अरुण गोविल के अलावा अन्य लोगों को भी राम की भूमिका ने दी शोहरत

मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम सनातन धर्म की आत्मा माने जाते हैं। उनके आदर्श, संस्कार और जीवन के मूल्य आज भी लोगों के लिए मार्गदर्शन का काम करते हैं। 22 जनवरी की तारीख धार्मिक और ऐतिहासिक दोनों रूप से खास है, क्योंकि साल 2024 में इसी दिन अयोध्या में राम मंदिर में रामलला की भव्य प्राण प्रतिष्ठा हुई थी।
भगवान राम की कथा सिर्फ मंदिरों या धार्मिक ग्रंथों तक सीमित नहीं रही है। साउथ सिनेमा, बॉलीवुड और टीवी की दुनिया में समय-समय पर श्रीराम के जीवन, संघर्ष और मर्यादा को पर्दे पर उतारा गया है। इन कहानियों के जरिए नई पीढ़ी भी रामकथा से जुड़ी और उनके आदर्शों से प्रेरणा लेती रही है। साउथ सिनेमा में एनटीआर यानी एन.टी. रामाराव को भगवान राम के किरदार के लिए खास पहचान मिली। उन्होंने ‘लव कुश’, ‘श्री रामानजनेय युद्धम’ और ‘सीता राम कल्याण’ जैसी फिल्मों में राम की भूमिका निभाई। उन्होंने कई देवी-देवताओं के किरदार किए, लेकिन राम का रोल उनके करियर का सबसे यादगार माना जाता है। साल 1997 में आई फिल्म ‘बाला रामायणम’ में जूनियर एनटीआर ने बाल राम का किरदार निभाया था। फिल्म में माता सीता की भूमिका स्मिता माधव ने निभाई थी। गुनाशेखर के निर्देशन में बनी इस फिल्म ने उसी साल सर्वश्रेष्ठ बाल फिल्म का राष्ट्रीय पुरस्कार भी जीता। यह फिल्म बच्चों के नजरिए से रामायण, खासकर वनवास की कहानी दिखाती है। जितेंद्र ने साल 1987 में फिल्म ‘लव कुश’ में राम की भूमिका निभाई थी। इस फिल्म में जया प्रदा सीता और अरुण गोविल लक्ष्मण के रोल में थे। (हिफी)



