फिल्म इंडस्ट्री को लेकर कृतिका कामरा का छलका दर्द

कृतिका कामरा ने इंडस्ट्री में अपने संघर्ष शुरुआती दिनों को याद किया। साथ ही उनका दर्द छलक पड़ा। उन्होंने बताया कि मनोरंजन जगत में बिना किसी फिल्मी बैकग्राउंड के आगे बढ़ना कई बार चुनौतीपूर्ण रहा, लेकिन उन्होंने हर मोड़ पर खुद को संभालते हुए अपनी राह बनाई। एक्ट्रेस ने कास्टिंग काउच से जुड़ा अपना अनुभव भी शेयर किया। कृतिका ने अपने शुरुआती दिनों को याद करते हुए कहा कि जब उन्होंने अभिनय की दुनिया में कदम रखा था, तब वह बेहद कम उम्र की थीं। उन्होंने इंडस्ट्री में कास्टिंग काउच के बारे में सुना था। उनका परिवार अक्सर कास्टिंग काउच की खबरें पढ़ता था। एक्ट्रेस कहती हैं कि उनका भी कास्टिंग काउच से पाला पड़ा था लेकिन वो बचकर निकल गईं। एक्ट्रेस का मानना है कि वो उनकी किस्मत अच्छी थी कि वो बच गईं। वो ऐसा नहीं मानती हैं कि वो अपनी सूझ-बूझ की वजह से ऐसे हालातों से निकल पाई थीं।
कृतिका कामरा का मानना है कि उन्होंने बहुत कम उम्र में अपने करियर की शुरुआत की थी और उस वक्त उन्हें जरा भी समझ नहीं थी। टीवी इंडस्ट्री में सफलता हासिल करने के बावजूद कृतिका को लंबे समय तक एक अलग नजरिए से देखा गया। उन्होंने महसूस किया कि मनोरंजन जगत में टीवी और फिल्मों के कलाकारों के बीच एक अनकही दूरी है। टीवी से आए कलाकारों को हीन भावना के साथ देखा जाता है। छोटे शहर से आने वाली कृतिका के लिए शुरुआत में यह समझना मुश्किल था कि एक ही पेशे में होने के बावजूद मीडियम के आधार पर लोगों के प्रति व्यवहार बदल जाता है। वो कहती हैं कि उन्हें टीवी से आने की वजह से खुद को ज्यादा साबित करना पड़ता है। कृतिका कामरा का कहना है कि फिल्म इंडस्ट्री के लोगों को आसानी से मौके मिल जाते हैं। वहीं टीवी से आए लोगों को अपने आप को साबित करने के लिए ज्यादा मेहनत करनी
पड़ती है। कृतिका ने यह भी साझा किया कि कई बार लोगों को यह देखकर आश्चर्य होता था कि वह सिर्फ एक अभिनेत्री ही नहीं, बल्कि अपने काम और
समाज को लेकर गंभीर सोच रखने वाली महिला भी हैं। उन्हें महसूस हुआ कि कई लोग कलाकारों, खासकर टीवी से आए कलाकारों को सीमित नजरिए से देखते हैं। (हिफी)



