोड़ता है। ये हरियाणा बॉर्डर के पास यूपी के शामली से नेपाल बॉर्डर के समानांतर गोरखपुर तक जाएगा। देश के प्रतिष्ठित अदाणी समूह ने गंगा एक्सप्रेसवे के चार में से तीन हिस्से तैयार किए हैं। 594 किलोमीटर में से 464 किलोमीटर की सड़क का निर्माण अदानी समूह को तरफ से किया गया है। ये सड़क सीमेंटेड नहीं बल्कि तारकोल से बनाई गई है। सीमेंटेड सड़क पर गर्मी के मौसम में हादसों को देखते हुए तारकोल वाली सड़क तैयार की गई है, ताकि सड़क दुर्घटनाओं पर रोक लगाई जा सके। इसमें वेस्ट यूपी के शामली, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, मेरठ, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद और संभल जिले होंगे। वहीं रुहेलखंड और मध्य यूपी में रामपुर, बरेली, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, सीतापुर, लखनऊ, बाराबंकी जिले जुड़ेंगे। पूर्वांचल में बहराइच, गोंडा, अयोध्या, बस्ती, संतकबीरनगर और गोरखपुर जिलों
को जोड़ेगा। इस एक्सप्रेसवे की
विस्तृत परियोजना रिपोर्ट फाइनल करने के साथ छोटे-छोटे चरणों में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी करने में
जुटा है। (अशोक त्रिपाठी-हिफी फीचर)



