सावन की याद दिलाता नूतन व सुनील दत्त का गाना

सावन के महीने की बात करते ही लोगों के दिल में एक सदाबहार गाना जरुर आता है, से लता मंगेशकर ने अपनी आवाज से खूबसूरत बना दिया था। हालांकि इस 59 साल पुराने गाने में एक गलती है, जिसे कई बार लोग सुनकर अनदेखा कर देते होंगे। गाना सावन का महीना पवन करे शोर, जिसे सुनील दत्त और नूतन पर फिल्माया गया था। 1967 में आई फिल्म मिलन में यह गाना सावन का महीना था, जिसके म्यूजिक डायरेक्टर लक्ष्मीकांत प्यारेलाल थे। वहीं लिरिक्स आनंद बक्शी ने लिखे थे, जबकि लता मंगेशकर और मुकेश की आवाज ने इस गाने को सदाबहार बनाया। कास्ट की बात करें तो सुनील दत्त, प्राण, नूतन, जमुना, देवेन वर्मा और श्यामा फिल्म में नजर आए थे। आनंद बक्शी द्वारा लिखे गए इस गाने के बोल कुछ इस तरह थे- सावन का महीना, पवन करे सोर, लेकिन श्सावन का महीना गाने में आनंद बख्शी ने पवन करे शोर की जगह पवन करे सोर शब्द लिखे। दरअसल, उन्होंने ऐसा इसलिए किया था क्योंकि सुनील दत्त एक ऐसे उत्तर भारतीय किरदार की भूमिका निभा रहे थे, जो गांव का रहने वाला था और कई शब्दों का उच्चारण उसी लहजे में करता था। इसकी वजह से गाने को कुछ उसी अंदाज में लिखा गया।
लता मंगेशकर की आवाज तो आज भी लोगों के बीच पॉपुलर है। यूट्यूब पर इस गाने को सुनते हुए एक यूजर ने लिखा, क्या शब्द रचना है गजब। दूसरे यूजर ने लिखा, मैं यह गाना गांव में छत पर रात के समय सुना था, जब सचमुच पुरवैया हवा बह रही थी। वह अनुभव इतना जादुई था कि मुझे आज भी याद है और इसे याद करके मेरे चेहरे पर खुशी भरी मुस्कान आ जाती है। (हिफी)



