जिम में हिन्दू लड़कियों का ब्रेनवाश
उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में जिम सेंटर्स की आड़ में चल रहे लवजेहाद की एक बड़ी साजिश का पर्दाफाश हुआ है। स्थानीय पुलिस ने जिम करने वाली हिंदू लड़कियों को प्रेम जाल में फंसाकर ब्लैकमेलिंग और जबरन धर्मांतरण कराने वाले गिरोह के खिलाफ कार्रवाई की है। जिम में चल रहे धर्मांतरण के खेल में यूपी पुलिस के सिपाही की भी संलिप्तता सामने आने पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। आयरन फायर जिम का संचालन यूपी पुलिस के एक सिपाही इरशाद खां की ही निगरानी में होता था। जिसमें इरशाद का शागिर्द फरीद अहमद था, जिसे पुलिस ने सुबह मुठभेड़ में गोली मारकर पकड़ा है।
डीआईजी सोमेन बर्मा के अनुसार सिपाही इरशाद इस समय माधोसिंह रेलवे स्टेशन पर जीआरपी में तैनात है। मूल रूप से गाजीपुर के गहमर का निवासी इरशाद खां पिछले कई वर्ष से आयरन फायर जिम का संचालन करता आ रहा है, पर कागजों पर संचालन फरीद अहमद करता था। कागजों पर जिम का मालिक होने के साथ जिम में फरीद अहमद ट्रेनर के रूप में कार्य करता था। इरशाद भी ड्यूटी खत्म करके जिम में आता था। उसका परिवार मिर्जापुर में ही रहता है। एक वर्ष पहले वह माधोपुर स्टेशन पर जीआरपी में गया है। उससे पहले वह मिर्जापुर में ही विभिन्न थानों पर न्यायालय ड्यूटी में तैनात था। पुलिस ने आरोपी फरीद को मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया। मुठभेड़ के दौरान उसके बाएं पैर में गोली लगी है। फरीद जिम में आने वाली लड़कियों से दोस्ती करके प्रेम जाल में फंसा कर उनका वीडियो बनाने के बाद ब्लैकमेल करने और धर्म परिवर्तन करने का दबाव बनाता था।पीड़ितों ने बताया कि उन्हें बुर्का पहनने और घर पर पांच वक्त नमाज पढ़ने के लिए मजबूर किया जाता था। उन्हें दरगाह भी ले जाया गया और कलमा पढ़कर उनका धर्मांतरण करवा दिया गया। उन्होंने ये भी बताया कि उनके विरोध करने पर आरोपियों ने गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। पुलिस के अनुसार, अबतक इस मामले में 6 गिरफ्तारियां हो चुकीं हैं, जिसमें मुख्य आरोपी फरीद को 22 जनवरी की सुबह पुलिस मुठभेड़ के दौरान गोली मारकर पकड़ा गया है। इसके कुछ घंटे बाद हेड कांस्टेबल को गिरफ्तार करने का खुलासा पुलिस ने किया।
बता दें, थाना कोतवाली देहात पर दो अलग-अलग पीड़िताओं द्वारा दी गई तहरीरों के आधार पर गंभीर आरोप दर्ज किए गए थे। पीड़िताओं ने बताया था कि फरीद जिम में आने वाली लड़कियों से दोस्ती करता था और बाद में उन्हें बहला-फुसलाकर प्रेम जाल में फंसा कर उनका वीडियो बना लेता था। इसके बाद फिर ब्लैकमेल करके धर्म परिवर्तन का दबाव बनाता था। मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल दोनों मामले पंजीकृत किए गए और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सोमेन बर्मा के निर्देश पर एसओजी सहित चार पुलिस टीमों का गठन किया गया।
पुलिस के अनुसार, विशेष समुदाय के युवकों द्वारा संचालित इन जिम में आने वाली युवतियों से पहले दोस्ती की जाती थी। फिर धीरे-धीरे उन पर धर्मांतरण के लिए दबाव बनाया जाता था। जांच के दौरान गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल फोन की तलाशी ली गई जिसमें कई आपत्तिजनक फोटो और वीडियो बरामद हुए हैं। पुलिस सूत्रों का कहना है कि इन मोबाइल फोनों में लगभग 30 से 40 युवतियों की तस्वीरें और वीडियो मिले हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि करीब 35 हिंदू युवतियां कथित तौर पर आरोपियों के निशाने पर थीं।
