लेखक की कलम

फारुख अब्दुल्ला करेंगे आंदोलन

जम्मू कश्मीर की सत्तारूढ़ नेशनल कांफ्रेंस केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने के लिए आंदोलन की तैयारी कर रही है। इस सिलसिले में विभिन्न प्रदेश के राजनीतिक दलों व संगठनों से बातचीत चल रही है। पार्टी द्वारा निर्णय लिया गया है कि 20 जुलाई को नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। इसके लिए पूरे प्रदेश के कार्यकर्ता दिल्ली जाएंगे, यहां पर व्यापक प्रदर्शन किया जाएगा।
नेशनल कांफ्रेंस के प्रधान एवं पूर्व मुख्यमंत्री डॉ फारूक अब्दुल्ला देश के सभी विपक्षी पार्टियों से संपर्क कर रहे हैं कि वह भी इस प्रदर्शन में भाग लें, ताकि इस मांग को प्रभावी ढंग से उठाया जा सके। प्रदेश के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला का मानना है कि अब इसमें और देरी नहीं होनी चाहिए। जम्मू कश्मीर के सभी नागरिक एकजुट होकर राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग कर रहे हैं। केंद्र सरकार को जनता की भावना का सम्मान करना चाहिए। यह किसी एक राजनीतिक दल का मुद्दा नहीं है, बल्कि राज्य की पूरी जनता की आकांक्षा है। केंद्र सरकार इस प्रस्ताव को संसद में भी पारित कर चुकी है। इसके लिए जितनी जल्दी हो सके, उतनी जल्दी बहाली होनी चाहिए।
ज्ञात रहे कि संसद में 5 अगस्त 2019 को एक प्रस्ताव पारित करके जम्मू कश्मीर राज्य का विभाजन दो केंद्रीय शासित प्रदेशों में कर दिया गया था। इसमें एक जम्मू कश्मीर प्रदेश का गठन किया गया तथा दूसरा लद्दाख को अलग से केंद्र शासित प्रदेश बनाया गया। इससे मुख्यमंत्री की शक्तियां कम हुई हैं तथा उपराज्यपाल की शक्तियां ज्यादा हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि प्रदेश की सुरक्षा व कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी उपराज्यपाल के पास है, जिससे अलगाववादियों को राजनीतिक शरण नहीं मिल पा रही। समाज विरोधी तत्वों तथा आतंकवाद में कमी आई है। इसी मुद्दे को समझते हुए केंद्र सरकार राज्य को पूर्ण दर्जा देने के लिए टालमटोल कर रही है। उन्हें डर है कि प्रदेश में आतंकवादी फिर सक्रिय हो सकते हैं, जो प्रदेश का वातावरण खराब कर सकते हैं। इसी बात को लेकर प्रदेश व केंद्र में तकरार चल रही है। इसलिए नेशनल कांफ्रेंस दिल्ली में प्रदर्शन करके केंद्र पर द्वारा दबाव बनाने का प्रयास करेगी।
वहीं, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला अपने मंत्रिमंडल का विस्तार मानसून सत्र से पहले करना चाहते हैं। विधानसभा चुनाव कांग्रेस और नेशनल कांफ्रेंस द्वारा संयुक्त रूप से लड़ा गया था परंतु कांग्रेस मंत्रिमंडल में सम्मिलित नहीं हुई। इसके बारे में कहना था कि उसे मंत्रिमंडल में कम स्थान दिए जा रहे थे, जिससे वह सहमत नहीं थी। इसलिए कांग्रेस ने कहा कि जब तक जम्मू कश्मीर केंद्रीय प्रदेश को पूर्ण राज्य का दर्जा प्राप्त नहीं होता, वह मंत्रिमंडल में सम्मिलित नहीं होगी। इस समय भी कांग्रेस के नेता इस बात को कह रहे हैं। अब तो समय ही बताएगा कि उमर सरकार द्वारा किए जा रहे मंत्रिमंडल फेरबदल में कांग्रेस सम्मिलित होती है या नहीं।
उधर, दो किताबों को लेकर राज्य मंे विवाद चल रहा है। समग्र शिक्षा अभियान के अंतर्गत दो पुस्तकें लाइब्रेरी के लिए खरीदी गई थीं, इनमें एक पुस्तक हिलाल अहमद व संतोष मीणा द्वारा लिखित पर्सनैलिटीज एंड लीजैंड ऑफ जेएंडके, दूसरी डॉक्टर सुशांत गिरी द्वारा लिखित ग्रेट पर्सनेलिटीज ऑफ जम्मू कश्मीर। यह दोनों पुस्तकें विवादों में आ गई क्योंकि इन दोनों पुस्तकों में आतंकवादियों और अलगाववादियों की प्रशंसा की गई है। इनमें तिहाड़ जेल में फांसी पर लटकाए गए मकबूल भट्ट, अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी, शब्बीर अहमद शाह, मसर्रत आलम, मीरवाइज उमर फारूक आदि को जम्मू