परमाणु तकनीक के लिए अनुचित प्रतिबंध न लगें: पुतिन

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में आयोजित 11वें परमाणु अप्रसार संधि- एनपीटी समीक्षा सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि एक जिम्मेदार परमाणु शक्ति और एनपीटी के संरक्षक के रूप में रूस संधि के अनुरूप कड़ाई से पालन करता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान जटिल अंतरराष्ट्रीय स्थिति के बीच, परमाणु-हथियार-मुक्त विश्व की दिशा में आगे बढ़ने के लिए सभी देशों को मिलकर प्रयास करने की आवश्यकता है।
रूस ने कहा है कि जो देश नियमों का पालन कर रहे हैं, उन पर परमाणु तकनीक हासिल करने के लिए कोई अनुचित प्रतिबंध नहीं लगाया जाना चाहिए। पुतिन ने परमाणु-हथियार मुक्त दुनिया के लक्ष्य की ओर बढ़ने के लिए मजबूत वैश्विक प्रयासों का आह्वान किया है। इससे पहले, संयुक्त राष्ट्र महासचिव अंतोनियो गुतरेश ने एनपीटी को सक्रिय करने के लिए नए सिरे से प्रयास करने का आह्वान किया। गत 27 अप्रैल से शुरू हुआ यह सम्मेलन 22 मई तक चलेगा।
उधर, दुनिया की दो सबसे बड़ी ताकतों के बीच फोन कॉल पर एक मैराथन बातचीत हुई है और चर्चा ऐसे मुद्दों पर हुई, जो पूरी दुनिया की दिशा तय कर सकते हैं। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से फोन पर बात की है। पुतिन के राजनीतिक सलाहकार यूरी उशाकोव ने 29 अप्रैल को यह जानकारी दी और बताया कि दोनों नेताओं ने मिडिल ईस्ट के युद्ध और यूक्रेन के मुद्दे पर चर्चा की। यह कॉल 90 मिनट से ज्यादा चली और उशाकोव के अनुसार इसमें “सीधी और काम की बात” की गई। उशाकोव ने बताया कि दोनों राष्ट्रपतियों ने “ईरान और पर्शियन गल्फ की स्थिति पर खास ध्यान दिया।” उन्होंने कहा कि व्लादिमीर पुतिन का मानना है कि डोनाल्ड ट्रंप का ईरान के साथ युद्धविराम बढ़ाने का फैसला सही है, क्योंकि इससे बातचीत का मौका मिलेगा और हालात को स्थिर करने में मदद मिलेगी।