डीआईजी ने बताया कि 20 जनवरी 2026 को दो आरोपियों मोहम्मद शेख अली आलम और फैजल खान को गिरफ्तार किया गया। इनके मोबाइल फोन व अन्य डिजिटल साक्ष्य के आधार पर आगे की कार्रवाई में जहीर और शादाब को भी गिरफ्तार किया गया। जांच में सामने आया कि आरोपी जहीर केजीएन-01 जिम का मालिक है तथा केजीएन-02, केजीएन-03 और आयरन फायर जिम से भी ये आरोपी जुड़े रहे हैं। पीड़िताएं इन्हीं जिमों में जाती थीं। एविडेंस से कोई छेड़छाड़ न हो, इसलिए पुलिस ने संबंधित जिमों को फिलहाल सील कर दिया है।
देहात कोतवाली में दी गई तहरीर में लड़कियों ने बताया कि नारघाट महुवरिया इलाके के 5 जिमों में मालिक और ट्रेनर वर्कआउट के लिए आने वाली हिंदू लड़कियों से पहले दोस्ती करते हैं। फिर अश्लील फोटो, वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करते हैं। उन पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाते हैं। अब तक गिरफ्तार आरोपियों में मोहम्मद शेख अली आलम (31 वर्ष) फैजल खान (34 वर्ष), जहीर (32 वर्ष), शादाब (36 वर्ष), फरीद अहमद (28 वर्ष) और जीआरपी के हेड कांस्टेबल इरशाद खां (40 वर्ष) शामिल हैं। पुलिस ने यह भी खुलासा किया कि किसी भी जिम में महिला ट्रेनर की तैनाती नहीं थी।
एएसपी सिटी नितेश सिंह ने बताया कि मोहम्मद शेख अली आलम और फैजल पहले केजीएन में जिम ट्रेनर थे। वहां उन्होंने दो सालों तक काम किया। दो महीने से दोनों नकहरा स्थित शंकर गिरी के बी-फिट जिम में ट्रेनर के रूप में काम कर रहे थे। यहां भी जिम में ट्रेनिंग देने के नाम पर लड़कियों से नजदीकियां बढ़ाई जाती थीं। 50 से ज्यादा लड़कियों के साथ ब्लैकमेलिंग के सबूत मिले हैं। ट्रेनरों के पिछले दो साल के सीडीआर की भी जांच की जा रही है, जिससे यह पता चलेगा कि वे किन-किन लोगों के संपर्क में रहे हैं।
इससे पूर्व भी हरियाणा, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, बिहार समेत देश के कई राज्यों में जिम में हिन्दू लड़कियों को बरगलाने और लवजेहाद करने के मामले सामने आ चुके हैं। पिछले दिनों अलीगढ़ से जिम में आई लड़की को फंसाकर शारीरिक शोषण करने और धमकाने का मामला पुलिस तक पहुंच गया। थाना रोरावर क्षेत्र में एक जिम संचालक रजा खान पर नाम छिपाकर हिन्दू युवती के साथ दुष्कर्म करने और निकाह के लिए दबाव बनाने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई। हिंदू युवती से दुष्कर्म करने वाला आरोपी जिम संचालक रजा खान शादीशुदा होने के साथ दो बच्चों का पिता है।
इसी तरह मध्यप्रदेश के इंदौर के भंवरकुआं इलाके में एक जिम ट्रेनर को युवती के साथ घूमते हुए बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने पकड़ लिया। उसकी पिटाई कर उसे थाने ले जाया गया। पुलिस ने जिम ट्रेनर के खिलाफ प्रतिबंधात्मक धाराओं में कार्रवाई की है, साथ ही उसे जेल भी भेज दिया।
भोपाल के हबीबगंज थाना क्षेत्र में एक हिंदू युवती के साथ मुस्लिम युवक होटल में पकड़ा गया। आरोपी युवक का नाम मजहर है और वह जिम ट्रेनर है, लेकिन उसने जिम में आने वाली युवती को अपना नाम बंटी बताकर दोस्ती की थी। मजहर को बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने होटल में पकड़ा और पीटने के बाद पुलिस को सौंप दिया।इसी तरह इंदौर में एक जिम ट्रेनर पर पीड़िता ने नशीली कोल्ड ड्रिंक पिलाकर बलात्कार करने का आरोप लगाया । वह एरोड्रम थाना पहुंची और शिकायत में बताया, मकसूद मुझसे ‘रमेश’ बनकर मिला और इवेंट मैनेजमेंट के काम के लिए बिजासन टेकरी के सामने बुलाया। बात करने के बहाने कोल्ड ड्रिंक में नशीली सामग्री पिलाकर कार में बलात्कार किया। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर आरोपी जिम ट्रेनर मकसूद खान के खिलाफ बलात्कार सहित विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया था। आपको बता दें धर्मगुरु साध्वी प्राची ने कहा कि मुस्लिम ब्यूटी पार्लर, जिम, मजारें आदि लव जिहाद के कुछ गिने-चुने अड्डे बनते जा रहे हैं। वह देश के हिंदू समाज से यह आह्वान करना चाहती हैं कि अपनी बेटियों को इन जगहों पर भेजना बंद करें।(मनोज कुमार अग्रवाल-हिफी फीचर)


