रफी को याद किया, रिहर्सल करते हुआ था इंतकाल

मोहम्मद रफी बॉलीवुड संगीत की दुनिया का ऐसा नाम हैं कि उन्होंने दर्जनों गानों के जरिए लाखों दिलों में जगह बनाई। भले ही मोहम्मद रफी का निधन हो गया है लेकिन उनकी सुरीली आवाज आज भी दुनिया के सामने गूंजती रहती है और उनकी याद दिलाती रहती है।
गायक मोहम्मद रफी के बेटे शाहिद रफी ने हाल ही में रियलिटी शो इंडियन आइडल के एक खास एपिसोड में अपने पिता के अंतिम क्षणों को याद किया। तनिष्क शुक्ला के प्रदर्शन के बाद भावुक हुए शाहिद ने अपने पिता के आखिरी दिनों और उनके अंतिम क्षणों में घटी घटनाओं का वर्णन किया। शाहिद ने बताया कि उनके पिता ने अपनी मृत्यु से कुछ समय पहले ही अपना आखिरी गाना रिकॉर्ड किया था और तबीयत ठीक न होने के बावजूद रिहर्सल में भी शामिल हुए थे। उन्होंने उस पल का जिक्र किया जब उनके पिता को सीने में दर्द हुआ और उन्हें अस्पताल ले जाना पड़ा। उन्होंने बताया कि तुरंत डॉक्टरों को बुलाया गया, लेकिन रास्ते में ही हालत गंभीर हो गई।मोहम्मद रफी के बेटे शाहिद रफी ने बताया, रफी साहब का आखिरी गाना था, और इसे लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल जी ने संगीतबद्ध किया था, यह उनका आखिरी गाना था। दो दिन के बाद पिताजी का निधन हो गया। उसी दिन रिहर्सल किए थे और रिहर्सल किए थे, रिहर्सल होने के समय पर उनके सीने में दर्द उठा था। दवा के लिए, मम्मा को शक हुआ, उन्हें बोला डॉक्टर को बुलाओ। माहीम और बॉम्बे अस्पताल के बीच जब पिताजी यात्रा कर रहे थे, तभी उन्हें सीने में दर्द हुआ और एम्बुलेंस से तुरंत डॉक्टर को बुलाया गया। अधिकतम पांच मिनट में डॉक्टर ने कहा, श्अफसोस, वे अब हमारे बीच नहीं हैं।श् इस एपिसोड में मोहम्मद रफी और मुकेश के गीतों को श्रद्धांजलि दी गई। दिग्गज संगीतकार प्यारेलाल शर्मा भी अतिथि के रूप में उपस्थित थे। प्रतियोगियों ने हिंदी फिल्म संगीत के स्वर्णिम युग के गीतों पर प्रस्तुति दी, जिससे दिग्गज गायकों की यादें ताजा हो गईं। (हिफी)



