पहली ही फिल्म से मंदाकिनी ने बनाया दीवाना

मंदाकिनी ने अपनी पहली ही बड़ी फिल्म से पूरे देश को अपना दीवाना बना लिया, जिसे अक्सर याद किया जाता है झरने के नीचे नहाने वाले सीन के लिए लेकिन उसकी कहानी कितनी दिलचस्प रही, इस पर कोई गौर नहीं कर पाया।
30 जुलाई 1963 को उत्तर प्रदेश के मेरठ में जन्मी यास्मीन जोसेफ जब बॉलीवुड में आईं, तो उनका नाम बदलकर मंदाकिनी रखा गया। उनके पिता जोसेफ एक ब्रिटिश नागरिक थे और मां मुस्लिम परिवार से ताल्लुक रखती थीं। राम तेरी गंगा मैली ने उन्हें रातोंरात स्टार बना दिया और उनकी खूबसूरती, भूरी-हरी आंखें व दमदार स्क्रीन प्रजेंस लंबे समय तक चर्चा का विषय बने रहे।
ऐसा कहा जाता है कि इनका पहला फिल्मी नाम माधुरी रखा गया।फिल्म मजलूम के लिए साइन भी किया गया लेकिन इससे पहले फिल्म मजलूम सिल्वर स्क्रीन पर आती, राजकपूर की नजर इन पर पड़ी।यह किस्सा काफी मशहूर रहा कि फिल्म राम तेरी गंगा मैली के लिए डिंपल कपाड़िया का ऑडिशन लिया गया था। बॉबी फिल्म में उनके स्वीमिंग वाले सीन्स कोई भूला नहीं था। हालांकि, वे अब तक दो बच्चों की मां बन चुकी थीं। फिर भी बॉलीवुड इनका इंतजार कर रहा था।
मंदाकिनी का करियर उतना आसान नहीं रहा। फिल्म इंडस्ट्री में पुरुष-प्रधान माहौल ने उनके लिए कई चुनौतियां खड़ी की। एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया, एक बार एक प्रोड्यूसर ने उन्हें स्क्रिप्ट सुनाई और फिल्म के लिए हां कर लिया लेकिन बाद में दूसरी अभिनेत्री को कम फीस के कारण चुन लिया गया। इस तरह की घटनाओं ने उनके करियर को प्रभावित किया।
उनका एक किस्सा यह भी मशहूर रहा कि कुमार गौरव की फिल्म लव स्टोरी के रिलीज होने से पहले शिरीन फरहाद के लिए भी उन्हें कुमार गौरव के साथ साइन किया गया था।फिल्म हिट हुई और ऐसा बताया गया कि कुमार गौरव नई हीरोइन के साथ अब काम नहीं करना चाहते हैं।लिहाजा मंदाकिनी कुमार गौरव की हीरोइन नहीं बन सकीं। (हिफी)



