पंजाब में मिथक तोड़ेंगे पूनिया

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा ने अगले साल 2027 मंे होने जा रहे विधानसभा चुनावों की रणनीति के तहत पंजाब में सतीश पूनिया को चुनाव प्रभारी बनाया है। पश्चिम बंगाल के बाद अब पंजाब में भी भाजपा अपनी सरकार बनाना चाहती है और सतीश पूनिया पर यह बहुत बड़ा दायित्व डाला गया है। पंजाब में शिरोमणि अकाली दल (एसएडी) के साथ भाजपा सरकार मंे शामिल रही लेकिन तब प्रकाश सिंह बादल ने उसे महत्व नहीं दिया था। अब हवा का रुख बदल चुका है और सुखवीर बादल की पार्टी तीसरे स्थान पर पहुंच गयी है। कुछ दिन पहले सुखबीर बादल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की थी। उस समय भी कयास लगाए गये थे कि भाजपा और शिरोमणि अकाली दल मिलकर विधानसभा चुनाव लड़ेंगे। सुखबीर बादल की पार्टी ने लोकसभा में सरकार के दो विधेयकों का समर्थन भी किया था। अब सतीश पूनिया को पंजाब मंे कमल खिलाकर वहां का मिथक तोड़ना होगा। वह हरियाणा प्रदेश के भी प्रभारी हैं।
भाजपा के राज्यसभा सांसद सतीश पूनिया को पार्टी ने दो दिनों दो बड़ी जिम्मेदारियां सौंपी हैं। पहले 18 अगस्त को उन्हें राष्ट्रीय महामंत्री बनाया गया था। जबकि अगले दिन उन्हें बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने पंजाब का प्रभारी बनाया, जहां 2027 में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं, ऐसे में सतीश पूनिया की नियुक्ति अहम मानी जा रही है। उन्होंने पंजाब में भाजपा और अकाली दल के गठबंधन को लेकर भी अहम संकेत दिए हैं। सतीश पूनिया का कहना है कि फिलहाल इस मामले में कुछ कहना जल्दबाजी होगा, पंजाब में जाने के बाद वहां नेताओं और कार्यकर्ताओं से बात करनी होगी, जबकि केंद्रीय नेतृत्व की तरफ से जो निर्देश मिलेगा, उसी के आधार पर आगे का फैसला लिया जाएगा।
पिछले दिनों प्रधानमंत्री और अकाली दल के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल की बैठक के बाद अकाली दल और बीजेपी के गठबंधन को लेकर शुरू हुए संकेत पर सतीश पूनिया ने कहा फिलहाल अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगी। मुझे सबसे बात करनी होगी। पंजाब में धरातल पर क्या स्थितियां हैं, उसे समझना होगा। क्योंकि बीजेपी विचार के आधार पर चलने वाली पार्टी है। उसी के आधार पर काम होगा। बीजेपी ने अटल युग से गठबंधन की राजनीति को मजबूती दी है, लोकतंत्र के लिए हमेशा समझौते भी किए हैं। प्रकाश सिंह बादल के दौर से अकाली दल के साथ बीजेपी की अच्छी कैमेस्ट्री थी। राजनीतिक और रणनीतिक तौर पर पार्टी के लिए जो अच्छा होगा वह किया जाएगा। पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार पर निशाना साधते हुए सतीश पूनिया ने कहा बीजेपी मिथक को तोड़ने का काम करती है। कहा जाता था कि हरियाणा में बीजेपी नहीं जीतेगी, लेकिन हरियाणा में हमने तीसरी बार सरकार बनाई। दिल्ली में भी कहा जाता था कि आप नहीं हारेगी, लेकिन बीजेपी ने दिल्ली में चुनाव जीता। पंजाब की जनता आप के शासन से त्रस्त है। इसलिए पंजाब की जनता में आप के खिलाफ अंडर करंट है। हमारी आने वाली समय में जो रणनीति होगी उसी पर काम होगा। बीजेपी वहां अच्छे नंबर लाना चाहेगी।
क्यों पंजाब में अहम मानी जा रही सतीश पूनिया की नियुक्ति पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले सतीश पूनिया की नियुक्ति अहम मानी जा रही है। वह इससे पहले हरियाणा के प्रभारी रहे हैं, राजस्थान उनका गृहराज्य है। दोनों ही पंजाब से लगे हुए हैं।
(अशोक त्रिपाठी-हिफी फीचर)



