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पंजाब कांग्रेस में गृह कलह

पंजाब में भाजपा की पकड़ मजबूत नहीं है, इसलिए यहां कांग्रेस ने आसानी से पैर जमा लिये थे। कैप्टन अमरेन्द्र सिंह जैसे नेता कांग्रेस को मिले और सरकार बन गयी लेकिन नवजोत सिंह सिद्धू ने कैप्टन की सरकार को लगातार परेशानी मंे डाला। इसका नतीजा यह हुआ कि कैप्टन अमरेन्द्र ने कांग्रेस छोड़ कर नयी पार्टी बना ली। कांग्रेस के हाथ से सत्ता चली गयी। आम आदमी पार्टी रनर से विनर बन गयी। अब वहां कांग्रेस अपने संगठन के आपसी विवाद कम करने का प्रयास कर रही है तब नवजोत सिद्धू की पत्नी नवजोत कौर ने कांग्रेस हाई कमान पर मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित करने के लिए 500 करोड़ रुपये लेने का आरोप लगाया है। नवजोत कौर ने तो राहुल गांधी और खरगे को सीधे-सीधे आरोपों के कठघरे मंे खड़ा कर दिया है। स्वाभाविक रूप से कांग्रेस ने इसका प्रतिरोध किया और नवजोत कौर को चेतावनी दी है कि चिंगारी का खेल अच्छे नतीजे नहीं दे सकता।
नवजोत कौर कहती हैं कि अगर कांग्रेस नवजोत सिंह सिद्धू को सीएम फेस बनाती है तो वह पूरी तरह तैयार हैं लेकिन पार्टी में अंदरखाने जो खींचतान चल रही है, वह पंजाब कांग्रेस की दिशा और सिद्धू की भूमिका दोनों को बड़े सवालों के घेरे में ला रही है। नवजोत कौर का यह बयान ऐसे समय में आया है जब पंजाब कांग्रेस अपने अंदरूनी झगड़ों से उबरने की कोशिश कर रही है। नवजोत कौर के अनुसार कांग्रेस में सीएम पद के लिए कई दावेदार हैं और इन नेताओं के बीच शक्ति और संसाधनों की खींचतान साफ दिखती है। उन्होंने तंज करते हुए कहा हमारे पास 500 करोड़ नहीं हैं कि किसी को कुर्सी दिलाने के लिए दे दें। इस बयान को पार्टी के अंदर मौजूद कथित गुटबाजी और नेतृत्व संकट पर सीधी चोट माना जा रहा है। नवजोत कौर और नवजोत सिंह सिद्धू ने पंजाब के गवर्नर से मुलाकात कर कई अहम मुद्दों पर अपनी बात रखी। इनमें चंडीगढ़ के आसपास सरकारी जमीनों पर बने अवैध घरों को वैध करने, पंजाब में खराब होती कानून व्यवस्था को ठीक करने, पंजाब यूनिवर्सिटी में सीनेट चुनावर कराने और गुरु तेग बहादुर के नाम पर दिल्ली रेलवे स्टेशन का नामकरण करना प्रमुख है।।
नवजोत कौर ने साफ कहा कि नवजोत सिंह सिद्धू तभी राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाएंगे, जब उन्हें कोई स्पष्ट जिम्मेदारी दी जाएगी। उन्होंने बताया कि सिद्धू ने लोकल बॉडी मंत्री रहते हुए कई निवेश योजनाएं बनाई थीं, लेकिन हालात ऐसे बने कि वे आगे नहीं बढ़ सकीं।
यह पूरा मामला पंजाब कांग्रेस की उस गहरी गुटबाजी को फिर सामने लाता है, जिसकी जड़ें कई वर्षों से पार्टी को कमजोर करती रही हैं। नवजोत सिंह सिद्धू जैसे करिश्माई नेता को 2022 के चुनावों में सीएम फेस नहीं बनाया गया था, बल्कि उनकी जगह चरणजीत सिंह चन्नी को आगे कर दिया गया और यही वह मोड़ था जब सिद्धू ने इस्तीफा दे दिया। पंजाब आम आदमी पार्टी (आप) के जनरल सेक्रेटरी बलतेज पन्नू ने नवजोत कौर सिद्धू के सनसनीखेज खुलासे के बाद कांग्रेस पर तीखा हमला किया। पन्नू ने कहा कि नवजोत कौर के बयानों ने कांग्रेस के काम करने के तरीके और निजी महत्वाकांक्षाओं और सौदों के लिए राज्य के हितों को कैसे दरकिनार किया जाता है, इसकी कड़वी सच्चाई को सामने ला दिया है। ‘आप’ नेता ने कहा कि कांग्रेस नेता नवजोत सिद्धू की पत्नी नवजोत कौर सिद्धू ने दो दावे किए। एक-नवजोत सिद्धू पंजाब की राजनीति में तभी दोबारा आएंगे जब कांग्रेस पहले उन्हें मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित करेगी और सिद्धू परिवार के पास देने के लिए 500 करोड़ रुपए नहीं होंगे, जिसका मतलब है कि कांग्रेस में सीएम बनने के लिए 500 करोड़ रुपए की डील की जरूरत होगी। पन्नू ने सवाल किया कि क्या कांग्रेस नेतृत्व सच में सीएम का चेहरा 500 करोड़ रुपए में बेचता है। उन्होंने कहा, “अगर सिद्धू कहते हैं कि उनके पास 500 करोड़ रुपए नहीं हैं, तो यह रकम कौन देता है? यह पैसा कहां जाता है? स्टेट यूनिट प्रेसिडेंट को? हाईकमान को? राहुल गांधी या खरगे को? पंजाब के लोगों को इसका जवाब मिलना चाहिए।” ‘आप’ लीडर पन्नू ने याद दिलाया कि नवजोत सिंह सिद्धू पंजाब कांग्रेस प्रेसिडेंट, एमपी, एमएलए और कैबिनेट मिनिस्टर रह चुके हैं। क्या ये पोस्ट भी खरीदी गई थीं? क्या उन्हें कम रकम देकर कांग्रेस प्रेसिडेंट बनाया गया था? कांग्रेस में डिप्टी सीएम या मिनिस्टर बनने के लिए कितने करोड़ चाहिए?
