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आर्मी में मेजर थे बिक्रमजीत कंवरपाल

बाॅलीवुड के कई कलाकारों ने एक्टिंग इंडस्ट्री में कदम रखने से पहले अन्य फील्ड में काम किया। कोई बिजनेसमैन तो कोई इंजीनियर रहा, लेकिन फिर इन्हें एक्टिंग का चस्का लगा और इन्होंने एक्टिंग की दुनिया का रुख कर लिया। इन्हीं अभिनेताओं में से एक थे बिक्रमजीत कंवरपाल, जो कभी भारतीय सेना में मेजर के पद पर कार्यरत रहे और सियाचिन ग्लेशियर में फौलाद की तरह डटे रहे। शौर्य उनकी रगों में बहता था। लेकिन बिक्रमजीत कंवरपाल को एक्टर बनने का शौक चढ़ा और आर्मी से रिटायरमेंट के बाद उन्होंने अभिनय का रुख कर लिया।
एक्टर बिक्रमजीत कंवरपाल हिमाचल प्रदेश के सोलन से थे। उनके पिता का नाम मेजर द्वारका नाथ कंवरपाल था, जो खुद भी भारतीय सेना के एक सम्मानित अधिकारी और कीर्ति चक्र विजेता थे, जिसके चलते उनकी परवरिश भी आर्मी की छावनियों में हुआ। एक स्ट्रिक्ट माहौल में रहने के चलते उनके लिए अनुशासन एक लाइफस्टाइल बन चुकी थी। उन्होंने देश के सबसे प्रतिष्ठित स्कूलों में से एक लॉरेंस स्कूल, सनवार से पढ़ाई की और इसी दौरान उनके मन में अभिनय का ख्याल आने लगा। वह अक्सर स्कूल के नाटकों में भाग लेते थे, लेकिन जब करियर की बात आई तो पिता के नक्शे कदम पर चलते हुए भारतीय सेना के हॉडसन्स हॉर्स (आर्मर्ड कॉर्प्स) में कमीशन प्राप्त किया।
बिक्रमजीत कंवरपाल ने दुनिया के सबसे खतरनाक युद्धक्षेत्रों में से एक सियाचिन ग्लेशियर में भी अपनी सेवाएं दीं, जहां उन्हें फौलादी आत्मविश्वास मिला, जिसके दम पर उन्होंने मायानगरी मुंबई की रुख किया और सभी संघर्षों का सामना करते हुए अपना एक्टर बनने का सपना पूरा किया। उन्होंने 34 की उम्र में पहली बार कैमरा फेस किया। पहली बार पूजा भट्ट की पाप (2003) में काम करने का मौका मिला और फिर उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा।बिक्रमजीत कंवरपाल उन गिने-चुने अभिनेताओं में से थे, जिन्हें कभी अभिनय सीखने की जरूरत नहीं पड़ी। (हिफी)

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