संजय दत्त के नामकरण के लिए आए थे 18 हजार सुझाव

बॉलीवुड एक्टर संजय दत्त का नाम उनके पिता सुनील दत्त और मां नरगिस ने नहीं रखा था। बल्कि, बेटे के नाम के लिए इस दिग्गज कपल ने एक अनोखा तरीका अपनाया था। और इसके लिए उनके पास 18 हजार सुझाव आए थे। हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता संजय दत्त ने बॉलीवुड में अपने पिता सुनील दत्त और मां नरगिस की तरह ही नाम कमाया है। अपने 45 साल के करियर में कई बेहतरीन फिल्मों से फैंस का दिल जीत चुके संजय दत्त अपनी एक्टिंग के साथ-साथ अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर भी काफी सुर्खियों में रहे हैं। सुनील दत्त और नरगिस ने अपने लाडले संजय दत्त का नाम खुद नहीं रखा था। बल्कि इसके लिए उन्होंने एक अनोखा तरीका अपनाया था। बेटे को नाम देने के लिए इस दिग्गज कपल ने लोगों की मदद ली थी। कपल ने एक अखबार में एड भेजा था, जिसके बाद उन्होंने संजय का नाम रखा था। इसके लिए 18 हजार से ज्यादा नाम सुनील दत्त और नरगिस के पास आए थे। इनमें से आखिर में 20 नामों को सेलेक्ट किया गया था और फिर इनमें से एक नाम चुना गया। संजय दत्त और नरगिस की नजदीकियां साल 1957 में रिलीज हुई फिल्म ‘मदर इंडिया’ के सेट पर बढ़ी थी। इसके बाद दोनों ने साल 1958 में शादी रचा ली थी। लेकिन, ये शादी आसान नहीं थी। क्योंकि सुनील जहां हिंदू थे तो वहीं नरगिस का ताल्लुक मुस्लिम धर्म से था। हालांकि दोनों ने अपने प्यार के खातिर धर्म की दीवारें तोड़ते हुए एक दूसरे का हाथ हमेशा-हमेशा के लिए थाम लिया। शादी के बाद सुनील दत्त और नरगिस के तीन बच्चे हुए। संजय दत्त के अलावा उनकी दो बेटियां नम्रता दत्त और प्रिया दत्त भी हैं। बेटे के जन्म पर कपल ने लाडले के नाम के लिए लोगों के सुझाव मांगे थे। दोनों को सुझावों में सबसे ज्यादा पसंद जो नाम आया था वो था संजय। इसके बाद कपल ने बेटे को ये ही नाम देने का फैसला लिया था। (हिफी)



