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मीरा राजपूत ने सास व ननद के साथ पी काफी

शाहिद कपूर की पत्नी मीरा राजपूत एक्टिंग की दुनिया से भले ही दूर हों, लेकिन फिर भी अपने अंदाज से सबका ध्यान खींचती रहती हैं। मीरा राजपूत एक बिजनेसवूमन हैं जो अपना एक वेलनेस सेंटर चलाती हैं। इसके अलावा, मीरा का एक स्किन केयर ब्रांड भी है। बिजनेसवूमन होने के चलते मीरा राजपूत काफी बिजी रहती हैं। अपने बिजी शेड्यूल में से कुछ वक्त निकालकर मीरा ने अपनी सास और ननद के साथ कॉफी पी है और काफी गपशप भी की। हाल ही में मीरा राजपूत, शाहिद कपूर की स्टेप मदर सुप्रिया पाठक और उनकी बेटी सना कपूर से मिलीं। तीनों ने कॉफी की सिप को एंजॉय करते हुए काफी बातें भी कीं। सना कपूर ने इस मुलाकात की एक फोटो शेयर की, जिसका कैप्शन काफी चर्चा बटोर रहा है। सास सुप्रिया पाठकर अपनी बेटी सना से भी ज्यादा बहू मीरा से प्यार करती हैं। ये हम नहीं, बल्कि खुद सना कपूर का कहना है।
रविवार, 22 फरवरी को सना कपूर ने अपने इंस्टाग्राम पर एक फोटो शेयर की, जिसमें सना, मीरा और सुप्रिया नजर आ रही हैं। इस फोटो को स्टोरी पर शेयर करते हुए सना कपूर ने लिखा, “कॉफी और गपशप। अगर कोई डाउट है कि मॉम किसे ज्यादा प्यार करती हैं तो ये रहा साफ सबूत। प्लीज ध्यान दो कि मॉम किससे ज्यादा चिपक रही हैं।” मीरा का शाहिद कपूर की मां और जानी-मानी एक्ट्रेस नीलिमा अजीम के साथ भी उतना ही मजबूत रिश्ता है। दोनों को अक्सर एक साथ समय बिताते हुए देखा जाता है। मीरा सोशल मीडिया पर अपनी आउटिंग और सेलिब्रेशन के वीडियो और फोटोज शेयर करती हैं। शाहिद कपूर और मीरा राजपूत की बात करें तो दोनों ने 7 जुलाई, 2015 को दिल्ली में एक छोटी सी सेरेमनी में शादी की थी।
वोग वैल्यूज: वुमन ऑफ एक्सीलेंस के पहले संस्करण में , नेतृत्व और उद्यमिता पर चर्चा के दौरान एक सरल प्रश्न पर विचार किया गया कि महिलाएं स्वयं की उन्नति करते हुए दूसरों के लिए अवसर कैसे खोल सकती हैं? वोग इंडिया की डिजिटल संपादक सारा हुसैन द्वारा संचालित इस चर्चा में धुन वेलनेस की संस्थापक मीरा राजपूत कपूर, अभिनेत्री, निवेशक और निर्माता सामंथा रुथ प्रभु और मान देशी महिला सहकारी बैंक की संस्थापक चेतना गाला सिन्हा शामिल हुईं। मीरा से पूछा गया कि महिलाएं रोजमर्रा के जीवन में दूसरों के लिए अवसर कैसे पैदा कर सकती हैं, तो उनका जवाब बेहद सहज और दिल को छू लेने वाला था। उन्होंने बताया कि कैसे वह अपनी बेटी मीशा को पैसे और काम से जुड़ी बातचीत में शामिल करती हैं, और इस बात पर जोर देती हैं कि युवा पीढ़ी को ऐसी दुनिया में पलना-बढ़ना चाहिए जहां सीमित अपेक्षाएं न हों। (हिफी)

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