सिद्धू की कंडीशनल पॉलिटिक्स की आलोचना करते हुए पन्नू ने कहा कि यह चैंकाने वाला है कि सिद्धू परिवार का दावा है कि पंजाब के “सुनहरे दिन” तभी आएंगे जब सिद्धू को सीएम का चेहरा बनाया जाएगा। उन्होंने कहा, “अगर कांग्रेस उन्हें अनाउंस नहीं करती है तो पंजाब को नुकसान हो सकता है। यही उनका संदेश है। क्या पंजाब नवजोत सिद्धू के लिए सिर्फ मोलभाव का जरिया है?”
पन्नू ने सिद्धू के दिखावटी प्रेस कॉन्फ्रेंस को लेकर भी सवाल किया कि अगर सिद्धू के पास पंजाब में कांग्रेस को फिर से खड़ा करने का कोई जादुई फार्मूला है, तो उन्होंने मंत्री या कांग्रेस प्रेसिडेंट रहते हुए इसे कभी लागू क्यों नहीं किया? ‘आप’ नेता ने मांग की कि कांग्रेस तुरंत साफ करे क्या सीएम चेहरा बनने के लिए 500 करोड़ रुपए चाहिए? क्या कांग्रेस ने यह पैसा राज्य में घूम रहे छह-सात सीएम कैंडिडेट से इकट्ठा किया है?
पंजाब की पूर्व मंत्री नवजोत कौर सिद्धू के दावों के बाद कांग्रेस पार्टी में अंतर्कलह शुरू हो चुकी है। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने कांग्रेस की नेता नवजोत कौर सिद्धू पर पलटवार किया है और पार्टी से बाहर जाने की नसीहत भी दी। सुरेंद्र राजपूत ने कांग्रेस नेता नवजोत कौर सिद्धू की ओर से पार्टी पर लगाए गए आरोपों पर कहा, “नवजोत कौर सिद्धू बीमार होने के बाद शायद दवाओं के असर से मानसिक संतुलन खो बैठी हैं। उन्हें एक अच्छे डॉक्टर की आवश्यकता है।”
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा, “नवजोत कौर सिद्धू हों या नवजोत सिंह सिद्धू, दोनों ही कांग्रेस पार्टी में भारतीय जनता पार्टी से आए थे। तो क्या वे भाजपा में कोई अटैची देकर रहे थे? नवजोत कौर सिद्धू को पता होना चाहिए कि यही वे थीं, जो कांग्रेस की बड़ाई करते नहीं थकती थीं। बीमारी के बाद अगर दवाओं का मानसिक असर हो गया है, तो ऐसे लोगों पर ज्यादा परेशान होने या प्रतिक्रिया देने की आवश्यकता नहीं है।”
सुरेन्द्र राजपूत कहते हैं “अगर उनके (नवजोत कौर) पास कोई प्रमाण है तो वह सामने आकर बताएं। अगर उन्हें किसी और पार्टी में जाना है तो जाएं। वे अनर्गल बात न करें तो बेहतर है, क्योंकि चिंगारी का खेल बुरा है।” इससे पहले, पूर्व मंत्री नवजोत कौर सिद्धू ने दावा किया कि नवजोत कौर सिद्धू के आरोपों के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) भी कांग्रेस पर हमलावर है। भाजपा की आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “इस तरह के आरोप पहले भी छत्तीसगढ़, तेलंगाना और कर्नाटक जैसे राज्यों में सामने आए, जहां कांग्रेस के कई नेताओं ने पार्टी के अंदरूनी भ्रष्टाचार और पैसे की ताकत को लेकर चिंता जताई। किसी भी लोकतंत्र में जवाबदेही और पारदर्शिता जरूरी है। जाहिर है कि नवजोत कौर ने पंजाब कांग्रेस मंे फिर से गृहकलह पैदा कर दी है।
(अशोक त्रिपाठी-हिफी फीचर))

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