कश्मीर की महान हस्तियां बताकर गुणगान किया है। जैसे ही यह किताब स्कूलों की लाइब्रेरी में पहुंची, उसकी सामग्री पर बवाल उठ खड़ा हुआ, परिणाम स्वरुप उपराज्यपाल मनोज सिन्हा द्वारा तुरंत कार्रवाई की गई तथा आठ अधिकारियों को निलंबित किया गया। लेखकों तथा प्रकाशकांे को काली सूची में डाल दिया गया। इसके लिए एक उच्च स्तरीय कमेटी आईएएस अश्विनी कुमार की अध्यक्षता में गठन किया गया है, जिसे 30 दिन में रिपोर्ट देने को कहा गया। इसके अतिरिक्त लाइब्रेरी से सारी पुस्तकें हटा दी गई। इस बात को गंभीरता से लेते हुए सरकार द्वारा दो दर्जन अधिकारियों की टीम गठित की गई, जो हर लाइब्रेरी में जाएगी तथा वहां रखी किताबों को देखेगी कि उनमें कोई समाज विरोधी या देश विरोधी सामग्री वाली पुस्तक तो नहीं रखी गई है। यदि ऐसी पुस्तकें हैं, तो उन्हें तुरंत हटाया जाएगा। वहीं, इस बात को गंभीरता से लेते हुए जम्मू तथा नोएडा में प्रकाशकों के कार्यालयों में छापे मार कर किताबों से संबंधित सामग्री जब्त की गई। इस संबंध में दिल्ली व जम्मू से तीन प्रकाशकों को गिरफ्तार किया गया है।
बहरहाल, जम्मू कश्मीर राज्य की प्रमुख धार्मिक अमरनाथ यात्रा जो 3 जुलाई को प्रारंभ हुई थी, उसको लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है। लगभग 4 लाख लोगों ने पंजीकरण करा लिया है। इस समय गैर पंजीकृत श्रद्धालु भारी संख्या में पहुंच रहे हैं जिन्हें संभालने में प्रशासन को बड़ी मुश्किल का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि बाबा अमरनाथ गुफा व रास्ते की परिस्थितियों को देखते हुए प्रतिदिन एक निश्चित संख्या में ही श्रद्धालु जा सकते हैं परंतु हजारों की संख्या में ऐसे श्रद्धालु पहुंच रहे हैं जिन्होंने पंजीकरण नहीं करवाया है। इस बार अमरनाथ गुफा में जो बर्फ से शिवलिंग तैयार होता वह यात्रा प्रारंभ होने के 5 दिन उपरांत की पिघल गया है, इससे उन लाखों श्रद्धालुओं को गहरा आघात लगा है, जो विशेष रूप से बर्फ के शिवलिंग के दर्शनों के लिए पहुंच रहे हैं। इस पवित्र अमरनाथ यात्रा को सफल बनाने के लिए उपराज्यपाल स्वयं सारी व्यवस्था का निरीक्षण बार-बार कर रहे हैं ताकि यात्रा सुचारू रूप से संपन्न हो सके।
पाक अधिकृत कश्मीर में 27 जुलाई को चुनाव हो रहे हैं, वहां पर 12 आरक्षित सीटों का मुद्दा बवाल का कारण बना हुआ है, जिस कारण वहां पर भारी विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। यह विरोध प्रदर्शन रावलाकोट जो विभाजन से पहले पुंछ जिले का हिस्सा था, वहां पर प्रारंभ हुए। प्रदर्शन जम्मू कश्मीर ज्वाइंट एक्शन कमेटी द्वारा चलाया जा रहा है, इन प्रदर्शनों में प्राप्त जानकारी के अनुसार 50 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं, सैंकड़ो घायल हो चुके हैं तथा सैंकड़ो हिरासत में लिए जा चुके हैं जबकि वहां की सरकार इतनी मौतों को लेकर खामोश है। वास्तव में वहां 12 सीटों का आरक्षण का मुद्दा काफी पुराना है तथा जम्मू कश्मीर ज्वाइंट एक्शन कमेटी उन्हें समाप्त करने की मांग कर रही है। यह सीटें उन लोगों के लिए आरक्षित की गई हंै, जो 1947 में देश विभाजन के समय पाक अधिकृत कश्मीर को छोड़ पाकिस्तान के अन्य स्थानों पर बस गए थे। इन सीटों के सहारे पाकिस्तान के सत्तारूढ़ पाक अधिकृत कश्मीर में अपनी पसंद का मुख्यमंत्री बना देते हैं तथा जहां की सरकार चलाते हैं, जिस कारण जहां के लोग इस धांधली से प्रसन्न नहीं हैं। उनका मानना है कि पाक अधिकृत कश्मीर जिसे आजाद कश्मीर कहते हैं, अलग है वह पाकिस्तान का हिस्सा नहीं है। इस मांग के अतिरिक्त महंगाई, बेरोजगारी, चावल, आटा आदि खाद्य पदार्थों की कीमतें बढ़ने के उपरांत उपलब्ध न होना, खनिज पदार्थ होने के उपरांत भी उसे पर कार्य न करना आदि मांगे हैं। (रमेश गुप्ता-हिफी फीचर)

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